अमरीका-उत्तर कोरिया तनाव के बीच रूस की मिसाइलें मुस्तैद

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उत्तर कोरिया को लेकर जारी तनाव के बीच रूस ने अपने मिसाइल रक्षा तंत्र (डिफ़ेंस सिस्टम) को हाई अलर्ट पर रख दिया है.
मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम से इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल या अन्य बैलेस्टिक मिसाइल के हमले को बीच में ही ध्वस्त किया जाता है.
रूसी संसद के ऊपरी सदन के एक सदस्य विक्टर ओज़ेरॉव ने कहा है कि वायुसेना और हवाई क्षेत्र सुरक्षा बलों को फ़ार ईस्ट इलाके में मुस्तैद किया गया है.''
उन्होंने कहा है, ''उत्तर कोरिया को लेकर जो हो रहा है उस पर नज़र बनाए हुए हैं और लॉन्च के संभावित इलाकों पर हमारा विशेष ध्यान है.''
उत्तर कोरिया ने बुधवार को प्रशांत महासागर में अमरीकी द्वीप गुआम पर हमले की धमकी दी थी. पिछले दो दिनों से दोनों देशों के बीच तनाव काफ़ी बढ़ गया है.
दोनों देशों की तरफ़ से उकसाने वाले बयान आ रहे हैं.
इस बीच रूस में सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने विक्टर ओज़ेरॉव के हवाले से लिखा है कि रूस के सुदूर पूर्वी इलाके फ़ार ईस्ट में हाई अलर्ट घोषित किया गया है.

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विक्टर ओज़ेरॉव फ़ेडेरेशन काउंसिल के सदस्य हैं और इससे पहले संसद की सुरक्षा और रक्षा कमेटी के प्रमुख थे.
लेकिन इस पूरे मामले में रूस ने अमरीका से उत्तर कोरिया पर हमला नहीं करने को कहा है.
रूस की सरकारी मीडिया एजेंसी टेस की रिपोर्ट के मुताबिक, "रूस उम्मीद करता है कि अमरीका ऐसे कदम उठाने से बचेगा जो उत्तर कोरिया को ख़तरनाक कार्रवाई करने के लिए भड़का दें"
संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत वैज़िली नेबेन्ज़्या ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की उत्तर कोरिया को दी धमकी पर भी बयान दिया है.
नेबेन्ज़्या ने कहा, "उन्होंने जो कहा है वो हमने देखा. मैं सोचती हूं हम चाहते हैं कि अमरीका को शांत रहना चाहिए.
रूसी मीडिया में भी उत्तर कोरिया - अमरीकी युद्ध की चिंता
रूसी अख़बार वेडीमोस्ती में छपी ख़बर कहती है, "अंतर महाद्वीपीय मिसाइल ह्वासन 14 को पहले भी बिना परमाणु हथियार के साथ टेस्ट किया गया था और ये साफ़ नहीं है कि उत्तर कोरिया के पास इस मिसाइल में लगने वाले परमाणु हथियार हैं या नहीं. "

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वहीं, एक अन्य अख़बार नेज़ीविसिमाया में छपी ख़बर में लिखा है, "उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच धमकियों के आदान-प्रदान को धोखेबाज़ी माना जा सकता है अगर किसी गलती की वजह से युद्ध का ख़तरा न हो तो."
चीन ने भी अमरीका को चेताया
चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि अगर अमरीका के ख़िलाफ़ उत्तर कोरिया हमला करता है तो चीन को तटस्थ रहना चाहिए.
लेकिन अख़बार ने ये भी कहा है कि अगर अमरीका और दक्षिण कोरिया सत्ता परिवर्तन के इरादे से उत्तर कोरिया पर हमला करता है तो चीन को चुप नहीं रहना चाहिए.
इस सरकारी अख़बार ने कहा है कि चीन को इस हमले को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए. ग्लोबल टाइम्स के बारे में कहा जाता है कि वह चीन की सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी का मुखपत्र है.
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