पोखरण पर विवाद निरर्थक: मनमोहन

पोखरण परमाणु धमाका
इमेज कैप्शन, वर्ष 1998 में 11 और 13 मई को राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण हुए थे

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों पर पैदा हुआ विवाद निरर्थक है और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम इस बारे में स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई और सरकारी समाचार माध्यमों के अनुसार मनमोहन सिंह ने राजस्थान के रामसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ये टिप्पणी की है.

उनका कहना था, "कुछ वैज्ञानिकों ने एक ग़लत तस्वीर पेश की है जिसका कोई मतलब नहीं है. डॉक्टर कलाम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ये परीक्षण सफल थे."

भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के परमाणु वैज्ञानिक रहे - के संथानम ने हाल में मई 1998 के भारतीय परमाणु परीक्षणों के पूरी तरह से सफल न होने की बात कही थी.

इस टिप्पणी पर विभिन्न राजनीतिक हलकों, वैज्ञानिकों और सुरक्षा अधिकारियों ने अपनी-अपनी टिप्पणी दी थी और अधिकतर ने के संथानम की बात का खंडन किया था.

परमाणु वैज्ञानिक के संथानम 11 और 13 मई 1998 को किए गए पाँच परमाणु परीक्षणों के दौरान राजस्थान में पोखरण में मौजूद थे.

उस समय एपीजे अब्दुल कलाम रक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक सलाहकार थे और वे भी परमाणु परीक्षणों के दौरान वहीं मौजूद थे.