उपवास में राजनीति नहीं राष्ट्रनीति: मोदी

इमेज स्रोत, Reuters
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिन का उपवास ख़त्म कर दिया है.
अहमदाबाद के गुजरात यूनिवर्सिटी के सभागार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अपना उपवास तोड़ा.
बाद में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सदभावना मिशन ने न सिर्फ़ गुजरात बल्कि पूरे देश को आंदोलित कर देगा, ये किसी ने न सोचा होगा.
इस मौक़े पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, वरिष्ठ भाजपा नेता वेंकैया नायडू, गोपीनाथ मुंडे भी मौजूद थे.
अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि चारों ओर इस पर जिज्ञासा है, गुजरात में क्या हो रहा है.
राष्ट्रनीति
उन्होंने अपने भाषण में अन्ना हज़ारे के सफल आंदोलन का ज़िक्र किया और कहा कि लोगों के मन में पीड़ा भरी हुई है.
नरेंद्र मोदी ने कहा, "राजनीति से ऊपर राष्ट्र नीति होती है. हर चीज़ को राजनीति से नहीं तौला जाना चाहिए. उपवास की प्रेरणा राजनीति नहीं बल्कि राष्ट्रनीति है."
नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनका उपवास भले ही ख़त्म हो गया है, लेकिन मिशन जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास और सबको जोड़कर चलने से जो विकास होता है, वो गुजरात ने दिखाया है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे छह करोड़ गुजरातियों के लिए काम करते हैं न कि हिंदू या मुसलमान के लिए.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे अब राज्य के हर ज़िलों में जाएँगे और सदभावना मिशन के लिए उपवास भी करेंगे.
































