लाइव, कोलकाता: बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प पर क्या बोले पीएम मोदी?

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'राज्य की सरकार ने इस रैली को रोकने के लिए सारे हथियार निकाल लिए.'

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, रौनक भैड़ा

  1. कोलकाता: बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प पर क्या बोले पीएम मोदी?

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार की निंदा की है

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'राज्य की सरकार ने इस रैली को रोकने के लिए सारे हथियार निकाल लिए.'

    पीएम मोदी ने शनिवार को सभा संबोधित करते हुए कहा, "आज इस सभा को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल की निर्मम सरकार ने अपने सारे हथियार निकाल लिए."

    उन्होंने कहा, "आप लोगों को आने से रोकने के लिए उन्होंने पुल बंद कर दिए, गाड़ियां रोक दीं, ट्रैफ़िक जाम कर दिया, बीजेपी के झंडे उखाड़ दिए और पोस्टर फाड़ दिए. लेकिन निर्मम सरकार, साफ-साफ देख लो, आप आज के जनसैलाब को रोक नहीं पाई हो."

    दरअसल, इससे पहले कोलकाता में रैली स्थल से 5 किलोमीटर दूर टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी. बीजेपी समर्थकों ने दावा किया कि उन पर अचानक से पत्थरबाज़ी हुई थी.

    दूसरी तरफ़, टीएमसी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार में मंत्री शशि पांजा पर पत्थरबाज़ी हुई. टीएमसी ने एक्स हैंडल पर लिखा, "कोलकाता में डर और अव्यवस्था फैलाने की ऐसी कोशिशें अस्वीकार्य हैं. बंगाल के लोग साफ देख रहे हैं कि बीजेपी का 'परिवर्तन' कैसा दिखता है."

  2. अमेरिका का दावा- ईरान के खार्ग द्वीप पर 90 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर बमबारी हुई, जैकब फिलिप्स

    खार्ग द्वीप

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    इमेज कैप्शन, खार्ग द्वीप उत्तरी खाड़ी में है और ईरान के क़रीब 90% तेल निर्यात का केंद्र है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जंग का 15वां दिन है. अमेरिका ने इस बार ईरान की अर्थव्यवस्था पर चोट करने की कोशिश की है. अमेरिका ने दावा किया कि ईरान के खार्ग द्वीप पर 90 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है.

    अमेरिका का दावा है कि ईरान के खार्ग द्वीप पर 90 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों को रातभर की बमबारी में तबाह कर दिया गया. यह अहम द्वीप उत्तरी खाड़ी में है और ईरान के क़रीब 90% तेल निर्यात का केंद्र भी है.

    दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि उसके तेल ढांचे को कोई नुक़सान नहीं हुआ और न ही किसी की मौत हुई है.

    इसराइल का कहना है कि इस हमले ने ईरान की सरकार को 'कड़ा झटका' दिया है. साथ ही इसराइल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ संघर्ष अब 'निर्णायक दौर' में प्रवेश कर रहा है.

    इसी बीच यूएई के फ़ुजैरा बंदरगाह पर काले धुएं के बड़े ग़ुबार उठते देखे गए हैं. यह जगह मध्य पूर्व की सबसे बड़ी ऑयल फ़ैसिलिटीज़ में से एक है. यहां पर जहाज़ों को फ़्यूल दिया जाता है.

  3. इलाहाबाद हाई कोर्ट के संभल की एक मस्जिद को लेकर दिए फ़ैसले को ओवैसी ने बताया 'स्वागत योग्य'

    असदुद्दीन ओवैसी

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    इमेज कैप्शन, इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले पर एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी प्रशासन के उस आदेश को ख़ारिज कर दिया है जिसमें संभल की एक मस्जिद में नमाज़ पढ़ने वालों की संख्या सीमित करने की बात कही गई थी. अब इस पर एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया आई है.

    असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर लिखा, "इलाहाबाद हाई कोर्ट का फ़ैसला स्वागत योग्य है, जिसमें संभल पुलिस के उस अजीब आदेश को ख़ारिज किया गया है जिसमें निजी जगह पर नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाए जाने की बात कही गई है."

    "क़ानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य की ज़िम्मेदारी है, आम लोगों की नहीं. यूपी में यह एक पैटर्न बनता जा रहा है, एक मामले में मुसलमानों को घर के अंदर नमाज़ पढ़ने पर हिरासत में लिया गया. संभल में कहा जा रहा है कि निजी जगह पर 20 से ज़्यादा लोग नमाज़ नहीं पढ़ सकते. हम सिर्फ़ यही उम्मीद कर सकते हैं कि यूपी पुलिस इससे सबक़ ले."

    लाइव लॉ के मुताबिक़, मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने कहा, "अगर एसपी और ज़िला कलेक्टर क़ानून-व्यवस्था संभाल नहीं सकते, तो उन्हें या तो इस्तीफ़ा देना चाहिए या फिर ट्रांसफ़र ले लेना चाहिए."

  4. भारत सरकार ने बताया एलपीजी लेकर कब आएंगे होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले दो जहाज़?

    राजेश कुमार सिन्हा

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    इमेज कैप्शन, शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेट्री राजेश कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम जानकारियां दी हैं

    भारत सरकार ने बताया है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से दो जहाज़ शिवालिक और नंदा देवी, एलपीजी लेकर गुज़र चुके हैं. ये जहाज़ 16 और 17 मार्च को भारत के बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे.

    शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "पर्शियन गल्फ़ क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में उनके साथ कोई नकारात्मक घटना नहीं हुई है. होर्मुज़ स्ट्रेट के पर्शियन गल्फ़ में 24 भारतीय झंडे वाले जहाज़ मौजूद थे."

    उन्होंने बताया, "इनमें से दो जहाज़ शिवालिक और नंदा देवी आज सुबह होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़र गए हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इन जहाज़ों में क़रीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है."

    राजेश कुमार सिन्हा ने कहा, "ये जहाज़ मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर पहुंचेंगे. मुंद्रा में 16 मार्च और कांडला में 17 मार्च को इनके पहुंचने की उम्मीद है."

    उन्होंने बताया, "इसके बाद अब पर्शियन गल्फ़ में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज़ बचे हैं, जिनमें कुल 611 नाविक हैं. हम इनकी परिस्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं."

  5. अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे विवाद पर चीन ने क्या कहा?

    वांग यी

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    इमेज कैप्शन, चीन ने कहा है कि ताक़त का इस्तेमाल करने से हालात और उलझेंगे और टकराव बढ़ेगा

    चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान प्रशासन के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्तक़ी से फ़ोन पर बातचीत की है. चीन ने अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे विवाद को बातचीत से सुलझाने के लिए कहा है.

    भारत में चीनी राजदूत शू फ़ेहॉन्ग ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "वांग ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की समस्याएं सिर्फ़ बातचीत और सलाह-मशवरा से ही हल हो सकती हैं."

    "ताक़त का इस्तेमाल करने से हालात और उलझेंगे और टकराव बढ़ेगा, जिससे किसी भी पक्ष को फ़ायदा नहीं होगा और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को ख़तरा होगा."

    शू फ़ेहॉन्ग ने आगे लिखा, "चीन ने कहा कि वह अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मेल-जोल बढ़ाने और तनाव कम करने के लिए प्रयास जारी रखने को तैयार है."

    गौरतलब है कि पाकिस्तान और अफ़ग़ान तालिबान के बीच बीते कुछ समय से विवाद चल रहा है, दोनों एक-दूसरे पर सैन्य कार्रवाई भी कर चुके हैं.

  6. उत्तर प्रदेश: एलपीजी सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े 75 वर्षीय बुज़ुर्ग की मौत, सैय्यद मोज़िज़ इमाम, बीबीसी संवाददाता

    फ़र्रुख़ाबाद गैस एजेंसी

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    इमेज कैप्शन, घटना के समय मौजूद लोगों ने बताया कि बुज़ुर्ग को चक्कर आया और वह अचानक गिर पड़े

    उत्तर प्रदेश के फ़र्रुख़ाबाद ज़िले में शुक्रवार को एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े 75 वर्षीय बुज़ुर्ग की मौत हो गई.

    फ़र्रुख़ाबाद के मोहल्ला मनिहारी में रहने वाले मुख़्तार अंसारी लाल सराय क्षेत्र में गैस एजेंसी के पीछे स्थित गोदाम से एलपीजी सिलेंडर लेने गए थे. वह सुबह घर से निकले थे और गोदाम पर लाइन में लगे थे. घटना के समय मौजूद लोगों ने बताया कि उन्हें चक्कर आया और वह अचानक गिर पड़े.

    वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने की कोशिश करते हुए उन्हें सीपीआर दिया. उन्हें इलाज के लिए पास के एक निजी नर्सिंग होम भी ले जाया गया, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

    परिजनों ने बताया कि बुज़ुर्ग कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज भी चल रहा था. हालांकि, मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.

    मृतक के भतीजे मोहम्मद वसी ने कहा, "कई घंटे लाइन में खड़े रहने से अचानक तबीयत ख़राब हो गई और गिर पड़े."

    ज़िला आपूर्ति अधिकारी (डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफ़िसर) सुरेंद्र यादव ने बताया कि प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिल गई है.

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए सरकार की आलोचना की है.

    उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, "गैस की लाइन में लगे एक बुज़ुर्ग की हार्ट अटैक से मृत्यु होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण समाचार है. भाजपाई सच को स्वीकार करें और सुनिश्चित करें कि भाजपा सरकार की ग़लतियां अब लोगों की जान भी ले रही हैं. ये तो हद हो गई है. भाजपा किसी का परिवार न उजाड़े."

  7. कोलकाता: पीएम मोदी की रैली से पहले टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प

    कोलकाता

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    इमेज कैप्शन, गिरिश पार्क इलाक़े में टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हुई है

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार को टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हो गई.

    यह घटना गिरीश पार्क इलाक़े में हुई, जो ब्रिगेड परेड ग्राउंड से क़रीब 5 किलोमीटर दूर है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज रैली होने वाली है.

    पीटीआई के मुताबिक़, बीजेपी समर्थकों का कहना है कि जब वे रैली स्थल की ओर जा रहे थे और प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगा रहे थे, तभी कुछ जगहों से अचानक उन पर पत्थर फेंके गए.

    दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा का आरोप है कि उन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ईंट से हमला किया. शशि पांजा का घर गिरीश पार्क इलाक़े में ही स्थित है.

    गौरतलब है की पीएम मोदी कोलकाता पहुंच गए हैं, यहां वो रैली को संबोधित करेंगे और 18,680 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे.

  8. पेट्रोल-डीज़ल की उपलब्धता पर भारत सरकार ने जारी किया बयान

    पेट्रोल

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    इमेज कैप्शन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोल पंपों को भी निर्देश जारी किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देशभर के पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. साथ ही पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि तेल देते समय सुरक्षा नियमों का सख़्ती से पालन करें.

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल या डीज़ल को ग़लत कंटेनर में न भरें और न ही घर पर रखें, क्योंकि इससे गंभीर सुरक्षा ख़तरे हो सकते हैं."

    पेट्रोल पंपों से मंत्रालय ने कहा है, "किसी भी तरह की ग़लती या नियम तोड़ने पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी."

    पेट्रोलियम मंत्रालय

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    इमेज कैप्शन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का बयान

    मंत्रालय ने अपने बयान में तमिलनाडु के एक पेट्रोल पंप का ज़िक्र किया है, जहां 'एक कंटेनर में पेट्रोल भरा जा रहा था.' मंत्रालय के अनुसार यह ख़तरनाक हो सकता है.

  9. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.

  10. दक्षिण कोरिया का दावा, उत्तर कोरिया ने क़रीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

    सांकेतिक तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    दक्षिण कोरिया की योनहाप एजेंसी के मुताबिक़, उत्तर कोरिया ने शनिवार को पूर्वी सागर की ओर लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. दक्षिण कोरिया की ज्वाइंट चीफ्स ऑफ़ स्टाफ़ (जेसीएस) ने यह जानकारी दी है.

    यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं.

    जेसीएस के अनुसार, मिसाइलें उत्तर कोरिया के सुनान क्षेत्र से लगभग स्थानीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर दागी गईं. इस साल यह उत्तर कोरिया का तीसरा बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण है.

    इससे पहले जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी इस प्रक्षेपण की पुष्टि की है. मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर कहा कि 'संभवतः एक बैलिस्टिक मिसाइल उत्तर कोरिया से दागी गई है.'

    अभी तक उत्तर कोरिया की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है.

  11. क़ानून-व्यवस्था के आधार पर नमाज़ियों की संख्या सीमित नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

    इलाहाबाद हाई कोर्ट

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    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश प्रशासन के उस आदेश को ख़ारिज कर दिया, जिसमें संभल ज़िले की एक मस्जिद में रमज़ान के दौरान नमाज़ अदा करने वाले लोगों की संख्या सीमित करने की बात कही गई थी.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, अदालत ने कहा कि क़ानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य की ज़िम्मेदारी है.

    आदेश में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने कहा कि अगर पुलिस अधीक्षक और ज़िला कलेक्टर को क़ानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है और इसी वजह से वे नमाज़ियों की संख्या सीमित करना चाहते हैं, तो उन्हें या तो इस्तीफ़ा दे देना चाहिए या फिर तबादला मांग लेना चाहिए.

    अदालत ने कहा कि राज्य के वकील ने दलील दी थी कि संभावित क़ानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ऐसा आदेश जारी किया गया था, लेकिन अदालत ने इस तर्क को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया.

    अदालत ने यह भी कहा कि अगर स्थानीय प्रशासन यानी पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को लगता है कि वे क़ानून का राज लागू कराने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए या संभल से बाहर तबादला मांग लेना चाहिए.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की गई थी, जिसे मुनज़िर ख़ान ने दायर किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें रमज़ान के महीने में गाटा संख्या 291 पर नमाज़ अदा कराने से रोका जा रहा है, जहां उनके अनुसार एक मस्जिद मौजूद है.

    याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रशासन ने उस स्थान पर सिर्फ़ 20 लोगों को नमाज़ अदा करने की अनुमति दी थी, जबकि रमज़ान के दौरान वहां इससे कहीं अधिक नमाज़ियों के जुटने की उम्मीद थी.

  12. रूसी तेल ख़रीद पर भारत को अमेरिकी 'छूट' को लेकर ईरान ने क्या कहा?

    अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, अब्बास अराग़ची ने कहा है कि अमेरिका भारत समेत दुनिया से रूसी तेल ख़रीदने की अपील कर रहा है

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका के रुख़ की कड़ी आलोचना की है.

    उनका कहना है कि अमेरिका अब भारत समेत दुनिया के कई देशों से रूस से तेल ख़रीदने की 'गुहार' लगा रहा है.

    अराग़ची की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अस्थायी रूप से इन प्रतिबंधों में ढील दी है, ताकि भारत जैसे देश समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल ख़रीद सकें.

    प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने यह फै़सला इसलिए लिया क्योंकि भारत ने ज़िम्मेदार रवैया दिखाया है और पहले उन्होंने प्रतिबंधित रूसी तेल ख़रीदना बंद कर दिया था.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अराग़ची ने लिखा, "अमेरिका महीनों तक भारत पर रूस से तेल आयात रोकने का दबाव डालता रहा. लेकिन ईरान के साथ सिर्फ़ दो हफ़्ते के संघर्ष के बाद व्हाइट हाउस अब भारत समेत दुनिया के देशों से रूसी तेल ख़रीदने की अपील कर रहा है."

    ईरानी विदेश मंत्री ने यूरोपीय देशों की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यूरोप ने ईरान के ख़िलाफ़ 'ग़ैरक़ानूनी युद्ध' का समर्थन इस उम्मीद में किया कि इससे रूस के ख़िलाफ़ उसे अमेरिका का साथ मिलेगा.

  13. ट्रंप ने कहा, 'ईरान समझौता चाहता है, लेकिन ऐसा समझौता मुझे अभी मंज़ूर नहीं'

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान अमेरिका के सामने पूरी तरह हार चुका है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा है कि 'फे़क न्यूज़ मीडिया' अमेरिका की सेना की ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई को सही तरीके़ से नहीं दिखा रहा.

    ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में उन्होंने कहा, "फे़क न्यूज़ मीडिया यह बताने से कतराता है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के ख़िलाफ़ कितना अच्छा प्रदर्शन किया है."

    राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "ईरान पूरी तरह हार चुका है और समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी ऐसा समझौता मुझे अभी मंज़ूर नहीं है."

    यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर मीडिया में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं.

    ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिकी हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को भारी नुक़सान पहुंचा है.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, इराक़: बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल हमले की ख़बर

    बगदाद

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    इमेज कैप्शन, बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले के बाद धुआं उठता हुआ दिखाई है

    इराक़ की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले की ख़बर सामने आई है.

    रॉयटर्स के मुताबिक़, एक मिसाइल दूतावास की इमारत से टकराई, जिसके बाद वहां से धुआं उठता देखा गया. हालांकि नुक़सान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

    एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि मिसाइल अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर बने हेलिपैड पर गिरी.

    वहीं एएफ़पी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि दूतावास पर एक ड्रोन ने हमला किया.

    यह हमला ऐसे समय हुआ जब बगदाद में हुए हमलों में ईरान समर्थित दो लड़ाकों के मारे जाने की ख़बर सामने आई थी.

  15. मिसाइल हमलों के वीडियो बनाने वालों पर यूएई में कार्रवाई

    यूएई

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    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने देश के एयर डिफ़ेंस सिस्टम की ओर से हवाई हमलों को रोकने के वीडियो क्लिप और विस्फोटों और हमलों के कथित फर्ज़ी वीडियो साझा करने के आरोप में 10 लोगों की गिरफ़्तारी के आदेश दिए हैं. यह जानकारी यूएई के सरकारी मीडिया ने दी है.

    सरकारी मीडिया के मुताबिक़, इन लोगों ने हमलों से जुड़े असली वीडियो के साथ-साथ एआई से बनाए गए वीडियो और तस्वीरें भी यूएई की वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर साझा की थीं. इन्हें अब त्वरित सुनवाई के लिए भेजा गया है.

    अबू धाबी पुलिस ने भी कहा है कि देश पर हुए हमलों के दौरान वीडियो बनाने और 'ग़लत जानकारी फैलाने' के आरोप में विभिन्न देशों के 45 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    इससे पहले पिछले हफ़्ते दुबई में साइबर अपराध क़ानून के तहत एक 60 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक पर भी आरोप लगाया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने शहर के ऊपर उड़ती ईरानी मिसाइलों का वीडियो बनाया था.

    'डिटेन्ड इन दुबई' संगठन की सीईओ राधा स्टर्लिंग के मुताबिक़, हाल में हुए मिसाइल हमलों से जुड़े वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में यूएई के साइबर क्राइम क़ानून के तहत 21 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं.

    इस बीच सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें भी वायरल हुई हैं, जिनमें किसी ऊंची रिहायशी इमारत, एक लग्ज़री होटल और दुबई एयरपोर्ट पर गिरे मलबे के टुकड़े दिखाई देने का दावा किया गया है.

  16. खार्ग द्वीप पर हमले की ख़बर के बाद ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी

    ईरान की सेना

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    ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल और ऊर्जा ढांचे पर हमला किया गया तो वह क्षेत्र में अमेरिका के साथ सहयोग करने वाली तेल कंपनियों के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाएगा.

    रॉयटर्स के मुताबिक़, यह जानकारी ईरानी मीडिया के हवाले से दी गई है.

    ईरानी सेनाओं की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी बलों ने ईरान के तेल निर्यात के लिए काफ़ी अहम 'खार्ग द्वीप' पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को 'पूरी तरह तबाह' कर दिया है.

    खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र माना जाता है और यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है.

  17. ज़ेलेंस्की से रज़ा पहलवी ने की मुलाक़ात, इन बातों पर हुई चर्चा

    रज़ा पहलवी और वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    इमेज कैप्शन, पेरिस में रज़ा पहलवी ने वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से हाथ मिलाया

    ईरान के दिवंगत शाह के निर्वासित बेटे रज़ा पहलवी ने पेरिस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात की है.

    65 वर्षीय पहलवी ने कहा था कि वह ईरान में एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए 'काफ़ी' हैं. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके इस दावे पर संदेह जताया है.

    ईरान और रूस कई दशकों से सहयोगी रहे हैं. हाल के दिनों में अमेरिका ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह ईरान के युद्ध में मदद कर रहा है. वहीं रूस की ओर से यूक्रेन पर किए गए आक्रमण में ईरान में डिज़ाइन किए गए ड्रोन का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल हुआ है.

    पहलवी से मुलाक़ात के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा, "यूक्रेन सचमुच एक ऐसा स्वतंत्र ईरान देखना चाहता है जो रूस के साथ सहयोग न करे और मध्य पूर्व, यूरोप और पूरी दुनिया को अस्थिर न बनाए."

    वहीं एक अलग पोस्ट में रज़ा पहलवी ने कहा, "देश की संप्रभुता की रक्षा की क़ीमत को यूक्रेन से बेहतर बहुत कम देश समझते हैं."

  18. ईरानी नेताओं की जानकारी देने पर अमेरिका देगा 1 करोड़ डॉलर, मोजतबा ख़ामेनेई भी सूची में

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के 'मुख्य नेताओं' के बारे में जानकारी देने वालों के लिए 1 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है.

    अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी नोटिस में कुल 10 लोगों का ज़िक्र किया गया है, हालांकि इनमें से केवल छह के नाम और तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं.

    इनमें ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी भी शामिल हैं.

    अली लारीजानी को इससे पहले ईरान में आयोजित एक सरकार समर्थक रैली में देखा गया था.

    अमेरिका का कहना है कि ये लोग आईआरजीसी की सैन्य इकाइयों के विभिन्न हिस्सों का नेतृत्व और संचालन करते हैं.

    ईरान के मुख्य नेताओं की सूची

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  19. ईरान युद्ध ख़त्म करने को लेकर अब क्या बोले राष्ट्रपति ट्रंप?

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध ख़त्म करने को लेकर प्रतिक्रिया दी है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बातचीत की.

    जब उनसे पूछा गया कि यह युद्ध कितने समय तक चलेगा, तो उन्होंने कहा, "मैं आपको यह नहीं बता सकता."

    उन्होंने कहा, "मेरे पास अपना एक अंदाज़ा है, लेकिन उससे क्या फ़ायदा? यह उतने समय तक चलेगा जितना ज़रूरी होगा. उन्हें (ईरान को) बुरी तरह तबाह कर दिया गया है."

    इससे पहले ट्रंप कह चुके हैं कि युद्ध तब ख़त्म होगा जब ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करेगा.

    जब उनसे पूछा गया कि इसका मतलब क्या है, तो उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और उसकी ज़्यादातर सैन्य क्षमता अब लगभग ख़त्म हो चुकी है.

    उन्होंने कहा, "इसका सीधा मतलब है कि हम ऐसी स्थिति में हैं जैसी पहले कभी नहीं देखी गई."

    पत्रकारों ने उनसे यह भी पूछा कि 'ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध को लेकर उनके लक्ष्य और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के लक्ष्य क्या एक जैसे हैं?'

    इस पर ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि वे थोड़े अलग हो सकते हैं. लेकिन वह (नेतन्याहू) भी आपको बताएंगे कि दुनिया ने अमेरिका जैसी ताक़त कभी नहीं देखी."

  20. नमस्कार!

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