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ईरान ने अमरीका के सैन्य ड्रोन को मार गिराया
जलडमरू मध्य के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे अमरीकी ख़ुफ़िया ड्रोन विमान को ईरानी सुरक्षाबलों ने मार गिराया है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गॉर्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) का कहना है कि ड्रोन ने ईरानी हवााई क्षेत्र का उल्लंघन किया था, लेकिन अमरीकी सेना ने कहा है कि हमले के समय वो अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में था.
अमरीकी सेना ने इसे 'बिना किसी कारण का हमला' बताया है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया है, 'ईरान ने बहुत बड़ी ग़लती की है.'
आईआरजीसी के कमांडर मेजर-जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि ये अमरीका के लिए एक साफ संदेश है कि ईरान की जहां से सीमा शुरू होती है वहां उसके लिए ख़तरा है.
ये ख़बर तब आई है जब अमरीका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. अमरीका ने अपने युद्धपोत फारस की खाड़ी में तैनात कर दिए हैं.
सोमवार को अमरीकी रक्षा विभाग ने कहा कि वह ईरान के "आक्रामक व्यवहार" के जवाब में इस क्षेत्र में 1,000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर रहा है.
हाल में अमरीका ने एक वीडियो जारी कर ये दावा किया था कि गुरुवार को ओमान की खाड़ी में दो टैंकरों पर हुए हमले के लिए ईरान ज़िम्मेदार है. जबकि ईरान ने इसका खंडन किया है.
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तेल टैंकरों में हमले का ये महीने भर में दूसरा मामला है. दुनिया के उत्पादित कुल तेल का पांचवां हिस्सा इसी रास्ते ले जाया जाता है.
दोनों देशों के बीच सोमवार को तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने कहा कि इसका कम परिष्कृत यूरेनियम भंडार अगले हफ़्ते तक तय सीमा से ज़्यादा हो जाएगा.
साल 2015 में ईरान ने अमरीका के साथ एक ऐतिहासिक परमाणु संधि पर हस्ताक्षर किया था जिसके तहत उसने अपना यूरेनियम भंडार सीमित करने का वादा किया था.
ईरान ने अमेरिका के इस समझौते से एकतरफा हट जाने और आर्थिक प्रतिबंधों को कड़ा करने के जवाब में अपने उत्पादन को फिर से बढ़ाने की बात कही थी.
ईरान पर क्या है आरोप
आईआरजीसी ने बयान दिया कि गुरुवार सुबह ईरानी हवाई क्षेत्र में आए अमरीकी ड्रोन को हमने मार गिराया है.
आईआरजीसी ने ड्रोन की पहचान RQ-4 ग्लोबल हॉक के रूप में की है, लेकिन एक अमरीकी सैन्य अधिकारी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि ड्रोन एक US नेवी MQ-4C ट्राइटन था.
ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने बुधवार को चेतावनी दी कि ईरान अपने हवाई क्षेत्र में किसी भी तरह के उल्लंघन को स्वीकार नहीं करेगा.
पिछले हफ्ते, अमरीकी सेना ने ईरान पर आरोप लगाया था कि ईरान ने ओमान की खाड़ी में हमला किए गए टैंकरों में से एक की निगरानी को बाधित करने के लिए एमक्यू -9 रीपर ड्रोन को मार गिराने की कोशिश की थी.
ड्रोन ने पहले एक जहाज पर लगी आग देखी थी.
इससे पिछले हफ्ते भी यमन के ऊपर उड़ते ड्रोन को ईरान ने हवाई हमले से मार गिराया था.
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