इस बार जूता राहुल गांधी की ओर

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कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर उत्तराखंड के देहरादून की एक चुनावी रैली में जूता फेंका गया है. जूता फेंकने वाले को हिरासत में ले लिया गया है.
राहुल की ओर जूता फेंके जाने की घटना उस वक्त हुई जब वह सोमवार को एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे. राहुल ने जैसे ही ‘इंडिया शाइनिंग’ के स्लोगन को लेकर बीजेपी को निशाने पर लिया, एक व्यक्ति ने चीखते हुए ‘कलमाड़ी’ का नाम लिया और मंच की ओर जूता फेंका.
हालांकि जूता मंच की ओर नहीं जा सका. एसपीजी और पुलिस ने तुरंत ही इस व्यक्ति पर काबू पा लिया.
जूता फेंकने वाले को भीड़ ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी. इस पर राहुल ने कहा कि उसे मारो मत उसे छोड़ दो.
मारो मत छोड़ दो
घटना के बाद राहुल गांधी ने अपना भाषण पूरा किया और कहा कि लोग सोचते हैं कि जूता-चप्पल मार देने से राहुल गांधी भाग जाएगा लेकिन राहुल भागने वाला नहीं है. भैया किसी को गुस्सा गुस्सा उतारना है तो फेंक दो जूते.
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने इसे आरएसएस-बीजेपी-रामदेव का षडयंत्र करार दिया है. उन्होंने कहा कि रामदेव सबसे बड़े ठग हैं और उन्होंने काले धन को सफेद बनाने के लिए रामदेव ने कमीशन लिया है.
इसी तरह देहरादून में टीम अन्ना पर भी जूता चल चुका है.
हाल ही में दिल्ली में बाबा रामदेव पर एक व्यक्ति ने स्याही फेंकी थी और इसके बाद दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगी सोनिया गांधी की तस्वीर पर कालिख फेंकी गई थी. उत्तर प्रदेश में भी बाबा रामदेव के समर्थकों ने राहुल गांधी के काले झंडे दिखाए थे.
इससे पहले, एक संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्री पी चिदंबरम पर भी जूता चल चुका हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को तो एक व्यक्ति ने थप्पड़ जड़ दिया था.












