इमरान ख़ान बोले- मुल्क चलाने के लिए पैसे नहीं हैं

इमरान ख़ान

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि उनके पास मुल्क को चलाने के लिए पैसे नहीं हैं और क़र्ज़ बढ़ता जा रहा है.

मंगलवार को इस्लामाबाद में एक समारोह में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह किसी घर में आमदनी कम हो और खर्चे ज़्यादा हों तो वो घर मुश्किल में पड़ा रहता है,पाकिस्तान का भी वही हाल है.

इमरान ख़ान ने कहा, ''हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि अपने मुल्क को चलाने के लिए उतना पैसा नहीं है. इसकी वजह से हम क़र्ज़ लेते हैं.''

उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए बचत और निवेश के मामले में पाकिस्तान पीछे छूटता जा रहा है.

इमरान ख़ान ने कहा, ''पाकिस्तान में टैक्स कल्चर कभी बना ही नहीं. टैक्स चोरी करना बुरी चीज़ है, इसे लोग समझते ही नहीं थे. मैंने इस विषय पर चिंतन किया कि आख़िर पाकिस्तान में टैक्स देने की संस्कृति क्यों नहीं है.

''नतीजे में दो-तीन बातें सामने आईं. पहली यह कि जब हम उपनिवेश थे तो उस वक़्त लोगों को लगता था कि विदेशियों को टैक्स क्यों देना है. पराए की हुकूमत में टैक्स चोरी करना स्वाभाविक सी बात थी. जो लोग ये समझते हैं कि इन टैक्स से हमारी ही बेहतरी होगी, वे कुछ और सोचते हैं.''

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'टैक्स कल्चर को बढ़ावा नहीं मिला'

इमरान ख़ान ने कहा, ''जब हम आज़ाद हो गए तब भी शासक वर्ग ने टैक्स की संस्कृति को बढ़ावा नहीं दिया. लेकिन शासक वर्ग की जो जीवन शैली थी, उससे भी लोगों को लगा कि उनके टैक्स से उनकी बेहतरी नहीं बल्कि शासक वर्ग की बेहतरी होगी.''

''ऐसा शासक वर्ग यूरोप में नहीं था. इंग्लैंड की जीडीपी पाकिस्तान से 50 गुना ज़्यादा है. वहाँ के मंत्री कुछ भी खर्च करते हैं तो हर चीज़ का हिसाब होता है. उनके मंत्री जब विदेश जाते हैं तो कम खर्चे का ध्यान रखा जाता है.

''उनके मंत्री अमेरिका जाते हैं तो वहाँ के अपने दूतावास में रहते हैं ताकि खर्च कम हो. लेकिन पाकिस्तान के शासक वर्ग ने कभी ऐसा नहीं सोचा. ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी के भी छात्र कहते थे कि ये हमारे टैक्स का पैसा है. वहाँ का आवाम भी जागरूक है और हुकूमत भी जवाबदेह है.''

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इमरान ख़ान ने कहा, ''6 हज़ार ट्रिलियन से पाकिस्तान का क़र्ज़ 10 सालों में बढ़कर 30 ट्रिलियन रुपए हो गया. ये कैसे हुआ? कोई इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर बड़ा काम नहीं हुआ है. कोई बड़ा डैम नहीं बना है. उस मुल्क में इतना क़र्ज़ा चढ़ा हुआ है कि हमारी हुकूमत आज तक जूझ रही है.''

''अब हमारी सरकार में रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शन हुआ है. उम्मीद है कि छह हज़ार अरब रुपए तक का टैक्स कलेक्शन होगा. लेकिन छह हज़ार अरब में से तीन हज़ार अरब तो उनके क़र्ज़ों की किस्तें चुकाने में चला जा रहा है. अब 22 करोड़ लोगों के लिए बचेगा, तीन हज़ार अरब. इसी में हमें स्कूल, अस्पताल और अन्य व्यवस्थाएं करनी हैं. लेकिन हमारे पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं इसलिए क़र्ज़े लेने पड़ रहे हैं.''

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इमरान ख़ान ने कहा, ''हमने कई चीज़ों को पेपरलेस किया है. इससे लोगों को फ़ायदा हुआ है और चीज़ें पारदर्शी भी हुई हैं. तकनीक के सहारे हम भ्रष्टाचार भी रोक रहे हैं. टैक्स कलेक्शन भी बढ़ेगा. पाकिस्तान टैक्स संग्रह में जिस तेज़ी से बढ़ रहा है, उस हिसाब से हम आठ हज़ार अरब तक पहुँच जाएंगे.''

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह मुल्क की सुरक्षा का मामला है. तकरीबन 60 फ़ीसदी आबादी 30 साल से कम की है. हमें इनके ऊपर निवेश करना होगा. हमें इस बात को लेकर आश्वस्त करना होगा कि उनका पैसा उन पर ही ख़र्च होगा. लोगों को लगने लगेगा कि सरकार उन पर खर्च करने के लिए ही उनसे पैसे ले रही है तो वे ख़ुद टैक्स देने में कोताही नहीं करेंगे. आवाम की ख़ुशहाली टैक्स देने पर है.''

इमरान ख़ान ने कहा, ''पुराने सिस्टम से जो भी फ़ायदा उठा रहे हैं, वो कभी बदलाव नहीं आने देंगे. हमने यूटिलिटी स्टोर के अंदर बिल को ऑटोमैटिक करने की कोशिश की लेकिन लोग कोर्ट चले गए. एफबीआर के अंदर से लोग ऑटोमेशन नहीं होने दे रहे हैं. सरकार के पास पैसे नहीं आते लेकिन लोग पैसे बना रहे हैं. जहाँ अरबों रुपए की बिक्री होती है, वहाँ 15 सालों से कोशिश हो रही है कि बिक्री का हिसाब किताब रखा जाए. वहाँ अब जाकर ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लगने जा रहा है.''

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'10 लाख लोग सिर्फ़ रिटर्न भरते हैं'

इसी कार्यक्रम में पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तरीन ने कहा, ''अभी हम ट्रैक एंड ट्रैस की शुरुआत चार उत्पादों- तंबाकू, चीनी, सीमेंट और इस्पात में कर रहे हैं. हमारे लिए ये काम बहुत चुनौतीपूर्ण है. मेहनत का नतीजा है कि हम यहाँ तक पहुँच पाए हैं.''

''इसके लिए 78 शुगर कंपनियाँ तैयार हो गई हैं. पाकिस्तान में महज़ 30 लाख लोग टैक्स देते हैं और इनमें 10 लाख तो वे लोग हैं, जो सिर्फ़ फॉर्म भर देते हैं और टैक्स रिटर्न दे देते हैं लेकिन रक़म कुछ नहीं होती.''

''मतलब महज़ 20 लाख लोग ही टैक्स देते हैं. हमने अब 15 मिलियन लोगों को चिह्नित कर लिया है, जिन्हें बताएंगे कि उनकी आय कितनी है और उन्हें कितने टैक्स देने होंगे. रिटेल सेक्टर में सालाना 18 ट्रिलियन का सेल और लेकिन हम तीन ट्रिलियन का ही हिसाब किताब रख पाते हैं. हम अब तकनीक का सहारा ले रहे हैं और सबको ट्रैस करेंगे.''

तरीन ने कहा, ''हमारे मुल्क में कुछ भी आ जाता है, उसमें दीमक लग ही जाता है. इसलिए हमें इसका ध्यान रखना होगा. मैं प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को शुक्रिया करता हूँ, जिन्होंने टैक्स कलेक्शन में टेक्नोलॉजी लाने की वकालत की और ये काम शुरू हो गया है.

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इसी साल फ़रवरी महीने में इमरान ख़ान ने दावा किया था कि उनके ढाई साल के शासनकाल के दौरान, पाकिस्तान ने 20 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज़ अदा किया है, जो पाकिस्तान में अब तक विदेशी क़र्ज़ों की रिकॉर्ड अदायगी है.

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) ने अपने ढाई साल के शासन के दौरान 20 अरब डॉलर विदेशी क़र्ज़ की अदायगी तो की है लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान देश का कुल विदेशी क़र्ज़ अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है.

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, सरकार ने क़र्ज़ तो चुकाया है, लेकिन इस विदेशी क़र्ज़ को अदा करने के लिए, नया क़र्ज़ लेकर देश पर क़र्ज़ का और बोझ डाल दिया है.

कॉपी-रजनीश कुमार

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