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अमित शाह की रैली में 'गोली मारो' के नारे पर बोलीं ममता बनर्जी, 'ये बंगाल है, दिल्ली नहीं...'
- Author, प्रभाकर मणि तिवारी
- पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
- पढ़ने का समय: 4 मिनट
कोलकाता पुलिस ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली के दौरान 'गोली मारो...' का नारा लगाने के आरोप में तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया है.
शाह की रैली में शामिल होने के लिए जाते समय कुछ कार्यकर्ताओं ने यह नारा लगाया था.
तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और सीपीएम ने इस नारेबाज़ी की आलोचना की है. लेकिन बीजेपी ने इसका बचाव करते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस की साज़िश करार दिया है.
पुलिस ने बताया कि महानगर के न्यू मार्केट थाने में रविवार देर रात कुछ अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी.
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा बताते हैं, "बीती रात एफआईआर दर्ज होने के बाद सीसीटीवी फ़ुटेज खंगालकर अभियुक्तों की शिनाख़्त की गई. इसी आधार पर सुरेंद्र कुमार तिवारी (55), पंकज प्रसाद और धुव्र बसु (71) को सोमवार तड़के गिरफ़्तार किया गया. उनको आज अदालत में पेश किया जाएगा."
अमित शाह के दौरे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन
रविवार को वाम दलों और कांग्रेस ने शाह के दौरे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था. उन्होंने 'शाह गो बैक' के नारे लगाते हुए उनको काले झंडे दिखाए थे.
कोलकाता में कई जगह शाह के पुतले भी जलाए गए थे.
इसी दौरान धर्मतल्ला इलाके के जवाहर लाल नेहरू रोड पर रैली में शामिल होने के लिए जा रहे भाजपा समर्थक इन दोनों दलों के समर्थकों से भिड़ गए.
उसी दौरान कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'गोली मारो' का नारा लगाया.
इस नारेबाज़ी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सरकार ने पुलिस को इसकी जांच का निर्देश दिया.
उसके बाद ही पुलिस अभियुक्तों की तलाश में जुट गई.
ममता बनर्जी ने क्या कहा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शाह के दौरे के दौरान गोली मारो....नारा लगाने की निंदा की है. उन्होंने कहा, "ये नारा आग लगाने वाला, उत्तेजक और गैरकानूनी है. यह कोलकाता है, दिल्ली नहीं. यह बंगाल है. अगर हमने एक भी व्यक्ति को छोड़ दिया तो दूसरों का मनोबल बढ़ेगा."
ममता ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल की कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में बात करने वालों को पहले इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि दिल्ली की हिंसा भड़काने वाले भाजपा नेताओं को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? यहां तो कल गोली मारो....नारा लगा था और आज पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
मुख्यमंत्री का कहना था कि गद्दार कौन है इसका फैसला आम लोग करेंगे. तुम इसका फैसला करने वाले कौन होते हो?
उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले में बाकी अभियुक्तों को तलाश रही है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से वीडियो फुटेज के आधार पर अभियुक्तों को पहचानने में मदद करने और पुलिस को इसकी सूचना देने को कहा है. उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कानून हाथ में नहीं लेने को भी कहा है.
तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
तृणमूल कांग्रेस समेत तमाम दलों ने कोलकाता में ऐसे नारे लगाने के लिए भाजपा की आलोचना की है.
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फ़िरहाद हकीम कहते हैं, "बंगाल में गोली मारो... के नारे से लोगों का दिल नहीं जीता जा सकता."
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्र कहते हैं, "यही भाजपा की संस्कृति है. लेकिन आख़िर पुलिस ने उसी समय नारे लगाने वालों को गिरफ़्तार क्यों नहीं किया?"
माकपा के पोलित ब्यूरो सदस्य मोहम्मद सलीम का कहना था, "भाजपा ने सांप्रदयिक तनाव फैलाने के मकसद से ही रविवार की रैली आयोजित की थी और पहले कभी किसी ने ऐसा नारा लगाने का दुस्साहस नहीं दिखाया था."
कई बुद्धिजीवियों ने भी इस नारे के लिए भाजपा को आड़े हाथों लिया है.
जाने-माने अभिनेता सोमित्र चटर्जी ने कहा है, "भाजपा का चाल-चरित्र ही अलोकतांत्रिक है. यह फासीवाद की राह पर चल रही है."
साहित्यकार शीर्षेंदु मुखर्जी का कहना है, "ऐसे नारे लगाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. यह पार्टी लोकतंत्र औऱ कानून-व्यवस्था की कोई परवाह नहीं करती. आखिर हम किसी दिशा में बढ़ रहे हैं?"
क्या बोली बीजेपी
दूसरी ओर, बीजेपी ने अपने समर्थकों की गिरफ़्तारी को तृणमूल कांग्रेस की साज़िश क़रार दिया है. एक अभियुक्त ध्रुव बसु के घरवाले उनके बेकसूर होने का दावा करते हैं.
धुव्र के नज़दीक रिश्तेदार रंजीत बसु दावा करते हैं, "धुव्र एक अनुशासित कार्यकर्ता है. वह ऐसे नारे नहीं लगा सकता. उसे फंसाया गया है."
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष कहते हैं, "मुझे नहीं पता कि यह नारा किसने लगाया था. मैंने भी कहा था कि देश की संपत्ति नष्ट करने वालों को गोली मार देनी चाहिए. लेकिन ऐसे नारों के लिए भद्र भाषा इस्तेमाल की जानी चाहिए."
घोष इस मामले में पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी को साज़िश क़रार देते हैं.
उनका कहना है, "ममता बनर्जी सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं को लगातार झूठे मामलों में फंसा कर परेशान कर रही है."
बांकुड़ा के भाजपा सांसद सुभाष नस्कर कहते हैं, "रैली में तृणमूल कांग्रेस के कुछ लोगों ने यह नारा लगा कर पार्टी को बदनाम करने की साज़िश की है."
बीते सप्ताह भुवनेश्वर में अमित शाह के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बैठक हुई थी.
इस बैठक को लेकर कांग्रेस और वामदलों ने ममता पर भाजपा के साथ गोपनीय तालमेल का आरोप लगाया था.
राजनीतिक शास्त्र के प्रोफ़ेसर रहे समरेश सान्याल कहते हैं, "राज्य सरकार को लेकर विपक्ष ने बीजेपी के साथ तालमेल के जो आरोप लगाए थे, उनसे अपनी छवि साफ़ करने की कवायद के तहत ही सरकार के इसारे पर पुलिस ने नारे लगाने वालों पर त्वरित कार्रवाई की है."
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