अन्ना और समर्थक हिरासत में, सख़्त पुलिस बंदोबस्त

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पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी अन्ना हज़ारे को हिरासत में ले लिया है.
अन्ना हज़ारे मंगलवार से लोकपाल क़ानून के मसौदे में कुछ प्रावधानों को शामिल किए जाने को लेकर आमरण अनशन शुरू करनेवाले थे. सरकार ने लोकपाल बिल को संसद में पेश कर दिया है लेकिन उसमें प्रधानमंत्री और उच्च न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा है जबकि अन्ना हज़ारे और उनके समर्थक इससे उलट चाहते हैं.
दिल्ली पुलिस ने अन्ना हज़ारे को पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाक़े से हिरासत में लिया है जहां वो ठहरे हुए थे.
<link type="page"><caption> अन्ना पर कार्रवाई की तस्वीरें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2011/08/110816_anna_arrest_picgal_fma.shtml" platform="highweb"/></link>
पुलिस ने अन्ना के समर्थकों, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, किरण बेदी और पूर्व क़ानून मंत्री शांति भूषण को भी हिरासत में लिया है.
सुप्रीम कोर्ट
मशहूर वकील और लोकपाल मसौदा समीति के सदस्य प्रशांत भूषण ने कहा है कि वो अन्ना हज़ारे की हिरासत के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा है कि अन्ना हज़ारे को इसलिए हिरासत में लिया गया है क्योंकि वो निषेधाज्ञा का उलंघन करने का इरादा रखते थे.
किरण बेदी ने पुलिस की कारवाई के बाद कहा कि जब अन्ना हज़ारे ने पुलिस से पूछा कि उनका जुर्म क्या है तो पुलिस ने कहा कि "हमें आदेश है."
किरण बेदी ने आरोप लगाया कि ये कांग्रेस पार्टी के कहने पर हो रहा है. उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस हमेशा से धरनों और आंदोलनो को व्यवस्थित करती आई है इसलिए वो ख़ुद से ऐसा कोई क़दम नहीं उठाएगी.
हिरासत
पुलिस ने अन्ना हज़ारे को मयूर विहार के सुप्रीम इंक्लेव से सुबह सात बजे के आसपास हिरासत में ले लिया जहां सुबह-सुबह ही उनके समर्थक जमा होने शुरू हो गए थे.
उनके समर्थक शुरू में पुलिस की गाड़ी के सामने जमा हो गए और कहने लगे कि वो उन्हे नहीं ले जाने देंगे लेकिन बाद में मामला निपट गया और पुलिस गांधी टोपी और सफेद धोती-कुर्ता पहने अन्ना हज़ारे को एक बड़ी सी जीप में बैठाकर ले गई.
सुप्रीम इंक्लेव के सामने खड़े समर्थकों ने पुलिस विरोधी नारे भी लगाए.
अन्ना हज़ारे के एक समर्थक अखिल गोगोई ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि पुलिस सादे लिबास में आई और अन्ना हज़ारे को अपने साथ जाने के लिए कहा.
अन्ना हज़ारे ने अप्रैल में भी लोकपाल क़ानून को लेकर भूख हड़ताल की थी जिसके बाद सरकार ने एक मसौदा समीति बनाई थी जिसमें अन्ना हज़ारे और उनके मनोनीत कुछ सदस्यों को शामिल किया गया था.
हालांकि सरकार ने अन्ना हज़ारे और उनकी टीम के सुझाए बहुत सारे सुझावों को संसद में पेश किए गए विधेयक में शामिल करने से मना कर दिया है जिसके विरोध में अन्ना हज़ारे फिर से अनशन करना चाहते थे जिसकी इजाज़त उन्हें नही दी गई.
संदेश
इस बीच सरकार और कांग्रेस पार्टी ने अन्ना हज़ारे के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है.
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिए गए भाषण में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और फिर 15 अगस्त को लाल क़िले से दिए गए भाषण में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ़ तौर पर कहा कि सुझाव की बात अलग है लेकिन क़ानून बनाने का अधिकार सिर्फ़ संसद को है.
मनमोहन सिंह ने तो सीधे तौर पर मगर बिना नाम लिए इस काम में भूख हड़ताल और अनशन को ग़लत बताया.

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लगता है कि अन्ना हज़ारे और उनके समर्थकों को एहसास हो गया था कि उन्हें मंगलवार से प्रस्तावित आंदोलन नहीं करने दिया जाएगा और अन्ना हज़ारे की गिरफ़्तारी हो जाएगी.
अन्ना का संदेश नाम से जारी एक विडियो में गांधीवादी नेता ने लोगों से अपील की है कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आंदोलन को अहिंसक तरीक़े से जारी रखा जाए और इतनी गिरफ़्तारियां दी जाएं कि जेल में जगह न बचे.
हिरासत में लिए जाने से पहले रिकार्ड किए गए इस संदेश को अब जारी किया गया है.
समर्थन
बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह का कहना है कि प्रस्तावित अनशन स्थल जेपी पार्क पर लोगों का आना जारी है.
सुशीला सिंह ने बताया कि लोग छोटे-छोटे समूह में वहां पहुंच रहे हैं और पुलिस उन्हें हिरासत में ले ले रही है.
उनका कहना था कि लोगों को बसों और पुलिस की गाड़ियों में भरकर ले जाया जा रहा है.
दरियागंज, पास के राजघाट और उस ओर के इलाक़ों में पुलिस की भारी तैनाती है. पुलिस ने वहां वॉटर कैनन भी रखे हैं.
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