खतरा हुआ तो दुश्मनों पर पहले ही वार करेंगे: ईरान

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ईरान की सेना के उपाध्यक्ष ने कहा है कि यदि उसे महसूस हुआ कि उसके राष्ट्रीय हितों को कोई खतरा है तो वह अपने दुश्मनों को रोकने के लिए कार्रवाई करेगा.
ईरानी सेना के उपाध्यक्ष मोहम्मद हेजाजी ने दुश्मनों के खतरों के निपटने के बारे में एक योजना की जानकारी देते हुए ये कहा है.
बीबीसी संवाददाता जेम्स रेयनल्ड्स के अनुसार ब्रेगेडियर जनरल हेजाजी ने ईरान की फारस समाचार एजेंसी को बताया कि ऐसी परिस्थितियों में ईरान और लोगों के कार्रवाई करने से पहले ही कार्रवाई करेगा.
महत्वपूर्ण है कि हाल में ईरान के अपने परमाणु संयंत्रों में देश में ही 20 प्रतिशत संवर्द्धित यूरेनियम रॉड्स डालने और 3000 नए सेंट्रीफ्यूज लगाने की घोषणा के बाद पूरे मध्य पू्र्व में तनाव बढ़ा हुआ है.
कुछ दिन पहले दिल्ली और अन्य जगहों पर इसराइलियों पर हुए हमलों के बाद ये तनाव और बढ़ गया है.
उधर सोमवार को ईरान ने कहा है कि वह अपने परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक सैन्य अभ्यास कर रहा है जिसमें विमानों और मिसाइलों का प्रयोग किया जा रहा है.
'ईरान मिसाइलें चला सकता है'
बीबीसी संवाददाता जेम्स रेयनल्ड्स के अनुसार ईरान का राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व बार-बार ये कहता आया है कि यदि ऐसी स्थिति पैदा हुई तो वे देश के दुश्मनों को हराने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं.
इनके बयानों की वो लोग करीब से समीक्षा करते हैं जो उसकी सैन्य सक्षमता और मंशा का आकलन करने में जुटे हैं.
पिछले हफ्ते खुफ़िया मामलों की अमरीकी रक्षा एजेंसी के निदेशक लेफ्टीनेन्ट जनरल रोनल्ड बर्गेस ने अमरीकी कांग्रेस से कहा था कि यदि ईरान पर हमला होता है तो ईरान मिसाइल हमला कर सकता है.
लेकिन उनका ये भी कहना था कि ईरान से बिना उकसाए, अपने आप संघर्ष शुरु करने की संभावना कम है.
































