ब्रिटेन में डेंगू के मामले दो गुना हुए

ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि गर्म देशों से ब्रिटेन आने वाले लोगों के कारण वहाँ डेंगू बुख़ार के मामले दोगुना हो गए हैं.
वर्ष 2009 में ब्रिटेन में डेंगू बुख़ार के 166 मामले दर्ज हुए थे जबकि 2010 में ये संख्या बढ़कर 406 हो गई.
इस बीमारी में तेज़ बुख़ार, मांसपेशियों में दर्द, सर दर्द और ददोरे निकल आते हैं और ये जानलेवा भी हो सकती है.
इसका संक्रमण मच्छरों से होता है और ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी गर्म देशों की यात्रा करने वालों को मच्छरों से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतने की सलाह देती है.
डेंगू बुख़ार उष्णकटिबंधीय देशों में आम है और विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि हर साल कोई पाँच करोड़ लोग इसका शिकार होते हैं.
ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन में डेंगू के जो मामले सामने आये उनमें से 21 प्रतिशत भारत यात्रा करके लौटे लोगों के थे जबकि 15 प्रतिशत थाईलैंड से लौटे लोगों के.
स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के यात्रा और प्रवास स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख डॉ जेन जोन्स का कहना है कि डेंगू बुख़ार का कोई इलाज नहीं है.
डॉक्टर जोन्स ने कहा, "मच्छरों से बचने के लिए शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना जैसे पूरी बांह की कमीज़ और पतलून और मच्छर भगाने वाले रसायनों का प्रयोग करना उचित है".
मलेरिया के मच्छर आमतौर पर रात के समय सक्रिय होते हैं जबकि डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन के समय वार करते हैं.
डॉक्टर जोन्स का कहना है कि मच्छरों से बचाव के साधन चौबीसों घंटे इस्तेमाल करना चाहिए और रात के समय मच्छरदानी लगा कर सोना चाहिए.
































