माइक्रोसॉफ़्ट-याहू समझौते को मंज़ूरी

याहू के इंटरनेट सर्च और विज्ञापन बिज़नेस को खरीदने की माइक्रोसॉफ़्ट की योजना को यूरोपीय और अमरीकी नियामकों की मंज़ूरी मिल गई है.
यूरोपीय आयोग ने कहा है कि इस समझौते से बाज़ार में प्रतिस्पर्धा के माहौल पर बहुत ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा.
इस समझौते के तहत याहू की वेबसाइट माइक्रोसॉफ़्ट का बिंग सर्च इंजन इस्तेमाल करेगी और आमदनी में दोनों कंपनियों का हिस्सा होगा.
माइक्रोसॉफ़्ट अपने सर्च इंजन की पहुँच बढाना चाहता है जिस पर गूगल का वर्चस्व है. पिछले साल जुलाई में दोनों ने इस प्रस्ताव की घोषणा की थी.
यूरोपीय आयोग ने कहा है कि सर्च इंजन बाज़ार में माइक्रोसॉफ्ट और याहू का यूरोप में 10 फ़ीसदी हिस्सा है और गूगल का 90 फ़ीसदी.
अमरीका में भी न्याय विभाग ने इस योजना का समर्थन किया है.
माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीव बालमर का कहना है कि माइक्रोसॉफ़्ट और याहू मिलकर उपभोक्ताओं और विज्ञापन देने वालों को बेहतर विकल्प और बेहतर सेवा दे पाएँगे.
बेहतर पहुँच
दस साल के लिए होने वाले माइक्रोसॉफ्ट-याहू समझौते के तहत माइक्रोसॉफ्ट का बिंग सर्च इंजन याहू की वेबसाइट को चलाएगा जबकि याहू बिंग को विज्ञापन टीम उपलब्ध करवाएगी.
माइक्रोसॉफ्ट पहले पाँच साल तक सर्च इंजन से होने वाली कमाई का 12 फ़ीसदी हिस्सा अपने पास रखेगा. दोनों कंपनियों ने कहा है कि आने वाले दिनों में समझौता लागू हो जाएगा.
2008 में माइक्रोसॉफ्ट ने पूरे याहू को खरीदने के लिए 47.5 अरब डॉलर की पेशकश की थी पर याहू ने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया था.
तकनीकी मामलों के जानकार और डीएमजी यूरोप के क्रिस ग्रीन कहते हैं कि इस बात के आसार कम हैं कि सर्च इंजन बाज़ार में माइक्रोसॉफ्ट गूगल के हिस्से में सेंध लगा पाएगा.
उनका कहना है कि माइक्रोसॉफ्ट का बिंग वैसे तो अच्छा सर्ज इंजन है लेकिन उसे कोई इस्तेमाल नहीं करता और कंपनी को उससे मुनाफ़ा नहीं होता.
































