लाइव, ईरान से बचाए गए दो क्रू मेंबर्स के बारे में डोनाल्ड ट्रंप ने दिया ये अपडेट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बचाए गए दो अमेरिकी वायुसेना के क्रू मेंबर्स के बारे में जानकारी दी है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. ईरान से बचाए गए दो क्रू मेंबर्स के बारे में डोनाल्ड ट्रंप ने दिया ये अपडेट

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी के पास जॉइंट बेस एंड्रूज़ पर पत्रकारों से बातचीत की (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बचाए गए दो अमेरिकी वायुसेना के क्रू मेंबर्स के बारे में जानकारी दी है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, "वे बहुत अच्छी हालत में हैं और हमें उन पर गर्व है."

    दरअसल, दोनों अमेरिकी क्रू मेंबर में एक पायलट था, जिसे विमान से बाहर निकलने के तुरंत बाद ढूंढ लिया गया.

    दूसरा वेपन सिस्टम ऑफ़िसर था, जिसे ईरान की पहाड़ियों में 24 घंटे से ज़्यादा छिपे रहने के बाद बचाया गया.

    डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी के पास जॉइंट बेस एंड्रूज़ पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान अब भी परमाणु हथियार चाहता है.

    इससे पहले भी ट्रंप कह चुके हैं कि ईरान से सीधी बातचीत असफल रही क्योंकि तेहरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा छोड़ने को तैयार नहीं था.

    दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का कहना है कि वो समझौते के बहुत क़रीब थे, लेकिन उनके सामने ज़्यादा मांगें रखी गईं, बदलती हुई शर्तों और प्रतिबंधों को भी रखा गया.

  2. आशा भोसले का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार आज, बेटे ने की ये अपील

    आशा भोसले

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    इमेज कैप्शन, आशा भोसले का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा

    मशहूर गायिका आशा भोसले का रविवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया. सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

    आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने बताया, "12 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोग 'कसा ग्रांडे' बिल्डिंग में आकर मां (आशा भोसले) का अंतिम दर्शन कर सकते हैं."

    उन्होंने कहा, "शाम 4 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वहां भीड़ ना करें क्योंकि ज़्यादा लोगों के जुटने की संभावना है."

    ग़ौरतलब है कि आशा भोसले को शनिवार शाम दिल का दौरा पड़ने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

    इसके बाद रविवार को उनका निधन हो गया.

  3. अमेरिका से बातचीत बेनतीजा रहने के बाद ईरान में 'अमेरिकी जासूसों' की बड़े पैमाने पर ग़िरफ़्तारियां, बीबीसी मॉनिटरिंग

    आईआरजीसी

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    इमेज कैप्शन, आईआरजीसी ने 102 लोगों के गिरफ़्तार होने की जानकारी दी है

    ईरान के अधिकारियों ने बताया कि जासूसी, दुश्मन देशों से सहयोग और सरकार विरोधी गतिविधियों के आरोप में कई गिरफ़्तारियां की गई हैं. साथ ही मुक़दमे दर्ज हुए हैं और कई संपत्तियां भी ज़ब्त की गई हैं.

    ईरानी मीडिया के मुताबिक़, पुलिस कमान ने कहा कि रविवार को देशभर में ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में एक संगठित नेटवर्क को तोड़ा गया, जो संवेदनशील जानकारी दुश्मन तक भेजने की कोशिश कर रहा था.

    इस दौरान 50 लोग गिरफ़्तार किए गए हैं. यह ख़बर सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दी है.

    आरोप है कि संदिग्धों ने सर्विस इन्फ़्रास्ट्रक्चर, चेकपॉइंट्स और सुरक्षा बलों के ठिकाने दुश्मन को बताए, जिससे इन्हें निशाना बनाने में मदद मिली. संदिग्धों से ख़ास इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सैटेलाइट डिवाइस, हथियार और गोलियां भी ज़ब्त की गईं.

    इसके अलावा, गिलान प्रांत में इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि हाल की जंग में 'अमेरिका-ज़ायोनिस्ट आतंकी नेटवर्क' से जुड़े 102 लोग गिरफ़्तार किए गए.

    बयान में यह भी कहा गया कि चार लोगों को मोसाद से जुड़े होने के आरोप में पकड़ा गया.

  4. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा, 'वो दोबारा बातचीत नहीं करते तो भी मुझे उसकी परवाह नहीं'

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेना ने कहा है कि वह सोमवार से ईरानी बंदरगाहों की नाक़ेबंदी शुरू करेगी (तस्वीर: डोनाल्ड ट्रंप)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत के लिए फिर तैयार नहीं होगा तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी के पास जॉइंट बेस एंड्रूज़ पर पत्रकारों से कहा, "अगर ईरान बातचीत में वापस नहीं आता तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता."

    ट्रंप ने कहा, "मुझे परवाह नहीं कि वे वापस आते हैं या नहीं. अगर वे वापस नहीं आते, तो भी ठीक है."

    इससे पहले अमेरिकी सेना ने कहा है कि वह सोमवार से ईरानी बंदरगाहों की नाक़ेबंदी शुरू करेगी.

    गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट में दाख़िल होने या वहां से बाहर जाने की कोशिश करने वाले 'किसी भी और हर एक जहाज़' की नाक़ेबंदी शुरू करने जा रहा है.

    उन्होंने कहा, "जो कोई भी अवैध शुल्क देता है, उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा."

  5. हंगरी में 16 साल बाद विक्टर ओरबान के शासन का अंत, बोले- नतीजे दर्दनाक हैं, पॉल किर्बी, बुडापेस्ट में यूरोप डिजिटल एडिटर

    विक्टर ओरबान

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    इमेज कैप्शन, ओरबान की 'फ़िदेज़ पार्टी' को 55 सीटें मिलती दिख रही हैं

    हंगरी में 16 साल बाद विक्टर ओरबान का शासन खत्म हो गया है. क़रीब 98% वोट गिने जाने के बाद शुरुआती नतीजों में 'तिसा पार्टी' को 138 सीटें मिलती दिख रही हैं.

    199 सीटों वाली संसद में ओरबान की 'फ़िदेज़ पार्टी' को 55 और धुर दक्षिणपंथी पार्टी 'अवर होमलैंड' को 6 सीटें मिली हैं.

    तिसा पार्टी के नेता पीटर मागयार ने ओरबान को हराया है. उन्होंने डेन्यूब नदी के किनारे मौजूद भीड़ से कहा, "हमने मिलकर हंगरी की सरकार गिरा दी."

    उन्होंने यह भी बताया कि विक्टर ओरबान ने उनको फ़ोन कर जीत की बधाई दी.

    दूसरी ओर, ओरबान ने अपने समर्थकों से कहा, "नतीजे साफ़ और दर्दनाक हैं. हमें 25 लाख लोगों का धन्यवाद करना चाहिए जिन्होंने हमारा साथ दिया. आने वाले दिन हमारे ज़ख़्म भरने के लिए हैं."

    पीटर मागयार

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    इमेज कैप्शन, संविधान में बदलाव करने के लिए पीटर मागयार को 133 सीटों की ज़रूरत थी

    मागयार ने कहा है कि वो ओरबान के समय किए गए बदलावों को पलटेंगे. उन्होंने वादा किया, "शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार करेंगे, भ्रष्टाचार पर रोक लगाएंगे, न्यायपालिका को स्वतंत्र बनाएंगे और उस सिस्टम को खत्म करेंगे जिसे एनईआर कहा जाता है. इसने ऑर्बान के समर्थकों को फ़ायदा पहुंचाया और सरकारी संसाधन बर्बाद किए."

    संविधान में बदलाव करने के लिए मागयार को 133 सीटों की ज़रूरत थी, ताज़ा नतीजे बताते हैं कि तिसा पार्टी को 138 सीटें मिल सकती हैं.

  6. ईरान ने बताया, 'अमेरिका से समझौता होने ही वाला था कि तभी आख़िरी लम्हों में ये हुआ'

    अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अच्छी नीयत से अच्छी नीयत मिलती है और दुश्मनी से दुश्मनी

    अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही है. अब ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि वे समझौते से कुछ ही दूर थे.

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "47 साल में सबसे ऊंचे स्तर पर गहन बातचीत हुई. ईरान ने अमेरिका से अच्छे इरादे के साथ युद्ध ख़त्म करने के लिए बात की."

    "लेकिन जब हम 'इस्लामाबाद समझौते' से बस कुछ क़दम दूर थे, तभी हमारे सामने ज़्यादा मांगें रखी गईं, बदलती हुई शर्तों और प्रतिबंधों को सामने रखा गया."

    उन्होंने अमेरिका पर तंज़ कसते हुए लिखा, "कोई सीख नहीं मिली. अच्छी नीयत से अच्छी नीयत मिलती है. दुश्मनी से दुश्मनी मिलती है."

    गौरतलब है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ख़त्म करने को लेकर बातचीत हुई, लेकिन यह बेनतीजा रही.

    इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि अब अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले हर एक जहाज़ की नाकेबंदी करेगा.

  7. नमस्कार!

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