मध्य प्रदेश: गैंगरेप की एफ़आईआर नहीं दर्ज हुई तो महिला ने की आत्महत्या, पुलिसकर्मी गिरफ्तार

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- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, भोपाल से
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर ज़िले में कथित तौर पर तीन दिनों तक सामूहिक बलात्कार की एफ़आईआर न दर्ज किए जाने से परेशान एक विवाहित दलित महिला ने आत्महत्या कर ली.
इस महिला की आत्महत्या के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामलें को गंभीरता से लेते हुए दो पुलिस अधिकारियों को हटा दिया है. वहीं, दो चौकी प्रभारियों को सह आरोपी बनाते हुए उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने इस मामलें में पांच लोगों के ख़िलाफ प्रकरण दर्ज किया है. इनमें तीन के ख़िलाफ़ बलात्कार का मामला और दो के ख़िलाफ पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है.
इसके अलावा दो पुलिस अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय भोपाल में अटैच कर दिया गया है. रिपोर्ट न लिखने और मामले में लापरवाही की वजह से चिचली थाना प्रभारी अनिल सिंह और गोटिटोरिया चौकी प्रभारी मिश्रीलाल कुड़ापे को भी गिरफ्तार किया गया है.
इन्हें सरकार ने शुक्रवार को ही निलंबित कर दिया था. पुलिस ने सामूहिक बलात्कार में शामिल तीन मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक़, जिले के चीचली थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित महिला ने शुक्रवार सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.
मृतका के पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया है. इसकी रिपोर्ट लिखाने वे तीन दिन से पुलिस के चक्कर लगा रहे थे. अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस ने उसके साथ गाली गलौच की और उसके पति और जेठ को ही लॉकअप में बंद कर दिया.

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अभियुक्तों को गिरफ्तारी
मृतका के पति ने बताया, "28 सितंबर को मेरी पत्नी गांव में खेत में चारा काटने गई थी. जहां पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया. घर लौट कर उसने पूरी घटना बताई. जब हम लोग रात को ही गोटिटोरिया पुलिस चौकी पहुंचे. लेकिन वहां आवेदन लेकर दूसरे दिन मेडिकल कराने की बात कही गई. अगले दिन भी रिपोर्ट नहीं लिखी गई."
30 सितंबर को वो एक बार फिर चीचली थाने गए. लेकिन पुलिस ने महिला और उसके जेठ को ही बंद कर दिया. वही यह भी बताया जा रहा है कि छोड़ने के लिये उसके पति से पैसे लिए गए. जिसके बाद महिला ने ख़ुदकुशी कर ली.
नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया, "इस मामलें में सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है. मैं परिवार से मिलने गया था और उन्होंने जो बात बताई उसके बाद दो पुलिसवालों को भी सह-आरोपी बनाया गया है और उनकी गिरफ्तारी की जा चुकी है."
पुलिस ने दो थाना प्रभारियों के ख़िलाफ धारा 166-ए के तहत कारवाई की है. इसमें एफ़आईआर नही लिखे जाने की वजह से उनके ख़िलाफ़ दर्ज किया गया है.
वही पीड़िता की ननद ने बताया, "हमने पुलिसवालों से बहुत विनती की कि हमारी रिपोर्ट लिख लें. लेकिन वो किसी भी तरह से तैयार नही थे. तीन पुलिसवाले थे जिन्होंने बुरा व्यवहार किया. इसी वजह से भाभी ने आत्महत्या कर ली."

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मध्य प्रदेश में उपचुनाव
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि एक अन्य महिला लीलाबाई ने पीड़िता पर कथित तौर पर ताना मारा था जिसके बाद वो घर गई और उसने फांसी लगाकर अपना जीवन ही समाप्त कर लिया.
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, "मैं बहनों और माओं के ख़िलाफ किसी भी तरह के अपराध को बर्दाश्त नही करूंगा. जो इस तरह के अपराध करेंगे उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाएगा."
वहीं, नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने भी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, "भाजपा शासित प्रदेशों में बेटी बचाओं नारे की यही हक़ीक़त है. उत्तर प्रदेश के साथ ही महिलाओं के साथ मध्य प्रदेश में भी लगातार अपराध घट रहे हैं."
मध्य प्रदेश में अगले माह 28 सीटों पर उपचुनाव है. इन चुनावों में किसी भी पार्टी की जीत और हार से ही सरकार का भविष्य तय होगा. इसलिए यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है.
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