उल्फ़ा बिना शर्त बातचीत को तैयार

उल्फ़ा नेता बिना किसी शर्त के बातचीत चाहते हैं.
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    • Author, सुबीर भौमिक
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, गुवाहाटी

असम के सबसे प्रमुख अलगाववादी गुट उल्फ़ा के नेताओं ने कहा है कि वो भारत सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं.

लेकिन साथ ही उन्होंने कहा है कि बातचीत बिना किसी शर्त के होनी चाहिए.

उल्फ़ा के प्रवक्ता मितिंगा दैमारी का कहना था, “हम असम की संप्रभुता की ही बात करने पर नहीं अड़ेंगे लेकिन सरकार भी खुले तौर पर हमसे असम की स्वतंत्रता की मांग छोड़ देने पर अड़ी नहीं रहे.”

गुवाहाटी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए दैमारी का कहना था कि उल्फ़ा के नेता शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, “हम 10 फ़रवरी को दिल्ली के लिए रवाना होंगे और बातचीत शुरू करने की संभावनाओं पर ग़ौर करेंगे.”

उनका कहना था कि उल्फ़ा की कट्टर सैनिक शाखा के प्रमुख परेश बरूआ अब संगठन के अंदर पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं.

दैमारी ने कहा, “उल्फ़ा में लगभग हर कोई बातचीत के पक्ष में है. हम चाहते थे कि परेश बरूआ भी इसमें शामिल हों लेकिन यदि वो इससे अलग रहते हैं तो ये उनका फ़ैसला है. असम के लोग अब किसी तरह का संघर्ष नहीं चाहते.”

लेकिन साथ ही उन्होंने इस बात की संभावनाओं से इंकार किया कि उल्फ़ा एक राजनीतिक पार्टी में तब्दील होकर इस साल असम विधानसभा चुनावों में भाग लेगी.

शनिवार को बांग्लादेश ने दो और उल्फ़ा कार्यकर्ताओं को भारत सरकार को सौंप दिया.

बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्री फ़ारूक अहमद ख़ान ने एक बयान में कहा है कि बांग्लादेश अपनी ज़मीन से भारत विरोधी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगा.