माइक्रोसॉफ़्ट ख़रीद रहा है स्काइप

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कम्प्यूटर सॉफ़्टवेयर बनाने वाली कम्पनी 'माइक्रोसॉफ़्ट' का कहना है कि वो इंटरनेट फ़ोन सेवा 'स्काइप' ख़रीदने पर सहमत हो गई है.
ये सौदा 8.5 अरब डॉलर में तय हुआ है जो 'माइक्रोसॉफ़्ट' की अब तक की सबसे बड़ी ख़रीद होगी.
लक्ज़मबर्ग स्थित कम्पनी 'स्काइप' के दुनिया भर में 66 करोड़ 30 लाख उपभोक्ता हैं.
पिछले साल अगस्त में उसने बाज़ार में अपने शेयर निकालने की योजना की घोषणा की थी लेकिन फिर उसे स्थगित कर दिया.
इंटरनेट नीलामी घर 'ईबे' ने 2006 में स्काइप को 2.6 अरब डॉलर में ख़रीदा था जिसका 70 प्रतिशत हिस्सा 2009 में दो अरब डॉलर में बेच दिया था.
प्रतिरक्षात्मक क़दम
'माइक्रोसॉफ़्ट' के प्रमुख कार्यकारी स्टीव बॉलमर ने कहा, "स्काइप एक ज़बरदस्त सेवा है जिसे दुनिया भर में करोड़ों लोग बहुत पसंद करते हैं".
माइक्रोसॉफ्ट ने 8.5 अरब डॉलर में ये सौदा तय किया है.
सवाल उठता है कि आठ साल पुरानी ऐसी कम्पनी जो बहुत पैसा नहीं कमा रही उसे 'माइक्रोसॉफ़्ट' इतने दाम देकर क्यों ख़रीद रही है.
पहली बात तो ये है कि 66 करोड़ 30 लाख लोग स्काइप का इस्तेमाल करते हैं इस दृष्टि से ये अंतरराष्ट्रीय फ़ोन कॉल वाली दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनी है.
लेकिन इससे भी बड़ी बात ये है कि अगर 'स्काइप' के सॉफ़्टवेयर को 'एक्सबॉक्स काइनेक्ट' और एचडी टेलीविज़न सैट के साथ जोड़ दिया जाए को 'माइक्रोसॉफ़्ट' करोड़ों घरों में पहुंच सकता है.
पूरे परिवार के साथ टेलिकॉंफ़रैंसिंग के अलावा, वन टू वन प्रशिक्षण, घर बैठे स्कूली शिक्षा और रोगी की देखभाल भी उपलब्ध कराई जा सकती है.
और अंतिम बात ये कि स्काइप मोबाइल है और इसे विंडोज़ फ़ोन 7 से जोड़ा जा सकता है.
लेकिन इस सौदे का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए माइक्रोसॉफ़्ट के प्रमुख स्टीव बॉलमर को बड़ी मेहनत करनी होगी.
उनका कहना है, "हम मिलकर दूरसंचार का भविष्य बनाएंगे जिससे लोग अपने परिवार, मित्रों, ग्राहकों और सहकर्मियों के साथ दुनिया में कहीं से भी सम्पर्क बनाए रख सकें".
'स्काइप' 'माइक्रोसॉफ़्ट' का एक नया विभाग बन जाएगा और 'स्काइप' के मुख्य कार्यकारी टोनी बेट्स इसका कार्यभार संभाले रहेंगे.
































