कसाब के ख़िलाफ़ सुनवाई पूरी

मुंबई हमलों में एकमात्र जीवित पकड़े गए हमलावर अजमल आमिर कसाब के ख़िलाफ़ सुनवाई पूरी हो गई है और अब इस मामले में तीन मई को फ़ैसला सुनाया जाएगा.
26 नवंबर 2008 की रात कसाब को गिरफ़्तार किया गया था और उसके बाद से ही मामला चल रहा था.
विशेष अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया क़रीब सात महीने चली है जिसमें अभियोजन पक्ष ने 650 गवाहों को पेश किया.
अदालत में जब न्यायाधीश ने कसाब से कहा कि उनके ख़िलाफ़ सुनवाई पूरी हो गई है और फ़ैसला तीन मई को सुनाया जाएगा तो कसाब ने चुपचाप सर हिला दिया.
सुनवाई समाप्त होने के बाद सरकार का पक्ष रख रहे विशेष अभियोजक उज्जवल निकम ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि कसाब ने मामले में देरी करने की कोशिश की लेकिन उसकी मंशा पूरी नहीं हो सकी.
उन्होंने कहा, ‘‘ कसाब ने कई बार प्रक्रिया में देरी की कोशिश की. उसने एक बार कहा कि वो नाबालिग है फिर ज़हर दिए जाने का बहाना बनाया लेकिन हमने उसकी हर दलील को ग़लत साबित करने में सफलता प्राप्त की.’’
सरकारी वकील ने कसाब पर हत्या, आगजनी, भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने से गंभीर आरोप लगाए थे.
मामले की सुनवाई के दौरान यह भी साबित हो गया कि कसाब पाकिस्तान का नागरिक है. कसाब ने एक समय यहां तक कहा था कि उन्हें पाकिस्तान से वकील मुहैय्या कराए जाएं.
इसी सुनवाई के दौरान कसाब के वकील अब्बास काज़मी को मामले से हटा दिया गया था जिसके बाद उन्हें नया वकील दिया गया.
कसाब को जो भी सज़ा होती है वो उसके ख़िलाफ़ अपील कर सकता है यानी ये मामला अभी ख़त्म नहीं हुआ है.
































