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आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज: निर्मला सीतारमण ने घरों के लिए टैक्स में राहत के अलावा और क्या-क्या घोषणा की
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुस्त अर्थव्यवस्था को रफ़्तार देने के उद्देश्य से गुरुवार को आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 की घोषणा की है जो 2.65 लाख करोड़ का है.
इस घोषणा के दौरान अलग-अलग सेक्टर के लिए ख़ास पैकेजों की घोषणा की गई. जिनमें से सबसे अधिक चर्चा 'आत्मनिर्भर भारत रोज़गार योजना' और घर ख़रीदने में आयकर में छूट दिए जाने की हो रही है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पीएम आवास योजना- शहरी के लिए 18,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त ख़र्च किए जा रहे हैं. इससे 12 लाख घरों का निर्माण शुरू होगा और 18 लाख घर बनकर तैयार होंगे.
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने 2 करोड़ रुपये तक के घरों की पहली बिक्री के सर्कल रेट और एग्रीमेंट वेल्यू के बीच अंतर को 10 फ़ीसदी की जगह 20 फ़ीसदी कर दिया है. यह योजना 30 जून 2021 तक लागू होगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे घर ख़रीदने वालों और रियल एस्टेट डिवेलपर्स दोनों को लाभ होगा. इससे घर ख़रीदार को आयकर क़ानून की धारा 56(2)(x) के तहत छूट मिलेगी.
इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत रोज़गार योजना की भी घोषणा की. यह एक ख़ास सब्सिडी स्कीम है जिसके तहत अधिक नौकरियां पैदा करना है.
इस योजना के तहत जो कंपनियां नई नौकरियां देगीं उन्हें केंद्र सरकार की ओर से एक ख़ास ईपीएफ़ सब्सिडी दी जाएगी. यह ईपीएफ़ सब्सिडी नौकरी मिलने के दो साल तक दी जाएगी.
ईपीएफ़ओ में रजिस्टर्ड कोई कंपनी अगर 15,000 रुपये से कम की नई नौकरी किसी को देती है तो उसे यह लाभ दिया जाएगा.
वित्त मंत्री ने और क्या-क्या घोषणाएं कीं...
- केंद्र सरकार कर्मचारियों के योगदान का 12 फ़ीसदी और नियोक्ता को योगदान का 12 फ़ीसदी यानी 24 फ़ीसदी अपनी ओर से देगी.
- 1,000 तक कर्मचारियों वाली कंपनी में सरकार 24 फ़ीसदी ईपीएफ़ सब्सिडी देगी जबकि 1,000 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी में नए कर्मचारियों का 12 फ़ीसदी शेयर लौटाएगी.
- पांच महीनों में 13 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को 1,377 करोड़ से अधिक क़र्ज़ दिया जा चुका है. पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के तहत 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को एक साल के लिए 10,000 रुपये का क़र्ज़ दिया जाना है.
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा. इसका इस्तेमाल मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जैसी योजनाओं में होगा.
- आने वाली रबी फ़सल के सीज़न के लिए किसानों को उर्वरक मिल सके इसके लिए 65,000 करोड़ रुपये के फ़ंड का प्रावधान किया गया है.
- इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) को बढ़ा कर 31 मार्च, 2021 कर दिया गया है. दबावग्रस्त 26 सेक्टर्स और स्वास्थ्य विभाग की पहचान की गई. कामत कमेटी की अनुशंसा के मुताबिक इन्हें इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत लाभ दिया जाएगा. इस योजना के तहत कोलेट्रल फ़्री लोन दिया जाता है. मूलधन चुकाने के लिए पांच वर्षों (एक वर्ष मोरॉटोरियम + चार वर्ष क़र्ज़ चुकाने के लिए) का समय दिया जाएगा.
- निर्यात बढ़ाने के लिए एग्ज़िम बैंक को तीन हज़ार करोड़ रुपये लाइन ऑफ़ क्रेडिट के रूप में दिए जाएंगे.
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग़रीब रोज़गार योजना के तहत 10 हज़ार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान.
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