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जामिया फ़ायरिंग: पुलिस ने कहा, कोई गोली नहीं मिली
दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में रविवार देर रात गोलीबारी का मामला सामने आया है.
हालांकि फ़ायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से कोई भी गोली नहीं मिली है. देर रात इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई थी. जामिया नगर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत केस दर्ज किया गया.
पिछले चार दिनों में दिल्ली में हुई यह तीसरी गोलीबारी है.
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक़ दो अज्ञात व्यक्ति स्कूटी पर यूनिवर्सिटी के गेट नंबर-5 के बाहर आए.
चश्मदीदों का कहना है कि लाल जैकेट पहने एक शख़्स ने गेट के बाहर गोली चलाई.
जामिया को-ऑर्डिनेशन कमिटी के अल अमीन कबीर ने बीबीसी हिंदी को बताया, ''फ़ायरिंग गेट नंबर पाँच और सात के बीच में हुई. फ़ायरिंग करने वाले दो अनजान लोग थे. चश्मदीदों के मुताबिक़, फ़ायरिंग करने वाले लाल स्कूटी पर सवार थे.''
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मोबाइल से फ़िल्माए गए कुछ वीडियो जो सोशल मीडिया पर शेयर किए गए हैं, उनमें लोग गोलीबारी की ख़बर सुनकर इधर-उधर भागते नज़र आ रहे हैं.
राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) को लेकर पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
हमले के एक दिन पहले ही जामिया प्रशासन ने नोटिस जारी किया था जिसमे छात्रों को यूनिवर्सिटी के भीतर किसी भी तरह का प्रदर्शन नहीं करने को लेकर चेतावनी जारी की गई थी.
वहीं 30 जनवरी को जामिया नगर में भी फ़ायरिंग का एक मामला सामने आया था. इसमें 17 वर्षीय एक युवक ने फ़ायरिंग की थी. इस फ़ायरिंग में जामिया का एक छात्र घायल भी हुआ था. बाद में पुलिस ने हमलावर को गिरफ़्तार भी कर लिया था.
इस युवक ने गोली चलाते हुए 'आओ आज़ादी ले लो' कहा था और फ़ायरिंग से पहले फ़ेसबुक पर कई भड़काऊ पोस्ट लिखी थी.
इससे पहले शनिवार को ही दिन में सीएए-विरोधी प्रदर्शनों के केंद्र शाहीन बाग़ में भी एक युवक ने गोली चलाई थी.
गोली चलाने वाले युवक की पहचान कपिल गुर्जर के तौर पर हुई है. गोली चलाने के बाद उसने कहा था, "इस देश में सिर्फ़ हिंदुओं की चलेगी, किसी और की नहीं चलेगी."
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इस फ़ायरिंग में भी कोई घायल नहीं हुआ था.
हमले के बाद शाहीन बाग़ की प्रदर्शनकारी महिलाओं, 'फ़ोरम ऑफ़ सिटिज़न फ़ॉर इक्वल राइट्स', 'सिटिज़न फ़ॉर जस्टिस ऐंड पीस' और कुछ अन्य संगठनों ने इस बारे में डीसीपी, निर्वाचन आयोग, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को चिट्ठी लिखी है.
इस चिट्ठी में कहा गया, "शाहीन बाग़ के प्रदर्शन को मिली धमकी वास्तविक है. ये धमकियां वही लोग दे रहे हैं जो सत्ता में ताक़तवर पदों पर बैठे हैं. हम आपसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हैं."
इससे कुछ दिनों पहले बीजेपी नेता ने एक रैली में 'गोली चलवाने वाला' नारा लगवाया था. बीजेपी के कपिल मिश्रा और परवेश वर्मा ने भी कुछ भड़काऊ बयान दिए थे. इन बयानों के मद्देनज़र चुनाव आयोग ने अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के चुनाव प्रचार करने पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया एल्युमनाई एसोसिएशन ने भी अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा और परवेश वर्मा के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
असोसिएशन ने आरोप लगाया है कि जामिया में लगातार हुई फ़ायरिंग की घटनाओं में इन नेताओं के भड़काऊ भाषणों का भी हाथ है.
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