झारखंड के धनबाद में शुक्रवार शाम रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 20 अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है.
अभियुक्तों का परेड कराए जाने के आरोप पर पुलिस ने सफ़ाई दी है.
पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने धारा 163 लागू की है, जो अगले दो से तीन दिनों तक प्रभावी रहेगी.
इस मामले में बीएनएस की धारा 115(2), 195(1), 196, 299, 191(2), 191(3), 190, 121(1), 121(2), 324(5), 109, 132, 118(2) और 61(2) के तहत 58 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.
दरअसल, हर साल धनबाद के बलियापुर थाना क्षेत्र के बाघमारा, दूधिया, सिंदूतपुर, रखितपुर, आमझर और बलियापुर समेत अन्य गांवों के रामनवमी अखाड़े अपने तय रास्तों से जाते हैं.
इस बार पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सौ से अधिक बाइक की एक रैली भी निकली, जो मुस्लिम आबादी वाले गांव भीखराजपुर से गुज़री, लेकिन बाद में हालात तनावपूर्ण हो गए.
यहां के एक स्थानीय युवक मोहम्मद कलीम ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, “उन युवकों की बाइक रैली कुछ देर बाद दोबारा गुज़री. जब वह तीसरी बार गुज़री, तो उन्होंने धार्मिक नारे लगाए, जिस पर भीखराजपुर के ग्रामीणों ने ऐतराज़ किया.”
वहीं, अन्य स्थानीय लोगों के अनुसार, मामला देखते-देखते तनावपूर्ण हो गया और इस दौरान पथराव की घटना भी हुई.
स्थानीय प्रशासन ने शुक्रवार रात ही दोनों पक्षों से कुल 20 लोगों को गिरफ़्तार किया.
मामला तब सुर्ख़ियों में आया, जब पुलिस पर अभियुक्तों को घटनास्थल पर ले जाकर ‘परेड’ कराने का आरोप लगा और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
हालांकि, इस आरोप पर धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा, “परेड नहीं कराई गई. पुलिस उन्हें जांच के लिए ‘प्लेस ऑफ अकरेंस’ (घटनास्थल) पर लेकर गई थी.”
वहीं, भीखराजपुर से बाइक रैली के तीन बार गुज़रने के आरोप पर एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि इसकी जांच चल रही है.