सामूहिक बलात्कार मामले में उम्र क़ैद

फ़ाइल चित्र
    • Author, नारायण बारेठ
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, जयपुर

राजस्थान में दौसा ज़िले की एक अदालत ने एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करने के आरोप में उसके पति, ससुर और तीन अन्य को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है.

पीड़ित की सास को अदालत ने दहेज उत्पीड़न के आरोप में तीन साल की सज़ा दी है. अदालत ने अभियुक्तों से महिला को दस दस हज़ार रूपए की क्षतिपूर्ति दिलाने का भी आदेश सुनाया है.

कोर्ट ने बलात्कार की इस घटना को गंभीर बताया जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि वे बेगुनाह है.

मगर अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया. सरकारी वकील सुशील गुज्जर ने बीबीसी को बताया कि पीड़ित महिला का पति मुकेश, ससुर छोटेलाल और तीन अन्य को अदालत ने उम्र क़ैद की सजा़ सुनाई है.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक पति के घर में महिला के साथ बीस मई 2006 को इन लोगों ने बलात्कार किया जबकि ससुर वहाँ मौजूद थे.

ससुर पर इस कृत्या में सहयोग देने का आरोप है.

सरकारी वकील के मुताबिक ''हमने कोई बीस गवाह पेश किए और प्रयोगशाला ने भी घटना की पुष्टि की है. इससे आरोप साबित हो गए. हमने अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सज़ा और पीड़ित महिला को क्षतिपूर्ति राशी दिलाने की गुहार की.

अभियोजन पक्ष ने बताया कि पीड़ित महिला की बहन भी उसी परिवार में ब्याही गई है. उसने ने भी ज़्यादती की पुष्टि की.

इस मामले में महिला के पति का बड़ा भाई भी अभियुक्त है जो घटना के बाद से ही फरार है.

अदालत ने दहेज उत्पीडन में सास- ससुर को अलग से तीन-तीन साल की सज़ा सुनाई है.ये मूल सज़ा के साथ चलेगी.