वीडियो गेम के बाज़ार में अब भारत भी

अब एक भारतीय कम्पनी वीडियो गेम के बाज़ार में प्रवेश कर रही है.
मीडिया और मनोरंजन कम्पनी यूटीवी ग्रूप के रॉनी स्क्रूवाला ने बताया कि उनकी कम्पनी ने तीन वीडियो गेम में 5.5 अरब रुपए का निवेश किया है.
इनमें से पहला एक एक्शन गेम है जिसका नाम है 'अल शद्दाई' जो इस साल बाज़ार में आ जाएगा.
स्क्रूवाला ने कहा, "भारत में हमारा फ़िल्म स्टूडियो पहले नम्बर पर आता है और हमारे पांच टेलिविज़न चैनल भी हैं".
"भारत को अभी वीडियो गेम खेलने की आदत डालने की ज़रूरत है".
यूटीवी कम्पनी तीन वीडियो गेम विकसित करने में लगी है और इन्हे बाज़ार में लाने के लिए विक्रेता की खोज में है.
लेकिन वीडियो गेम का बाज़ार पुराना है जिसमें नए खिलाड़ी का प्रवेश जोखिम भरा होगा. क्योंकि वीडियो गेम खेलने वालों के दिमाग़ में पुराने ब्रेंड स्थापित हो चुके हैं.
स्क्रीन डाइजेस्ट का कहना है कि 2013 तक एक नया ‘एक्स बॉक्स’ और ‘वी’ आ जाएगा और 2014 तक नया ‘प्लेस्टेशन’.
नए कॉंसोल
भारत के मूलभूत ढांचे, शिक्षा और प्रशिक्षण में हालांकि बड़ी तेज़ी से विकास हुआ है लेकिन कॉंसोल के लिए गेम विकसित करने की दिशा में बहुत कम काम हुआ है.
रॉनी स्क्रूवाला ने कहा कि इसका कारण भारत में वीडियो गेम खेलने का कोई इतिहास नहीं है.
उन्होने कहा, "दूसरी महत्वपूर्ण बात ये है कि भारतीय मानस अभी कंटेंट के लिए पैसा ख़र्च करने का आदी नहीं है".
"लोग सस्ते दामों पर चोरी से बनाई गई प्रतियां ख़रीदने के आदी हैं. इसे बदलने में दस साल लग सकते हैं. इसे रातोंरात नहीं बदला जा सकता".
मोबाइल और ऑनलाइन पर तो भारत वीडियो गेम खेलने का आदी हो सकता है लेकिन कॉंसोल पर ये ज़रा मुश्किल है क्योंकि आपको हार्डवेयर की ज़रूरत पड़ती है.
































