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मथुरा में बाबरी विध्वंस की बरसी पर कड़ी सुरक्षा, धारा 144 लागू
- Author, अनंत झणाणे
- पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिन्दी के लिए
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर मथुरा में कड़े सुरक्षा के इंतज़ाम किये गए हैं. पुलिस बलों की भारी तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से शाही ईदगाह पर पुलिस नज़र बनाए हुए है. पूरे ज़िले में धारा 144 लगा दी गई है.
मथुरा शहर को चार सुपर ज़ोन में बांटा गया है और इसमें 24 घंटे एडिशनल एसपी रैंक के एक अधिकारी को तैनात किया गया है.
छह ज़ोन में डिप्टी एसपी को तैनात किया है. आठ सेक्टर में इंस्पेक्टर प्रभारियों को तैनात किया गया है.
शहर में 143 ऐसे पॉइंट्स हैं जहाँ पर पिकेट ड्यूटी लगी हैं. रैपिड एक्शन फ़ोर्स की एक कंपनी और सीआरपीएफ़ की छह कंपनियां तैनात की गई हैं.
इसके अलावा पीएसी की 10 कंपनियां, 1400 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल, 200 सब इंस्पेक्टर और 60 इंस्पेक्टर की भी तैनाती की गई है.
मथुरा के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया, "जनपदीय पुलिस के साथ-साथ हमें आगरा रेंज और आगरा ज़ोन से भारी संख्या में पुलिस बल प्राप्त हुआ है. कोई भी व्यक्ति ऐसी कोई घटना की कोशिश करता है, या इस प्रकार की कोई बात करता है तो उसके ख़िलाफ बहुत सख़्त कार्रवाई की जाएगी."
अखिल भारत हिंदू महासभा की घोषणा
दरअसल, अखिल भारत हिन्दू महासभा नाम के एक संगठन ने प्रेस वार्ता कर इस बात का ऐलान किया था कि वो छह दिसंबर को मथुरा की शाही ईदगाह के लिए मार्च निकाल कर मस्जिद में बाल गोपाल की मूर्ति स्थापित कर उसका जलाभिषेक करेंगे.
लेकिन, मथुरा प्रशासन ने इस कार्यक्रम की इजाज़त नहीं दी. अब इस संगठन के मुताबिक़ यह कार्यक्रम दिल्ली के जंतर-मंतर में सोमवार दोपहर 12 बजे रखा गया है.
इसके अलावा श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति दल नाम के एक धार्मिक संगठन ने भी छह दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि संकल्प यात्रा का आह्वान किया था लेकिन बाद में घोषणा की कि वो प्रशासन का सहयोग करते हुए यात्रा स्थगित कर रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है.
मथुरा पुलिस का दावा है कि वो सोशल मीडिया पर भड़काऊ और विवादित पोस्ट करने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है.
एसएसपी गौरव ग्रोवर ने कहा, "सोशल मीडिया पर भी विशेष रूप से नज़र रखी जा रही है. सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर पहले भी मुकदमे लिखे गए हैं और अगर कोई ऐसी पोस्ट डालता है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी."
उप-मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण पर किया था ट्वीट
एक दिसंबर को उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था, "अयोध्या काशी भव्य मंदिर निर्माण जारी है, मथुरा की तैयारी है". इस ट्वीट के बाद सियासी बहस छिड़ गई थी.
इस विवादित ट्वीट के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने इस मुद्दे को और आगे बढ़ाते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से पूछा था, "बताएं की श्री कृष्ण जन्मभूमि पर भगवान श्री कृष्ण का भव्य मंदिर बनाने का विरोध करते हैं कि समर्थन करते हैं? चुनाव का मुद्दा न श्री राम जन्मभूमि का मंदिर है, न बाबा विश्वनाथ का मंदिर है और न ही श्री कृष्ण जन्म भूमि का मंदिर है. अखिलेश यादव कहते हैं कि वो कृष्ण भक्त हैं, मैं राम भक्त हूँ. तो बताएं कि वो कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर चाहते हैं कि नहीं चाहते हैं?"
मथुरा के साथ-साथ अयोध्या में बाबरी विध्वंस की बरसी पर सुरक्षा बढ़ाई गई है. यहां बढ़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है.
छह दिसंबर 1992 को सोलहवीं सदी की बनी बाबरी मस्जिद को एक भीड़ ने ढहा दिया था जिसे लेकर देश भर में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया और हिंसा हुई थी. साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आए फ़ैसले के बाद अयोध्या में अब राम मंदिर का निर्माण हो रहा है.
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