मुंबई की रेल हड़ताल ख़त्म

मुंबई की लोकल ट्रेनों से प्रतिदिन 65 लाख लोग सफर करते हैं
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महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने मुंबई में मोटरमैन यूनियन के साथ चर्चा के बाद कहा है कि वे अपनी हड़ताल ख़त्म करने के लिए सहमत हो गए हैं.

इसके बाद संभावना है कि हड़ताल कर रहे सभी 70 मोटरमैन काम पर लौट आएँगे.

गृहमंत्री पाटिल ने कहा है कि बर्खास्त किए गए मोटरमैन बहाल होंगे.

मोटरमैन यूनियन ने सोमवार से अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी थी जिसकी वजह से मुंबई में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया था.

वे अपना वेतन बढ़ाने की माँग कर रहे थे.

मुंबई के लोगों को हो रही परेशानी की वजह से मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा था कि अगर मोटरमैन काम पर नहीं लौटे तो उन पर अनिवार्य सेवा अधिनियम 'एस्मा' के तहत कार्रवाई की जा सकती है.

इससे पहले पुलिस ने हड़ताल कर रही यूनियन के कुछ नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया था.

लोकसभा में भी हंगामा

इससे पहले इस हड़ताल को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ. भाजपा और शिवसेना के सांसद इस मुद्दे रेल मंत्री के बयान की मांग कह रहे थे.

इस पर उनकी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के साथ झड़प भी हुई और सदन को स्थगित करना पड़ा.

मुंबई की लोकल ट्रेनें वहाँ की ‘जीवन रेखा’ मानी जाती हैं और उन पर बाधा से जनजीवन प्रभावित हो जाता है.

इससे पहले रेलवे प्रशासन और मोटरमैन यूनियन के बीच रविवार को वार्ता का दौर चला लेकिन वे बेनतीजा रहीं. इसके बाद पश्चिम और मध्य रेलवे के मोटरमेन हड़ताल पर चले गए.

ग़ौरतलब है कि मुंबई की लोकल ट्रेनों से प्रतिदिन लगभग 65 लाख लोग सफ़र करते हैं.