कोरोना वायरस: वुहान में फंसी भारतीय महिला, वीडियो के ज़रिए बताए हालात

कोरोना वायरस की चपेट में आए चीन के वुहान शहर में फंसी एक भारतीय महिला ने वीडियो जारी करके अपने हालात बयां किए हैं.
ज्योति अन्नेम नाम की महिला ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया और बताया कि लगातार सातवें दिन उन्हें एयर इंडिया की फ़्लाइट से भारत नहीं आने दिया गया.
ज्योति का कहना है कि ऐसा उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने के संदेह के चलते किया जा रहा है जबकि अभी तक एक बार भी टेस्ट करके इसकी पुष्टि करने की कोशिश नहीं की गई.
वीडियो में ज्योति कहती हैं, "मैं अब तक हर रोज़ भारतीय दूतावास से बात करती रही और पूछती रही कि घर कब जा पाऊंगी. मुझसे कहा जाता रहा कि चीनी अधिकारियों से बात हो रही है और वो सकारात्मक रुख़ नहीं दिखा रहे."
ज्योति अन्नेम पिछले साल अगस्त से ही काम के सिलसिले में चीन के वुहान में हैं और अब वहीं फंस गई हैं. वो आंध्र प्रदेश के कुरनूल ज़िले के कोयलकुंतल मंडल के बिजिनावेमुला गांव की रहने वाली हैं.
पिछले साल वुहान के लिए रवाना होने से पहले उनकी सगाई हुई थी और उनकी शादी अगले महीने होनी है.

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अपने वीडियो में ज्योति ने वुहान में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के ख़तरे को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने यह भी बताया है कि उनका वीज़ा 19 फ़रवरी को ख़त्म हो रहा है.
वो आरोप लगाती हैं कि चीन के प्रशासन की ओर से अभी तक कोरोना वायरस को लेकर उनका टेस्ट नहीं किया गया है और न ही उन्हें निगरानी में रखा गया है.
ज्योति का कहना है कि प्रशासन ने इस संकट को लेकर ज़िम्मेदारी नहीं दिखाई है. वो कहती हैं कि वुहान में वो अभी छात्रावास में ही रह रही हैं.
वीडियो में ज्योति ने भारत सरकार से गुज़ारिश की है कि उन्हें वापस देश लाया जाए. वो कहती हैं कि अगर भारतीय प्रशासन ने उन्हें वहां से निकाल लिया होता तो कम से कम एकांत में रखकर उनका टेस्ट किया जा सकता था कि वो वायरस से संक्रमित हैं या नहीं.

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भारत ने वुहान से 645 लोगों को निकाला है और फिर दिल्ली के बाहरी इलाक़े में एकांत में उन्हें रखा है. यहां रोज़ाना उनके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है. उनमें से किसी को भी अभी तक कोरोना वायरस से ग्रस्त नहीं पाया गया है.
बीबीसी ने वुहान में भारतीय दूतावास से संपर्क किया ताकि पता लगाया जा सके कि जो भारतीय स्वदेश आने के लिए एयर इंडिया की फ़्लाइट नहीं ले पाए, उनके लिए क्या किया जा रहा है.
अभी तक उनकी तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया है और जैसे ही कोई जवाब आएगा, हम इस रिपोर्ट में उसे शामिल करेंगे.

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ज्योति के परिवार ने बीबीसी तेलुगू से की बात
बीबीसी न्यूज़ तेलुगू रिपोर्टर हृदया विहारी बांदी ने आंध्र प्रदेश में ज्योति के परिवार से मुलाक़ात की. ज्योति का परिवार चिंतित है कि कोई उनकी बेटी की परेशानी को सुनने वाला नहीं है. हालांकि, परिवार लगातार फ़ोन पर ज्योति के संपर्क में है.
ज्योति की मां प्रमिला देवी ने बीबीसी से कहा, "ज्योति को उसकी कंपनी ने अगस्त 2019 में तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए वुहान भेजा था मगर बाद में ट्रेनिंग का समय बढ़ाकर छह महीने कर दिया गया था."
"हम बेटी की नौकरी को लेकर ख़ुश थे. चीन जाने से पहले उसकी सगाई भी हुई थी. मार्च में उसकी शादी भी होनी है. ज्योति को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद फ़रवरी के पहले हफ़्ते में घर लौटना था मगर मुझे ज़रा भी आशंका नहीं थी कि वो वहां फंस जाएगी."

प्रमिला कहती हैं, "नए भौगोलिक हालात और नया खाना मेरी बेटी के लिए ठीक नहीं रहे. काम के बोझ और नए खाने का भी शायद उसकी सेहत पर असर हुआ है. मगर उसे बिना किसी कारण के रोका गया है."
वहीं ज्योति के भाई अमरनाथ ने बीबीसी तेलुगू से कहा, "जहां ज्योति रहती है, वह कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के कारण काफ़ी संवेदनशील है. वहां रहना ख़तरनाक है. कैसे वो वहां रह सकती है? अगर उसे बुख़ार है तो उन्हें उसके ब्लड टेस्ट करवाने चाहिए. उन्होंने अभी तक कोई टेस्ट नहीं किया है और न ही किसी इन्फ़ेक्शन की पुष्टि की है. इसका क्या मतलब है?"
ज्योति के परिजनों ने बेटी को घर लाए जाने की मांग को लेकर स्थानीय विधायक कटासनी रामभुपाल रेड्डी और कुरनूल के कलेक्टर वीरपांड्यन से मुलाक़ात की है.

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चीन का क्या कहना है?
इस सप्ताह की शुरुआत में, चार फ़रवरी को चीन के शीर्ष नेतृत्व ने स्वीकारा था कि जानलेवा कोरोना वायरस के फैलाव को लेकर देश के हरकत में आने को लेकर कुछ 'कमियां और ख़ामियां' रही हैं.
चीन की पोलित ब्यूरो कमेटी की ओर से भी क़बूलनामा आया था जिसने चीन की आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली में सुधारों की बात कही थी.
उसने जंगली जीवों के अवैध बाज़ारों पर कड़े अभियान का भी आदेश दिया था, जहां से यह वायरस फैला है.
शुक्रवार सात फ़रवरी तक चीन में कोरोना वायरस से 31,198 मामले सामने आ चुके हैं और 637 लोगों की मौत हो चुकी है.

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भारत में क्या है स्थिति
सात फ़रवरी तक भारत में कोरोना वायरस के तीन केस पाए गए हैं. ये दक्षिणी राज्य केरल में मिले हैं जहां पर इसे आपदा घोषित किया गया था. तीनों संक्रमित व्यक्तियों की स्थिति स्थिर बनी हुई है.
छह फ़रवरी को भारत ने कहा था कि 1265 उड़ानों के 1,38,750 यात्रियों को कोरोना वायरस के लिए स्क्रीन किया गया और अभी तक एक भी नया केस नहीं मिला है.
वुहान से निकाले गए सभी 645 लोगों में भी कोरोना वायरस नहीं मिला है.

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भारत की ओर से ट्रैवल अडवाइज़री भी जारी की गई है. इसमें कहा गया है चीन से भारत आना चाह रहे विदेशी नागरिकों के लिए पहले से जारी किए गए वीज़ा (ई-वीज़ा भी) वैध नहीं होंगे.
इसके अलावा पहले एक अडवाइज़री जारी करके लोगों को चीन की यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई थी. साथ ही कहा गया था कि चीन जाकर लौटने वाले लोगों को अलग रखा जाएगा और जांच की जाएगी.
भारत में सभी 21 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों और सीमाओं पर कोरोना वायरस के लिए स्क्रीनिंग की जा रही है.
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