ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ इमरान धरने पर

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पाकिस्तान के कुछ इलाक़ों में लगातार जारी चालकरहित विमान यानी ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तानी राजनितिज्ञ इमरान ख़ान और उनके समर्थको का धरना जारी है.
सरहदी प्रांत ख़ैबरपख़्तूनख़्वा की राजधानी पेशावर में इमरान ख़ान ने अपने हज़ारों समर्थकों के साथ रात सड़क पर ग़ुज़ारी.
इस धरने की वजह से अफ़गानिस्तान स्थित नेटो सेना के लिए दो दिनों से रसद नहीं जा पा रही है.
पंजाब के अटक से लेकर पेशावर शहर तक ग्रांड ट्रंक रोड पर नेटो के लिए रसद लेकर जा रहे सैकड़ों ट्रक जगह-जगह खड़े है.
हालांकि ख़बर है कि इमरान खान और उनके कुछ समर्थक धरना स्थल से चले गए हैं.
धरने पर बैठे लोगों में काफी संख्या में कॉलेजों के छात्र मौजूद है जो ड्रोन हमलों को रोकने की मांग कर रहे हैं.
पेशावर से बीबीसी संवाददाता दिलावर ख़ान वज़ीर का कहना है कि पुलिस ने धरने के इलाक़े हयाताबाद जानेवाली दो सड़कों को छोड़कर बाक़ी सभी रास्तों को सील कर दिया है.
धरना स्थल के पास पुलिस की एक टुकड़ी अलग से तैनात की गई है.
हमले की शुरुआत
पाकिस्तान में हालांकि ड्रोन हमलों का सिलसिला 2004 से ही जारी है लेकिन इसके ख़िलाफ़ इससे पहले इस तरह के प्रर्दशन कम ही देखने को मिले हैं.
इमरान ख़ान के दल तहरीके इंसाफ़ के कार्यक्रम से पहले उत्तरी वज़ीरिस्तान में ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ प्रर्दशन हुए थे जिसमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया था. हालांकि उस विरोध कार्यक्रम को किसी राजनीतिक दल का समर्थन प्राप्त नहीं था.
धरने में शामिल लोगों का कहना है कि इन हमलों में बेगुनाह लोग ही मारे जाते हैं और पुरा इलाक़ा इससे ख़ौफ़ज़दा है.
पाकिस्तान के क़बायली इलाक़ों में अबतक लगभग 200 ड्रोन हमले हो चुके हैं और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ इनमें 1300 लोग मारे गए हैं. जबकि स्थानीय लोग मौतों की तादाद दो हज़ार बताते हैं.
इन हमलों की वजह से पाकिस्तान और अमरीका के रिश्तों थोड़े तनावपूर्ण दौर से गुज़र रहे हैं. पाकिस्तानी सेना प्रमुख अशफाक़ क़यानी ने भी फ़ौरन इन हमलों को बंद करने की मांग की है.
































