ज्योति बसु की हालत और बिगड़ी

वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता ज्योति बसु की हालत और बिगड़ती जा रही है. उनके प्रमुख अंगों ने काम करना बंद कर दिया है और अब उन पर इलाज का असर भी दिखाई नहीं पड़ रहा है.
रात को उनकी हालत बहुत बिगड़ने के बाद उनके परिवारजनों को अस्पताल बुला लिया गया था.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठतम नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की उम्र 95 वर्ष है और पहली जनवरी को निमोनिया हो जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था.
ज्योति बसु का इलाज कर रहे डॉक्टरों की आठ सदस्यीय टीम के सदस्य डॉ सुश्रुत बैनर्जी ने पत्रकारों को बताया, "उनके विभिन्न अंगों ने काम करना बंद कर दिया है. उनके फेफड़े ठीक तरह से काम नहीं कर रहे हैं इसलिए उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. उनके हृदय और गुर्दे भी पूरी तरह से काम नहीं कर रहे हैं."
जबकि टीम के एक और सदस्य एके मैती ने कहा है, "उनकी हालत बहुत-बहुत नाज़ुक है. उनके हृदय और लीवर की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही है. उनका मस्तिष्क भी अब पहले जैसी प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है."
गुर्दे के काम न करने की वजह से उनका डायलिसिस किया जा रहा है. ख़ून में ऑक्सीजन की कमी की वजह से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है.
उनकी हालत पर किए गए एक सवाल के जवाब में डॉ सुश्रुत बैनर्जी ने कहा, "उनकी हालत बद से बदतर ही हुई है."
डॉक्टरों ने कहा है कि वे कह नहीं सकते कि कब क्या हो जाएगा.
शुक्रवार को आधी रात के बाद एकाएक ज्योति बसु की हालत बहुत बिगड़ गई तो उनके परिवारजनों को अस्पताल बुलवा लिया गया था.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य और पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी शुक्रवार को उन्हें देखने अस्पताल पहुँचे थे.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गत सात जनवरी को उन्हें देखने अस्पताल पहुँचे थे.
































