गिरफ़्तार हुए भनोट और वर्मा

राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट और आयोजन समिति के अधिकारी वीके वर्मा को आपराधिक षंडयत्र रचने और धोखाधड़ी के आरोप में सीबीआई ने गिरफ़्तार कर लिया है.
ललित भनोट पर आरोप है कि उन्होने ग़लत तरीके से स्विस कंपनी को स्कोर संबधी क़रार 107 करोड़ रुपये में दिया और उनके इस क़दम से सरकार को भारी नुकसान पहुँचा.
सीबीआई ने बुधवार सुबह ललित भनोट को पूछताछ के लिए बुलाया था और शाम को उनकी गिरफ़्तारी की पुष्टि कर दी गई.
सीबीआई की प्रवक्ता बिनीता ठाकुर ने गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए कहा “ इन पर आरोप है कि इन्होने अपने पद का दुरुपयोग किया और स्विस कंपनी के साथ एक आपराधिक षड़यत्र रचकर भारत सरकार को भारी नुकसान पहुँचाया.”
ललित भनोट और वीके वर्मा को गुरुवार को सीबीआई की विशेष अदालत के सामने पेश किया जाएगा.
सीबीआई का दावा है कि इन दोनों को पुख्ता सबूतों के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है.
मामला
राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हुई कथित धांधली की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पिछले दिनों दिल्ली के आसपास के इलाक़ों में दस स्थानों पर छापे मारे थे.
ये छापे खेलों के आयोजन के लिए सामान की आपूर्ति के लिए दिए गए ठेकों में हुई धांधली के सिलसिले में मारे गए.
इसी सिलसिले में सीबीआई ने राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के महानिदेशक वीके वर्मा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज किया था.
इससे पहले सीबीआई ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी से नौ घटे तक पूछताछ की थी.
सीबीआई ने वीके वर्मा के ख़िलाफ़ आपराधिक षड़यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून के तहत मामला दर्ज किया है.
वीके वर्मा और राष्ट्रमंडल खेलों के महासचिव ललित भनोट का नाम तीसरी एफ़आईआर में भी है.
इन दोनों का नाम 107 करोड़ रुपए के स्विस टाईम किपिंग मशीन के ठेके में हुई धांधली के सिलसिले में दर्ज किया गया है.
इससे पहले भनोट से सीबीआई ने खेल संबंधित परियोजनाओं में हुई अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ भी की थी.
राष्ट्रमंडल खेलों के लिए दिए गए ठेकों में कथित रुप से 600 करोड़ रूपए की धांधली हुई है जिसकी जांच की जा रही है.
































