गायब करने की दिशा में नई खोज

गायब कर देने वाली चादर
इमेज कैप्शन, अदृश्य कर देने वाली यह चादर छोटे-छोटे छड़ों से मिलकर बनी पॉलिमर क्रिस्टल होती है.

वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ऐसा उपकरण बनाया है जो किसी वस्तु के तीनों आयामों को ग़ायब कर देता है.

उनका ये आविष्कार किसी चीज़ को पूरी तरह ग़ायब कर देने की दिशा में एक शुरूआती मगर महत्वपूर्ण क़दम बताया जा रहा है.

प्रतिष्ठित विज्ञान जर्नल साइंस में प्रकाशित इस शोध की रिपोर्ट में बताया गया है कि लंबे कोट या लबादे के जैसा दिखनेवाला ये उपकरण प्रकाश की ऐसी किरणों का इस्तेमाल कर किसी वस्तु को छिपा देता है जो किरणें केवल मनुष्य देख सकते हैं.

किसी वस्तु को ग़ायब करने की दिशा में प्रयोग लगातार होते रहे हैं और पहले वैज्ञानिकों ने जो भी कुछ उपकरण बनाया उससे किसी वस्तु को केवल एक दिशा से आनेवाली किरणों को नियंत्रित कर अदृश्य किया जा सकता था.

लेकिन किसी और तरफ़ से देखने पर वह वस्तु देखी जा सकती थी.

नई खोज जर्मनी की कार्लस्रूह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक टोल्गा इरगिन की अगुआई में की गई है.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने असल में एक फोटोनिक मेटामैटिरियल की खोज की है.

फोटोनिक क्रिस्टल

फोटोनिक मेटामैटिरियल प्रकाश किरणों के व्यवहार को प्रभावित कर देता है.

इस काम में फोटोनिक क्रिस्टल अक्सर कारगर होता है.

इसकी वजह है कि इन क्रिस्टलों के तत्व प्रकाश की उन किरणों से नहीं दिख पाते हैं जो हमें चीजों को देखने में मदद देती हैं.

यह उपकरण जिस बुनियादी सिद्धांत पर आधारित है, उसे सबसे पहले इंपीरियल कॉलेज लंदन के प्रोफेसर सर जॉन पेन्ड्री ने प्रस्तावित किया था.

प्रोफेसर जॉन इस अध्ययन में भी शामिल हुए थे.

प्रकाश को मोड़ देता है

इसके बनाने का सिद्धांत है- प्रकाश की चाल और उस दिशा को बदल देना जिस दिशा में प्रकाश पदार्थ से होकर गुजरता है.

विज्ञान की भाषा में इसका मतलब है पदार्थ के अपवर्तनांक को बदल देना.

प्रकाश किरणें
इमेज कैप्शन, फोटोनिक क्रिस्टलों के तत्व प्रकाश की उन किरणों से नहीं दिख पाते हैं जो हमें चीजों को देखने में मदद देती हैं.

शोधार्थियों ने इसके लिए बहुत ही छोटे छड़ों से मिलकर बने पॉलिमर क्रिस्टल का इस्तेमाल किया.

डॉ. इरगिन बताते हैं, ‘‘छड़ की मोटाई बदलकर आप हवा और पॉलिमर के अनुपात को बदल सकते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि हवा का अपवर्तनांक एक है और पॉलिमर का अपवर्तनांक तकरीबन 1.52 है. सो, सिद्धांत के तौर पर हम इन दोनों के बीच कोई भी अपवर्तनांक पा सकते हैं.’’

तीन आयामी वाले उपकरण को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने लेजर राइटिंग का इस्तेमाल किया.

तीनों विमाएं अदृश्य

शुरू-शुरू में तैयार किया गया उपकरण दो आयामों में काम करता था.

यानि अदृश्य कर देने वाली चादर वस्तु को दो विमाओं से अदृश्य कर देती थी.

इरगिन और उनके साथियों ने इस बात की गणना की कि प्रकाश की किरणें किसी वस्तु से कैसे गुजरती हैं.

इन्होंने पाया कि वे इस तकनीक का इस्तेमाल करके एक ऐसी संरचना तैयार कर सकते हैं जो वस्तु को तीन आयामों से अदृश्य कर देने में कारगर हो.