एनकाउंटर करने की साज़िश थी: रामदेव

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दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों को खदेड़ने की घटना के बाद जहाँ रामदेव ने कहा है कि उनका 'एनकाउंटर करने या ग़ायब करने की साज़िश' थी, वहीं गांधीवादी नेता अन्ना हज़ारे ने 'देशव्यापी आंदोलन' की चेतावनी दी है.

शनिवार देर रात योग गुरु रामदेव और उनके हज़ारों समर्थकों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई पर भाजपा ने 24 घंटे के सत्याग्रह का आहवान किया है और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कार्रवाई की निंदा की है.

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भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संसद का आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग की है.

रामदेव को हिरासत में लेकर पुलिस ने विशेष विमान के ज़रिए देहरादून पहुँचाया. वहाँ से रामदेव दोपहर में हरिद्वार पहुँचे और पत्रकार वार्ता में उन्होंने केंद्र सरकार को जमकर कोसा.

उनका कहना था, "हमें सूचनाएं मिल चुकी थीं कि सरकार का आदेश है कि रामदेव को गिरफ़्तार करके या तो एनकांउटर किया जाए, या गायब कर दिया जाए. श्रीमती (सोनिया) गांधी इस देश के बच्चों से, माटी से, लोगों से प्यार नहीं करती हैं. ये क्रूर कृत्य है. राष्ट्रभक्त साधुओं को हत्यारा, आतंकवादी कहा जाता है."

उन्होंने कहा, "मेरे जीवन पर किसी भी ख़तरे की ज़िम्मेदार सोनिया गाँधी और केंद्र सरकार होगी. चार जून की रात इतिहास की सबसे काली रात है... निहत्थे लोगों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार हुआ है."

<link type="page"><caption> तस्वीरें: रामदेव, समर्थकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/06/110605_ramdev_gallery_as.shtml" platform="highweb"/></link>

<link type="page"><caption> भाजपा ने सत्याग्रह की घोषणा की, सिब्बल ने कहा - 'राजनीतिक आसन न सिखाएँ'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/06/110605_reactions_ramdev_as.shtml" platform="highweb"/></link>

विदेशों में जमा काले धन के मुद्दे पर दिल्ली में अनशन पर बैठे योग गुरु स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों को पुलिस ने शनिवार देर रात झड़पों, अफ़रा-तफ़री और आंसू गैस के गोलों के बीच नाटकीय ढंग से रामलीला मैदान से हटा दिया.

देर रात हुई कार्रवाई के दौरान हज़ारों पुलिसकर्मियों ने रामलीला मैदान पर लोगों को घेर लिया, स्वामी रामदेव को जबरन वहाँ से हटा दिया और वहाँ जमा हुए लोगों पर आँसू गैस के गोले बरसाए गए. वहाँ से खदेड़े गए अनेक लोगों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया है जबकि दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने इसका खंडन किया है.

संसद का आपात सत्र बुलाएँ: ऑडवाणी

इस घटनाक्रम पर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया हुई है और भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पार्टी की ओर से राजघाट पर रविवार शाम से 24 घंटे के सत्याग्रह की घोषणा की है.

भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, "इन परिस्थितियों में संसद के आपातकालीन सत्र को बुलाना ज़रूरी हो गया है. ऐसे सत्र के दौरान पुलिस की कार्रवाई की वैधता पर भी बाचतीत होनी चाहिए. कोई भी सरकार इन परिस्थितियों में काम नहीं कर सकती है."

अनेक अन्य जानी-मानी हस्तियों ने भी इस घटना की निंदा की है लेकिन कांग्रेस के नेताओं - कपिल सिब्बल और दिग्विजय सिंह ने सरकारी कार्रवाई का बचाव किया है. सिब्बल ने तो कहा कि योग सिखाने वाले गुरु जनता को राजनीतिक आसन न सिखाएँ.

अन्ना हज़ारे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "देश में बड़ा आंदोलन करके हम सरकार को सबक सिखाएँगे...और ऐसे आंदोलन का समय आ रहा है. पुलिस ने महिलाओं पर अत्याचार किया... अगर पुलिस को कार्रवाई करनी थी, तो आधी रात में क्यों की? दिन में क्यों नहीं? हम विचार करेंगे और आंदोलन की आगे की दिशा निश्चित करेंगे."

भीषण अफ़रा-तफ़री, आसू गैस के गोले

शनिवार रात भारतीय समयानुसार क़रीब डेढ़ बजे रामलीला मैदान में तब अफ़रा-तफ़री मच गई जब स्वामी रामदेव ने घोषणा की कि पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने आई है. उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई.

इस बीच पत्रकारों के जवामड़े के बीच स्वामी रामदेव मंच से नीचे कूदे और कुछ समर्थकों के कंधे पर माइक में घोषणाएँ करते नज़र आए. टीवी चैनलों ने इस पूरी कार्रवाई का लाईव प्रसारण किया.

स्वामी रामदेव ने कहा, "पुलिस मुझे गिरफ़्तार करने आई है. अगर मुझे गिरफ़्तार करना है तो दिन में करें. मैं देश की सारी जनता का आहवान करता हं कि हम इस बात का विरोध करें. मैं दिल्ली के लोगों से कहूंगा कि रामलीला मैदान पर पहुंचे."

स्वामी रामदेव के अनेक समर्थकों ने उनके आसपास हाथ से हाथ जोड़कर एक मानव श्रंखला बनाई लेकिन पुलिस ने उनके समर्थकों को अलग-थलग करते हुए उन्हें पंडाल से उठा लिया और बाहर ले गए.

पूरे पंडाल में अफ़रा-तफ़री मच गई. पूलिस ने कई आँसू गैस के गोले छोड़े और उनमें से एक तो मंच पर जा गिरा जिससे कुछ समय के लिए मंच के एक हिंस्से में आग लग गई लेकिन इसे जल्द ही बुझा दिया गया.

रेपिड एक्शन फ़ोर्स के अनेक जवानों ने हाथ-पैर पकड़कर लोगों को पुलिस वाहनों में भरा और रामलाली मैदान से दूर ले गए. ग़ौरतलब है कि जमा हुए लोगों में से अनेक लोग वृद्ध थे और काफ़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे भी वहाँ जमा थे.

पुलिस ने रामलीला मैदान का बिजली का कनेक्शन काट दिया.

'पुलिस ने बलप्रयोग नहीं किया'

रामलीला मैदान में धारा 144 लागू है और वहाँ रविवार सुबह सन्नाटा पसरा हुआ था

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इमेज कैप्शन, रामलीला मैदान में धारा 144 लागू है और वहाँ रविवार सुबह सन्नाटा पसरा हुआ था

पुलिस ने कहा है कि जिन शर्तों पर योग शिविर लगाने की इजाज़त दी गई थी उनका उल्लंघन हुआ और पांच हज़ार की जगह 50-60 हज़ार लोग जमा हो गए इसलिए शिविर लगाने की इजाज़त को रद्द कर दिया गया.

रामलीला मैदान में मौजूद पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने कहा, "हमने आंसू गैस के अलावा किसी प्रकार का बलप्रयोग नहीं किया है. उन्हें दी गई इजाज़त तुरंत प्रभाव से रद्द की जाती है. बाबा रामदेव को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. उन्हें सुरक्षा चिंताओं की वजह से यहां से हटाया गया है. "

रविवार सुबह पूरे इलाक़े में धारा 144 लागू थी और रामलीला मैदान पर योग शिविर पंडाल खाली पड़ा था जबकि फटी हुई दरियाँ, बैनर, टूटे बैरिकेड रात में हुई नाटकीय घटनाओं के गवाह थे. लेकिन कई जगहों से आए स्वामी रामदेव के हज़ारों समर्थक अब भी दिल्ली शहर में जगह-जगह पर फैले हुए हैं.