जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा

भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर में हंगामे के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा के शेष सत्र का बहिष्कार करने और जम्मू में आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है.
भाजपा और पैंथर्स पार्टी के सदस्यों ने गुरुवार को विधानसभा में जमकर नारेबाज़ी की और हंगामा किया.
वे बुधवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान का विरोध कर रहे थे. उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान में कहा था कि कश्मीर ने भारत के साथ 'सम्मिलन (एक्सेशन) समझौता' किया है भारत के साथ उसका विलय (मर्जर) नहीं हुआ है.
भाजपा और पैंथर्स पार्टी का कहना था कि मुख्यमंत्री को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था.
विधायक नारेबाज़ी करते हुए विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी के पास आ गए. विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शल की मदद से उन्हें बाहर निकालने के आदेश दिए.
बाद में सदन में भाजपा के नेता अशोक खजूरिया ने बीबीसी को बताया कि मार्शल से बाहर निकाले जाने के क्रम में उनके चार सदस्य घायल हो गए हैं.
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी पार्टी जम्मू में आंदोलन छेड़ेगी. राज्य विधानसभा में भाजपा के 11 और पैंथर्स पार्टी के चार सदस्य हैं.
'भारत का हिस्सा कहना बंद करें'
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि कश्मीर ने भारत के साथ सम्मिलन समझौता किया था इसलिए उसे विशेष स्वायत्तता दी गई थी.
उन्होंने आरोप लगाया कि 1947 में जो समझौता हुआ था वह बरक़रार है लेकिन भारत सरकार ने राज्य की स्वायत्तता छीन ली है.
उनका कहना था कि इसी स्वायत्तता की वजह से राज्य में धारा 370 लागू है.
उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि लोगों को बार-बार यह कहना बंद कर देना चाहिए कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.
उनका तर्क था कि जब पश्चिम बंगाल या फिर तमिलनाडु के बारे में नहीं कहा जाता कि वह भारत का अभिन्न अंग है, तो फिर जम्मू-कश्मीर के बारे में बार-बार क्यों कहा जाता है कि वह भारत का अभिन्न अंग है.
उनका कहना था, "इससे तो लगता है कि लोगों को शक है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है इसलिए इसे बार-बार दोहराया जाता है."
उल्लेखनीय है कि गत जून से एक बार फिर राज्य में 'आज़ादी के लिए आंदोलन' चल रहा है और हिंसक आंदोलन में सौ से भी अधिक लोग मारे गए हैं.
राज्य के राजनीतिक दल भी चाहते हैं कि केंद्र सरकार राज्य को और अधिक स्वायत्तता दे.
































