राजा के समर्थन में आई द्रमुक

करुणानिधि
इमेज कैप्शन, करुणानिधि और उनकी पार्टी खुलकर राजा के समर्थन में आ गई हैं

पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की पार्टी द्रमुक ने विपक्षी दलों पर राजा और द्रमुक को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि राजा की गिरफ़्तारी ये सिद्ध नहीं करती कि वो दोषी हैं.

इस बीच राजा को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है.

राजा के वकील रमेश गुप्ता ने दिल्ली में संवाददाताओं को बताया, '' सीबीआई ने पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी थी. हमने इसका विरोध किया था तर्क दिया था कि राजा जांच में सहयोग कर रहे हैं लेकिन जज ने सीबीआई की अपील मानते हुए राजा और उनके दोनों सहयोगियों को रिमांड पर भेज दिया है.''

राजा की गिरफ़्तारी के एक दिन बाद द्रमुक खुलकर उनके समर्थन में आई है. पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि के नेतृत्व में पार्टी ने एक प्रस्ताव पारित किया है.

पार्टी का कहना है कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले का विपक्षी दलों ने तिल का ताड़ बनाया और राजा के ख़िलाफ़ सिर्फ़ एक ही सबूत है और वो है संसद में पेश की गई सीएजी (कैग) की रिपोर्ट जिसके आधार पर विपक्षी दलों ने द्रमुक और राजा को बदनाम किया है.

पार्टी का कहना है कि सीएजी ने एनडीए के शासनकाल में भी इस मुद्दे पर कैग ने रिपोर्ट दी थी लेकिन उस समय के विपक्ष ने इस पर कोई बवाल नहीं किया था.

विपक्षी दल ख़ासकर बीजेपी इस मुद्दे पर कैग रिपोर्ट के आने के बाद से ही जेपीसी की मांग कर रहे हैं और संसद की कार्यवाही चलने नहीं दे रहे हैं.

सरकार ने इस मामले की जांच पब्लिक अकाउंट्स कमिटी से भी कराने की बात की लेकिन विपक्ष इस पर नहीं माना है और संसद की कार्यवाही चलने नहीं दी है. यहां तक कि आने वाले बजट सत्र में भी संभावना है कि बीजेपी सत्र न चलने दे.

द्रमुक के प्रस्ताव में कहा गया है कि विपक्षी के इस विरोध का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि सीबीआई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर काम कर रही है और सीबीआई ने 2 जी मामले में जांच तेज़ कर दी है.

प्रस्ताव कहता है कि द्रमुक प्रमुख करुणानिधि पहले भी कह चुके हैं कि अगर राजा दोषी साबित होते हैं तो पार्टी उनके ख़िलाफ़ कारर्वाई करेगी क्योंकि पार्टी एक खुली क़िताब की तरह है.