केरल के रिवाजों के अनुसार हुए एक निकाह को लेकर कर्नाटक में विवाद क्यों हुआ

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- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
हाल ही में केरल के रीति रिवाजों के अनुसार हुए एक मुस्लिम युवक के निकाह के बाद कुछ ऐसा हुआ जिससे कर्नाटक में उनके ख़िलाफ़ धार्मिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने की शिकायत दर्ज कराई गई है.
कर्नाटक के तटवर्ती ज़िले दक्षिण कन्नड़ में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक दूल्हा सुपारी के पौधे से बना हुआ मुकुट पहने हुए हैं और उनका चेहरा काले रंग से पुता हुआ है.
इस वीडियो को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच बहस जारी है. और दोनों ही समुदाय इसे हिंदू आस्था के प्रति "अपमान" की नज़र से देख रहे हैं.
कहा जा रहा है कि दूल्हे ने अनुसूचित जाति कोरागा समुदाय के कोरागज्जा की तरह अपने सिर पर मुकुट पहना और चेहरे को काला किया.
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क्या कहते हैं मुस्लिम नेता
दक्षिण कन्नड़ मुस्लिम संघ के अध्यक्ष के अशरफ ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हमने इसका विरोध किया है क्योंकि ऐसी किसी परंपरा, जो ग़ैर-इस्लामिक है, से किसी अन्य समुदाय की भावनाएं आहत करना ग़लत है. ये मुस्लिम सभ्यता नहीं है. यही नहीं, काज़ी इस रिवाज़ के ख़िलाफ़ फतवा जारी करने पर विचार कर रहे हैं."
पुलिस में दर्ज कराई गयी शिकायत में चेतन प्रभु नामक व्यक्ति ने कहा है कि यह "हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं का अपमान है और इस तरह का बेशर्मी भरा काम समाज में अशांति और आपसी सद्भाव भंग कर सकता है."
प्रभु ने आईपीसी की धाराओं सेक्शन 153 और सेक्शन 295 के तहत कार्रवाई करने की मांग की है.
इस मामले के केंद्र में जो शख़्स हैं उनका नाम उमरुल्लाह बशिथ है और वह केरल के कासरगोड़ में मंजेश्वर तालुका के उप्पला गाँव में रहते हैं.
हाल ही में दक्षिण कन्नड़ ज़िले के बंतवाल तालुका के सालेथुर गांव की रहने वाली लड़की से उनकी शादी हुई है.
कर्नाटक के सालेथुर गांव के दक्षिण में केरल की मंजेश्वर तालुक है जहां उनके पति रहते हैं.
बसिथ और उनके दोस्त दो दिन पहले लगभग दस बजे दुल्हन के घर पहुंचे थे. और दुल्हन के घर में जाने से पहले लड़के और उसके दोस्तों ने काफ़ी शोर-शराबे के बीच डांस किया.
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क्या कहते हैं कोरागा समुदाय के लोग
हालांकि, कोरोगा संघत्ना संघ की पूर्व अध्यक्ष सुशीला नाड ने बीबीसी को बताया कि "कोरागज्जा की कोई झलक नहीं थी. और दूल्हे द्वारा पहने गए मुकुट में कोई समानता नहीं थी. इस मुद्दे को बेमतलब में हिंदुओं के अपमान का मसला बताया जा रहा है. जबकि अपमान की कोई बात नहीं है. कुछ लोग इस मुद्दे को उन मुद्दों की तरह तूल दे रहे हैं जिनसे सामाजिक सद्भाव भंग होता है."
वहीं, कोरागा संघ से जुड़े मातादी कहते हैं, "दूल्हा टी-शर्ट भी पहने था. और क्योंकि उसका चेहरा काले रंग से पुता था, इसका ये मतलब नहीं है कि वह हमारी कोरागज्जा देवी जैसा दिख रहा था. वह पड़ोसी राज्य के युवा लोग हैं."
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इसके साथ ही डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष मुनीर कतिपाला बताते हैं, "यह दोनों राज्यों कर्नाटक और केरल की सीमा के क़रीब स्थित गाँव है. उत्तरी केरल में मुसलमानों के बीच एक परंपरा है कि दूल्हा शादी के बाद अपने दोस्तों के साथ रात्रिभोज पर दुल्हन के घर पहुंचता है. इसे कासरगोड़ में 'थला' के नाम से जाना जाता है. प्राथमिक रूप से यह केरल के मोफ्ला लोगों की परंपरा है."
मुनीर के मुताबिक़, "संघ परिवार के लोग सांप्रदायिक नफ़रत के अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, मुस्लिम पक्ष इस्लाम की शुद्धता पर जोर देने की कोशिश कर रहा है."
लेकिन अशरफ़ ने बताया, "ये सिर्फ किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करना भर नहीं हैं. जब इस तरह की शादियां होती हैं तो लड़के वाले देर रात लड़की के घर पहुंचकर हंगामा करते हैं. इससे मुसलमानों का नाम भी ख़राब होता है. ये मुस्लिम कल्चर नहीं है."
इस मामले में सबसे अहम शख़्स बसिथ से संपर्क नहीं हो सका लेकिन एक वीडियो में उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने का इरादा नहीं था. ये मजेदार था, मेरे दोस्त मस्ती करना चाहते थे. अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं माफ़ी मांगता हूं."
दक्षिण कन्नड़ ज़िले के पुलिस अधीक्षक सोनावने ऋषिकेश भगावान ने बताया है कि इस मामले में युवक के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है.
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