रेमंड मामले में विधवा ने की आत्महत्या

शमायला

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इमेज कैप्शन, शमायला अस्पताल में ज़िंदगी मौत के बीच झूलती रही और फिर उसने दम तोड़ दिया

लाहौर में अमरीकी अधिकारी की गोलियों का निशाना बने पाकिस्तानी नागरिक फ़हीम की विधवा ने आत्महत्या कर ली है.

रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने मौत से पहले अपने बयान में कहा कि वह इस बात को लेकर चिंतित थीं कि कहीं उनके पति पर गोली चलाने वाला रेमंड डेविस रिहा न हो जाए.

शमायला कंवल ने रविवार को ज़हरीली गोलियाँ खा ली थीं जिस पर उन्हें फ़ैसलाबाद के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनका इलाज किया लेकिन वह बच न सकी.

अस्पताल के डॉक्टर बशीर राणा ने बीबीसी से बातचीत में इस बात की पुष्टि की कि शमायला कंवल की मौत हो गई है.

उन्होंने कहा कि शमायला ने रविवार की सुबह करीब पांच बजे ज़हरीली गोलियाँ खा ली थीं और उन्हें आठ बजे के करीब अस्पताल में भर्ती किया गया. उस समय वे गंभीर स्थिति में थी.

अस्पताल में इलाज के दौरान शमायला कंवल ने पत्रकारों को बताया था कि वे चाहती हैं कि इन्हें न्याय मिले और उनके पति की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार अमरिकी अधिकारी रेमंड डेविस को सज़ा दी जाए.

रिहाई की चिंता

उन्होंने यह भी बताया था कि उन्हें चिंता हो रही है कि सरकार उन के पति के क़ातिल अमरीकी नागरिक को रिहा कर देगी.

फ़ैसलाबाद की निवासी शमायला कंवल की शादी छह महीने पहले फ़हीम से हुई थी और पिछले महीने के आख़री सप्ताह में अमरीकी अधिकारी की फ़ायरिंग से लाहौर में उनके पति की हत्या हो गई थी.

रेमंड डेविस
इमेज कैप्शन, रेमंड डेविस पर आरोप है कि उन्होंने दो लोगों पर गोली चलाई

लाहौर में दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या करने के आरोप में अमरीकी अधिकारी रेमंड डेविस पुलिस की हिरासत में हैं और उन्हें 11 फ़रवरी को फिर अदालत में पेश किया जाएगा.

इससे पहले लाहौर हाई कोर्ट ने दो याचिकाओं पर फ़ैसला सुनाते हुए अमरीकी अधिकारी की रिहाई पर रोक लगा दी थी.

गोलीबारी की घटना

ग़ौरतलब है कि लाहौर में 27 जनवरी को अमरीकी वाणिज्य दूतावास में काम करने वाले रेमंड डेविस ने शहर की भीड़ वाली सड़क पर दो पाकिस्तानी लोगों को गोली मार दी थी. दोनों व्यक्ति मोटरसाइकिल पर सवार थे.

पुलिस का कहना है कि इस अमरीकी दूतावास के कर्मचारी ने अपनी पिस्तौल से गोलियाँ चलाईं थीं.

पुलिस का कहना था कि गोलीबारी की घटना के तुरंत बाद इस अधिकारी ने रेडियो संदेश भेजकर अपने एक सहयोगी को ख़बर दी और इसके बाद दूतावास से एक गाड़ी उनकी सहायता के लिए निकल पड़ी.

वॉशिंगटन में अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पीजे क्राउली ने कहा था कि अमरीका यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा कि इस घटना से दोनों देशों के संबंधों पर कोई असर न हो.