कोरोना वायरस से अमरीका में हुई पहली मौत

अमरीका में कोरोना वायरस की वजह से मौत का पहला मामला सामने आया है. यह मामला वॉशिंगटन के उत्तर-पश्चिम का है.

अधिकारियों का कहना है कि मरने वाले शख़्स की उम्र 50 साल से अधिक थी और वो पहले ही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था.

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि इसके और भी कई मामले सामने आ सकते थे लेकिन अमरीकी किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार था.

अधिकारियों के मुताबिक़, ईरान से यात्रा पर प्रतिबंध की सीमा बढ़ा दी गई थी और अमरीकी नागरिकों से इटली और दक्षिण कोरिया ना जाने की अपील की गई.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक़, दुनिया भर के क़रीब 57 देशों में कोरोना वायरस के क़रीब 85000 मामले अब तक सामने आ चुके हैं और क़रीब 3000 लोगों की मौत हो चुकी है.

इस वायरस का सबसे अधिक प्रकोप चीन में देखने को मिला है और वहां मौत के आंकड़े के भी सबसे ज़्यादा हैं. चीन में बीते साल दिसंबर के आख़िर में इस वायरस का पता चला था.

अमरीका में क्या हो रहा है?

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को पुष्टि की है कि वॉशिंगटन के किंग्स काउंटी में 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है. उन्होंने बताया कि उसने किसी भी ऐसी जगह का सफर नहीं किया था जहां कोरोना वायरस का ख़तरा ज़्यादा था.

हालांकि पहले मरीज़ को लेकर थोड़ा भ्रम की स्थिति बनी थी जब राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि मरीज़ 'एक बेहतरीन महिला' थीं.

वॉशिंगटन के गवर्नर जे इनस्ली ने राज्य में बढ़ रहे नए मामलों को देखते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी है.

अमरीका के पश्चिमी तट कैलिफ़ोर्नियास ऑरेगॉन और वॉशिंगटन में इस बात को लेकर चिंता बढ़ी है कि वहां वायरस से पीड़ित ऐसे लोग सामने आ रहे हैं कि जो न तो कोरोना वायरस से प्रभावित किसी जगह गए और न ही ऐसे किसी व्यक्ति के संपर्क में आए.

वॉशिंगटन में अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि वो स्थानीय नर्सिंग होम में कोरोना वायरस के फैलने की संभावित वजहों की जांच कर रहे हैं.

वॉशिंगटन के सिएटल और किंग काउंटी के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेफ्रे डचिन ने बताया कि 27 आम लोगों और किर्कलैंड के लाइफ केयर सेंटर में 25 स्टाफ़ सदस्यों में हल्के लक्षण पाए गए हैं और वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ सकती है.

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक़, अमरीका में अब तक 62 मामले सामने आ चुके हैं.

एक अमरीकी नागरिक की चीन के वुहान शहर में मौत हो चुकी है जहां सबसे पहले वायरस फैला.

ट्रंप ने क्या कहा?

कोरोना वायरस के नए मामले सामने आने की आशंका को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इससे घबराने की ज़रूरत नहीं है.

उन्होंने कहा, "विदेशों में बढ़े प्रकोप के शुरुआती चरणों के बाद ही मेरे प्रशासन ने इस बीमारी से निपटने के लिए आधुनिक इतिहास में सबसे आक्रामक कार्रवाई की है."

''हमारा देश हर परिस्थिति के लिए तैयार है. घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है.''

उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य वाले लोग अगर वायरस की चपेट में आते हैं तो वो जल्द पूरी ठीक हो जाएंगे.

उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने ईरान से आने और वहां जाने पर लगे प्रतिबंध को और बढ़ाने की घोषणा कर दी है. इसमें वो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं जिन्होंने 14 दिनों के भीतर वहां का सफ़र किया हो.

चीन के बाद ईरान में मौत के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं.

अमरीकी नागरिकों से इटली और दक्षिण कोरिया जैसे अत्यंत प्रभावित देशों में न जाने की अपील की गई है.

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