डोनाल्ड ट्रंप को क्या राष्ट्रपति पद से हटाया जा सकता है?

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दुनिया के सबसे पुराने और सबसे ताक़तवर लोकतंत्र माने जाने वाले अमेरिका में इस समय लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर ख़तरे के बादल मँडराते नज़र आ रहे हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थकों ने राजधानी वॉशिंगटन डीसी में स्थित कैपिटल बिल्डिंग में घुसकर काफ़ी हंगामा किया और इसमें हिंसा भी हुई है.

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले से लेकर चुनाव के नतीजे आने के बाद तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपनी जीत के दावे करते रहे हैं. चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि अगर वो हार गए, तो आसानी से अपनी हार स्वीकार नहीं करेंगे.

अब चुनाव के नतीजे आने के बाद और जो बाइडन की जीत की आधिकारिक घोषणा का वक़्त नज़दीक आने पर भी ट्रंप अपनी ज़िद पर अड़े हुए हैं.

वो बार-बार दोहरा रहे हैं कि चुनाव में धोखाधड़ी और धाँधली हुई है.

हालाँकि, अपने दावों को पुष्ट करने के लिए उन्होंने अब तक एक भी सबूत नहीं दिए हैं.

कैपिटल बिल्डिंग में उत्पात और हिंसा के बाद भी ट्रंप अपने रुख़ पर कायम हैं. दुनिया भर में ट्रंप के रवैए की आलोचना हो रही है और अमेरिका के मौजूदा हालात पर चिंता जताई जा रही है.

वीडियो कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने कैपिटल हिल पर बोला धावा, हिंसा, मौत

एक तरफ़, नवनिर्वाचित अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडन को 20 जनवरी को पद की शपथ लेनी है और दूसरी तरफ़, अमेरिका में अप्रत्याशित अराजकता का माहौल है.

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या 20 जनवरी को ट्रंप का कार्यकाल ख़त्म होने से पहले उन्हें हटाया जा सकता है? इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि क्या ट्रंप को अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का सहारा लेकर हटना मुमकिन है?

आम तौर पर हम महाभियोग की प्रक्रिया के बारे में सुनते हैं, जिसके ज़रिए अमेरिकी संसद राष्ट्रपति को पद से हटा सकती है. वहीं, 25वें संशोधन की मदद से राष्ट्रपति की अपनी ही कैबिनेट उन्हें पद से हटा सकती है.

1963 में जब तत्कालीन उपराष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी की हत्या के दो घंटे बाद राष्ट्रपति पद की शपथ ली.

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इमेज कैप्शन, 1963 में जब तत्कालीन उपराष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी की हत्या के दो घंटे बाद राष्ट्रपति पद की शपथ ली.

अमेरिका को 25वें संशोधन की ज़रूरत क्यों पड़ी?

अमेरिकी संविधान से जुड़े विषयों पर काम करने वाली वेबसाइट 'कॉन्स्टिट्यूशन डेली' के मुताबिक़ अमेरिका के संविधान में 25वें संशोधन की ज़रूरत साल 1963 में उस वक़्त पड़ी, जब तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी की अचानक हत्या कर दी गई.

जॉन एफ़ केनेडी की अचानक हुई हत्या के साथ ये ख़बरें भी आईं कि उप राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन भी घायल हो गए हैं. इसके बाद अमेरिका में शोक के साथ-साथ कुछ समय के लिए राजनीतिक संकट की स्थिति भी पैदा हो गई.

हालाँकि, केनेडी की हत्या के दो घंटे के भीतर लिंडन जॉनसन ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली. इसी के साथ अमेरिकी संविधान में 25वें संशोधन की शुरुआत हुई.

केनेडी की हत्या के दो साल बाद 1965 में अमेरिकी संसद ने 25वें संशोधन का प्रस्वात रखा और फिर दो साल बाद 1967 में इसे मंज़ूरी मिली.

इससे पहले तक अमेरिका के संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी कि राष्ट्रपति की अचानक मौत, हत्या, इस्तीफ़े या उनके पद संभालने में असमर्थ हो जाने पर उनका उत्तराधिकारी कौन होगा.

25वाँ संशोधन इन्हीं बिंदुओं पर चर्चा करता है.

अमेरिकी संविधान

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क्या कहता है 25वाँ संशोधन?

25वें संशोधन की मदद से राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए मंत्रिमंडल को बहुमत से और उप राष्ट्रपति के साथ मिलकर इस आशय के पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा कि मौजूदा राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं.

आधिकारिक शब्दों में कहें तो कैबिनेट और उपराष्ट्रपति को घोषणा करनी होगी कि राष्ट्रपति अपने पद की संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करने और अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं.

25वें संशोधन का सेक्शन-4 अमेरिका में उन स्थितियों के बारे में है, जब कोई राष्ट्रपति अपना कार्यभार चलाने में असमर्थ हो जाए, लेकिन पद छोड़ने के लिए स्वेच्छा से क़दम न उठाए.

वीडियो कैप्शन, अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक सड़कों पर उतरे

इसे लेकर कुछ संवैधानिक विशेषज्ञों का कहना है कि सेक्शन-4 को राष्ट्रपति की मानसिक या शारीरिक विकलांगता (असमर्थता) से जुड़ी स्थितियों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए.

वहीं, कुछ जानकारों का कहना है कि के सेक्शन-4 को राष्ट्रपति की शारीरिक और मानसिक विकलांगता से आगे बढ़कर ज़्यादा व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए.

जैसे कि, अगर कोई राष्ट्रपति शारीरिक या मानसिक रूप से असमर्थ न होने के बावजूद अगर पद के लिए 'ख़तरनाक रूप से अनुपयुक्त' हो तो उसे सेक्शन-4 के प्रावधानों के दायरे में रखा जाना चाहिए.

इन प्रावधानों की अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार व्याख्या की जा सकती है.

कैपिटल बिल्डिंग

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क्या है राष्ट्रपति को हटाए जाने की पूरी प्रक्रिया?

कैबिनेट के बहुमत और उपराष्ट्रपति की मंज़ूरी के साथ पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद उप राष्ट्रपति ही कार्यकारी राष्ट्रपति बन जाता है.

इन सबके बीच राष्ट्रपति को भी एक मौक़ा दिया जाता है कि वो लिखित में अपना बचाव कर सकें.

हालाँकि, अगर राष्ट्रपति अपने बचाव में इस फ़ैसले को चुनौती देता है, तो भी इससे जुड़ा आख़िरी फ़ैसला कैबिनेट ही करती है.

सत्ता हस्तांतरण के लिए आगे बढ़ने से पहले सीनेट और प्रतिनिधि सभा में दो-तिहाई बहुमत की वोटिंग का फ़ॉर्मूला अपनाया जाता है. लेकिन इन सबके बीच उप राष्ट्रपति कार्यकारी राष्ट्रपति के तौर पर अपना काम जारी रखता है.

डोनाल्ड ट्रंप

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ट्रंप को इस प्रक्रिया से हटाया जा सकता है?

क्या ट्रंप को 25वें संशोधन का सहारा लेकर हटाया जा सकता है?

पहले इसके आसार कम नज़र आ रहे थे क्योंकि ऐसा माना जा रहा था कि उप राष्ट्रपति माइक पेंस कभी डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ नहीं जाएंगे. लेकिन, अब पेंस ने खुलकर कहा है कि जो बाइडन और कमला हैरिस को अमेरिका की जनता ने चुना है. पेंस ने कहा है कि वो ट्रंप के दबाव के बावजूद अमेरिकी जनादेश के ख़िलाफ़ नहीं जा सकते.

ऐसे में 25वें संशोधन को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है. अगर इसका उपयोग हुआ तो डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी इतिहास के ऐसे पहले राष्ट्रपति होंगे, जिन्हें संविधान के 25वें संशोधन के तहत पद से हटाया जाएगा क्योंकि इससे पहले किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ ऐसा नहीं हुआ.

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