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सोशल: चीन पहुंचे मोदी पर क्या बोल रहे हैं चीनी?
- Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
डोकलाम में भारत-चीन के बीच कई दिनों तक खींचतान जारी रही. लेकिन चीन में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से ठीक पहले अचानक दोनों देशों के रुख़ में नरमी आई और इस कशमकश को ख़त्म कर दिया गया.
जानकारों का कहना है कि डोकलाम मुद्दा इस तरह और इतनी जल्दी सुलझने की सबसे बड़ी वजह है कि मोदी को चीन जाना था.
चीन पहुंचे मोदी का आधिकारिका रूप से स्वागत किया गया और अब तक वो वहां कुछ भाषण भी दे चुके हैं लेकिन क्या चीन के लोग भी उनका स्वागत कर रहे हैं.
हालांकि चीनी मीडिया में भी शियामेन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे नरेंद्र मोदी पर ज़्यादा लेख प्रकाशित नहीं हुए हैं.
वीबो पर मोदी का अपना एकाउंट भी फिलहाल ख़ामोश है. हालांकि चीनी सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कुछ तस्वीरें और कमेंट ज़रूर दिख रहे हैं.
चीन की सोशल मीडिया साइट वीबो पर एक पोस्ट डाली गई जिसका शीर्षक है 'न्यू थिंग्स फ्रॉम शियामेन सिटी'. इसमें 3 सितंबर को वहां पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत सी तस्वीरें डाली गई हैं.
यूं तो पोस्ट अपने आप में तटस्थ दिख रही है लेकिन इस पर आई कई टिप्पणियों में मोदी की आलोचना की गई है.
मेनी टोंग नामक यूज़र ने कहा, ''मोदी का यहां स्वागत नहीं है. चीन को लेकर उनका रुख़ सही नहीं रहा है.''
एक और यूज़र ने लिखा है, ''भारत ने कई महीनों से चीन के इलाके पर कब्ज़ा जमा रखा है और चीन ने ऐसा होने भी दिया.''
कुछ ने लिखा है कि मोदी को चीन से रवाना हो जाना चाहिए जबकि दूसरे कह रहे हैं कि वो क्यों आए हैं.
हालांकि चीनी टीवी चैनल सीसीटीवी 13 ने अपनी रिपोर्ट में तटस्थ रुख़ दिखाया है.
कुल मिलाकर चीनी मीडिया नपा-तुला रुख़ दिखा रहा है जबकि सोशल मीडिया उनकी आलोचना करने में कोई कोताही नहीं दिखा रहा.
दूसरी ओर भारतीय सोशल मीडिया में मोदी की तारीफ़ और शी जिनपिंग के साथ उनकी प्रतिस्पर्धा को रेखांकित किया जा रहा है.
कोई इन दोनों की तस्वीर पर 'सेर, सवा शेर' लिख रहा है तो दूसरा 'हम दोनों हैं अलग-अलग.'
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