मुझे माओवादियों का डर नहीं: ममता

ममता बनर्जी पर पहले माओवादियों के प्रति नरम रवैया अपनाने के आरोप लगे थे

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि माओवादियों से डरने की ज़रूरत नहीं है.

जंगलमहल इलाक़े में युवाओं के एक आयोजन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, “मैं किसी से नहीं डरती, मैं इस मुकाम तक लगातार संघर्ष करके पहुंची हूँ, अगर कोई मुझे जान से मारना चाहे तो गोली मार दे मुझे. मैं नहीं डरती.”

ममता बनर्जी ने कहा कि गांववालों को माओवादियों से डरने की बजाय शांति बनाए रखते हुए सरकार को उनके इलाके में विकास कार्य करने में मदद करनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसी मंत्री या मुख्यमंत्री ने जंगलमहल में रात नहीं बिताई, लेकिन पिछले सात महीनों में वो चार बार ऐसा कर चुकी हैं.

कार्यक्रम में चार माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया.

ममता बनर्जी ने पहले आत्मसमर्पण कर चुके 11 माओवादियों को राज्य सरकार की ओर से पुनर्वास की राशि भी दी.

माओवादी और सरकार

पिछले साल जब ममता बनर्जी चुनाव की तैयारी कर रही थीं जो सत्तारूढ़ वाममोर्चे ने आरोप लगाए थे कि वे माओवादियों के सहारे चुनाव लड़ रही हैं.

उस वक़्त माओवादियों के प्रति ममता बनर्जी की पार्टी का रुख़ भी नरम ही दिखता था.

सरकार में आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने माओवादियों से बातचीत का प्रयास भी किया था और संघर्ष विराम की बात भी कही थी.

लेकिन बात बनी नहीं और आख़िर सुरक्षाबलों ने माओवादियों पर कड़ी कार्रवाई शुरु कर दी. पिछले दिनों पश्चिम बंगाल में ही माओवादियों के एक बड़े नेता किशनजी की एक मुठभेड़ में मौत हो गई थी.

अब सरकार और माओवादी आमने-सामने खड़े दिख रहे हैं.