अन्ना ने टीम भंग की, ना चुनाव लड़ेंगे ना पार्टी बनाएंगे

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जनलोकपाल के लिए पिछले डेढ़ साल से आंदोलन चला रहे अन्ना हज़ारे ने अपनी टीम भंग कर दी है. इसके साथ ही टीम अन्ना की कोर कमिटी भी खत्म हो गई है.
साथ ही अन्ना ने कहा है कि वो राजनीतिक पार्टी नहीं बनाएंगे और न ही चुनाव में उतरेंगे.
सोमवार को प्रेस को जारी किए गए अपने ब्लॉग में अन्ना हज़ारे ने लिखा कि टीम का गठन जनलोकपाल कानून को लाने के लिए किया गया था लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं है.
<link type="page"><caption> अन्ना का ब्लॉग</caption><url href="http://www.annahazareblog.com/" platform="highweb"/></link>
'टीम अन्ना का कार्य समाप्त हो गया है' शीर्षक से लिखे गए ब्लॉग में अन्ना ने कहा कि सरकार की अनदेखी की वजह से कोर टीम का कोई औचित्य नहीं रह गया है और अब वो जनता को 'विकल्प' देने का प्रयास करेंगे.
अन्ना ने कहा कि बार बार अनशन करने से कुछ हासिल नहीं हो रहा है और देश को राजनीतिक विकल्प देने की जरूरत है.
अन्ना ने लिखा, "अच्छे लोगों को खोज करके जनता को विकल्प देना, ये अच्छा रास्ता है. लेकिन ये होगा कैसे? यह मेरे सामने प्रश्न है. मैं देशभर में दौरे करुँगा. लोगों को जागरूक करुँगा अच्छे सदाचारी, राष्ट्रीय दृष्टिकोण है, सामाजिक दृष्टिकोण है, सेवा भाव है ऐसे लोग संसद में नहीं जाएंगे तब तक बदलाव नहीं आएगा."
आंदोलन खत्म नहीं
लेकिन अन्ना ने ये भी लिखा कि वो खुद कोई पार्टी नहीं बनाएंगे और न ही चुनाव लड़ेंगे.
अन्ना ने कहा कि सरकार से जनलोकपाल की मांग का आंदोलन रुक गया लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है.
उन्होंने लिखा, "पहले सरकार से जनलोकपाल कानून की मांग करते रहे. सरकार नहीं करती इसलिए जनता से ही अच्छे लोग चुनकर संसद में भेजना और जनलोकपाल बनाने का आंदोलन शुरू करने का निर्णय हो गया. "
भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम चला रही टीम अन्ना ने हाल ही में जंतर मंतर पर अनशन किया था जिसके बाद टीम के महत्वपूर्ण सदस्य अरविंद केजरीवाल ने औपचारिक तौर पर राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की थी.
































