कॉल्सन की नियुक्ति पर अफ़सोस: कैमरन

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ब्रितानी प्रधानंमत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि संचार निदेशक के रुप में कॉल्सन को नियुक्त करने का उन्हें अफसोस है. संसद में सवाल जवाब के दौरान उनसे सबसे अधिक सवाल कॉल्सन को ही लेकर पूछे गए.
प्रधानमंत्री ने संचार निदेशक के तौर पर कार्य कर चुके कॉल्सन का यह कहते हुए बचाव किया कि उनके ख़िलाफ़ कोई दोष अभी तक साबित नहीं हुआ है लेकिन बार बार इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, '' इन घटनाओं को देखने के बाद मुझे लगता है कि कॉल्सन को नियुक्त नहीं करना चाहिए था. मुझे इस बात का अफसोस है कि उन्हें मैंने नियुक्त किया.''
सांसदों के शोर शराबे के बीच ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि लोग चाहते हैं कि वो राजनीति और मीडिया के रिश्तों पर कार्रवाई करें और वो कार्रवाई कर रहे हैं.
फ़ोन हैंकिंग के मामले में कैमरन ने कहा कि यह एक बड़ा मसला है और इसकी जांच पूरी ईमानदारी से की जाएगी. प्रधानमंत्री ने अन्य सांसदों के सवालों के जवाब में यह तथ्य रेखांकित करने की पुरज़ोर कोशिश की कि मीडिया के साथ सिर्फ उनकी पार्टी के ही संबंध नहीं रहे बल्कि विपक्षी पार्टी के भी न्यूज़ कार्प जैसे संगठनों से संबंध रहे हैं.
<link type="page"><caption> कैमरन से सवाल जवाब</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/07/110720_cameron_qa_skj.shtml" platform="highweb"/></link>
उन्होंने कहा कि फोन हैकिंग मामले में न केवल जांच होगी बल्कि कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी.
उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस जांच चल रही है ताकि मीडिया के आपराधिक व्यवहार की जांच हो. इसके अलावा न्यायिक कमीशन बना है जो अलग जांच करेगा ताकि ऐसी चीजें दोबारा न हो.
उन्होंने कहा कि वो पहले प्रधानमंत्री हैं जो मीडिया के साथ अपनी बैठकों को सार्वजनिक कर चुके हैं.
कैमरन ने कहा कि इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस्तीफ़ा दे चुके हैं लेकिन जल्दी ही नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम राजनेताओं, मीडिया और पुलिस के रिश्तों की पूरी समीक्षा करेंगे ताकि ग़लतियां दोबारा न हों.’’
प्रधानमंत्री के बयान के दौरान बार बार दोनों पक्षों से शोर होता रहा लेकिन प्रधानमंत्री ने बयान देना बंद नहीं किया और पुलिस में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए क़दमों की घोषणा करते रहे.
उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ अख़बारों के ईमेल को सार्वजनिक करने की भी घोषणा की और कहा कि न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय के रिश्तों में कहीं भी किसी कोड को नहीं छेड़ा गया है.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ हमारे स्टाफ ने पुलिस के साथ इस मामले में बिल्कुल सही रवैया अपनाया है.मंत्रालय का कोई कोड नहीं तोड़ा गया है न्यूज़ कार्प के साथ निपटने में.’’
कैमरन ने कहा कि न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के पूर्व एडीटर एंडी कॉल्सन के ख़िलाफ जांच चल रही है लेकिन अभी तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है.
एंडी कॉल्सन पूर्व में न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के पत्रकार रह चुके है और उसके बाद वो प्रधानमंत्री कैमरन के कार्यकाल के दौरान संचार मामलों के निदेशक भी थे.
उनका कहना था, ‘‘ मेरे हिसाब से कंज़रवेटिव और लेबर पार्टियों को यहां पर राजनीति नहीं करनी चाहिए बल्कि इस घटना से सबक सीख कर नई पहल करनी चाहिए.’’
विपक्ष के तीन सवाल

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लेबर पार्टी के नेता एड मिलिबैंड ने इसके बाद अपनी बात रखी.
मिलिबैंड ने कहा, ‘‘हम इस मामले में प्रधानमंत्री की घोषणाओं का स्वागत करते हैं. कमीशन के सदस्यों का चुनाव अच्छा है और इसके लिए हम प्रधानमंत्री को बधाई देते हैं. लेकिन हमारे पास प्रधानमंत्री के लिए कई सवाल हैं.’’
हाउस ऑफ कामंस के स्पीकर ने अत्यंत कड़ाई से सांसदों को आगाह किया कि वो बयानों के दौरान शोर शराबा न करें क्योंकि आम जनता भी टीवी पर इन भाषणों को देख रही है.
ब्रिटेन में फोन हैकिंग मामला काफी तूल पकड़ चुका है और इसे देखते हुए कैमरन ने दक्षिण अफ्रीका की यात्रा जल्दी से ख़त्म कर दी थी और वापस लौट आए थे.
इससे पहले मंगलवार को इस पूरे विवाद के केन्द्र बिंदु रूपर्ट मर्डोक ने कहा कि <link type="page"><caption> इस संकट के लिए उन्हें ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/07/110719_murdoch_parliament_rp.shtml" platform="highweb"/></link> है हालांकि उन्हें इस विवाद का बेहद अफ़सोस है.
































