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इसलिए मैंने एक बौने से इश्क और विवाह किया..
क्लोई लसेड और उनके पति जेम्स किसी नवविवाहित जोड़े की तरह ही व्यस्त हैं. दोनों एक दूसरे का साथ इंजॉय कर रहे हैं और हाल ही में इन्होंने एक कुत्ता ख़रीदा है.
लेकिन जब पहली बार दोनों साथ आए तो 23 साल की क्लोई को अपने घर वालों से काफ़ी विरोध का सामना करना पड़ा.
इसकी वजह यह थी कि 29 साल के जेम्स एक असाधारण अनुवांशिक बीमारी के कारण बौनेपन के शिकार हैं.
क्लोई बता रही हैं कि कैसे एक बौने के साथ उनका प्यार परवान चढ़ा-
फ़ोन की घंटी बजने से मैं घबरा गई थी. मैं अपनी मां से नए बॉयफ्रेंड के बारे में बताने वाली थी. मुझे पता था कि वह सुनकर हैरान और परेशान हो जाएंगी.
ऐसे में मैंने इसे यूनिवर्सिटी लौटने तक टाल दिया. यूनिवर्सिटी 320 किलोमीटर दूर थी. मैंने उन्हें अपने नए बॉयफ्रेंड का नाम बताया और उनकी प्रतिक्रिया कुछ ज़्यादा ही तीखी थी.
उन्होंने कहा, ''क्यों? क्लोई वह तो बौना है. तुम उसके साथ ठीक नहीं लगोगी.'' मेरी मां इस बात को नहीं समझ सकती थीं कि मैंने जेम्स में क्या देखा है. जेम्स को सभी जे नाम से जानते थे. मेरी मां बिल्कुल सदमे में थीं.
जे जन्म के साथ ही डायसट्रॉफ़िक डिसप्लेज़िया से पीड़ित था. यह एक असाधारण अनुवांशिक स्थिति है जिससे इंसान बौनेपन की चपेट में आ जाता है.
'वो तीन फ़ुट सात इंच के, मैं पांच फ़ुट सात की'
ऐसा तब हुआ जबकि जे के माता-पिता की लंबाई ठीक-ठाक है. जे तीन फुट सात इंच का है जबकि मैं पांच फुट सात इंच की हूं. यही कारण था कि मैं अपनी मां से बताने में डर रही थी.
मैं उस वक़्त अपनी मां पर ग़ुस्सा थी. आख़िर जे को वह क्यों नहीं स्वीकार कर सकती हैं? हालांकि अब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि मैं जिस भी लड़के के साथ होती उसके लिए उनका आकलन कुछ वैसा ही होता.
यहां जे का तो मामला ही अलग था. ऐसे में मैं समझ सकती हूं कि वह क्यों सदमे और ग़ुस्से में थीं.
मैंने कई लड़कों को देखा है लेकिन मेरे मन में हमेशा लंबे समय के पार्टनर की चाहत रही है. पांच साल की उम्र से ही मैं चर्च में पली-बढ़ी. ऐसे में हमेशा से मेरे लिए शादी महत्वपूर्ण थी. मुझे लगता है कि मैं इस मामले में पारंपरिक हूं.
जे से पहले मैं दो रिलेशनशिप में रही और हमेशा से किसी के साथ बसना चाहती थी. मैं किसी के साथ केवल डेटिंग नहीं करना चाहती थी. मैं हमेशा ख़ुद से पूछती थी- क्या यह लड़का शादी के काबिल है?
और अगर नहीं है तो मैं इसके साथ क्या कर रही हूं? सच तो यह है कि जब हम लोग पहली बार मिले तो मुझे नहीं लगा था कि जे में बॉयफ्रेंड की काबिलियत है.
ऐसा इसलिए क्योंकि उसकी स्थिति जैसी थी उसमें नहीं लगता था कि इस तरह से हम साथ हो पाएंगे.
बैडमिंटन चैंपियन
वह मेरे दोस्त का दोस्त था और हम लोग एक दूसरे को जानते थे. लेकिन हम दोस्त मई 2012 में बने जब वह ओलंपिक मशाल लेकर वेल्स से आया. उसने ओलंपिक मशाल इसलिए उठाई ताकि अक्षम समझे जाने वाले लोग भी खेल की तरफ़ आकर्षित हो सकें.
वो ड्वार्फ़ स्पोर्ट्स असोसिएशन में नौ साल ब्रिटिश क्लास वन बैडमिंटन चैंपियन रहे. फिर ब्रिटिश प्रतिनिधि के तौर पर 2008 में चीन जाने के बाद ओलंपिक मशाल उठाना उनका स्वाभाविक चुनाव था. मैं उसके दोस्तों के साथ उसे देखने गई थी.
उससे मिली, उसके परिवार वालों से भी पहली बार मुलाकात हुई थी.
मैंने उसे इसलिए पसंद किया क्योंकि वह हर तरफ़ से ख़ुशमिज़ाज इंसान है. इसके साथ ही वह एक सकारात्मक इंसान है.
जब भी ज़रूरत होती है तो वह मुझसे बात करता है. हालांकि मैं उस वक़्त किसी और के साथ डेट कर रही थी. ऐसे में जब तक जे ने मुझसे कहा नहीं, तब मैंने ब्रेकअप नहीं किया.
तब मैं कार्डिफ़ में पढ़ाई कर रही थी इसलिए उसने मुझे टेक्स्ट मेसेज कर पूछा कि मैं उसके साथ डेट करना पसंद करूंगी. मैंने उसे रिप्लाई में हां कहा और वह इसे लेकर काफ़ी सकारात्मक था.
हमारी पहली डेटिंग मई 2013 में हुई और इस संबंध तक पहुंचने में काफ़ी लंबा वक़्त लगा क्योंकि हम दोनों अपनी-अपनी ज़िंदगी में व्यस्त थे.
लोगों की प्रतिक्रिया क्या होगी?
इसका मतलब यह हुआ कि हम एक दूसरे को रोज नहीं देख सकते थे इसलिए इस संबंध पर कुछ वक़्त के लिए चुप रहने का फ़ैसला किया था.
इस रिश्ते को लेकर मेरे भीतर एक अजीब ऊहापोह की स्थिति थी. कई बार लगता था कि लोग क्या कहेंगे, लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे. ख़ासकर मेरी मां क्या कहेगी. मैं इस संबंध पर आगे बढ़ने को लेकर काफ़ी पशोपेश में थी. मैं इस बात को लेकर काफ़ी चिंतित थी कि लोगों की प्रतिक्रिया क्या होगी.
हालांकि फिर मैंने आगे बढ़ने का फ़ैसला किया. एक दिन मैं अपनी मां और बहन के साथ शॉपिंग करने गई और अचानक जे मुझे वहीं मिल गया. मैं उस वक़्त बिल्कुल नहीं शर्माई लेकिन मेरे पास कोई शब्द नहीं था.
जब मैं सितंबर में वापस यूनिवर्सिटी गई तो इस रिलेशनशिप को सार्वजनिक कर दिया.
मेरी मां सिंगल मदर हैं और वह मुझे और मेरी दो बहनों को लेकर काफ़ी सतर्क रहती हैं. बाद में मेरी मां भी चीज़ों को समझ गईं. अब उन्हें जे के साथ कोई दिक़्क़त नहीं है.
मसला केवल लुक्स का नहीं है. जे मेरे लिए काफ़ी आकर्षक है और मैं भी उसके लिए.
पिछले साल अगस्त में हमारी शादी हुई. यह मेरे जीवन का सबसे ख़ुशनुमा पल था. मैं उसके साथ सारी ज़िंदगी बिताने को लेकर काफ़ी उत्साहित हूं. हम दोनों काम एक टीम की तरह करते हैं और एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं.
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