You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सोशल: यात्री ने ऐसी दुर्गंध फैलाई कि विमान की हुई इमरजेंसी लैंडिंग
दुबई से नीदरलैंड्स जा रही एक फ़्लाइट की ऑस्ट्रिया के विएना शहर में उस वक़्त इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी जब एक यात्री के लगातार दुर्गंध फैलाने पर सहयात्रियों ने 'बग़ावत' कर दी.
'न्यूयॉर्क पोस्ट' ने इसे 'फ़ार्ट अटैक' का नाम दिया है. उनकी ख़बर के मुताबिक़ ये मामला सस्ती विमान सेवा कही जाने वाली ट्रांसेविया एयरलाइन का है.
विमान में चार यात्रियों के बीच हुई कहासुनी जब बात बिगड़ने के हद तक पहुंच गई तो चालक दल ने इमरजेंसी लैंडिंग का फ़ैसला किया.
झगड़े में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे.
'हमने कोई नियम नहीं तोड़ा'
'यूके एक्सप्रेस' ने ख़बर छापी है कि दोनों महिलाओं को अन्य सदस्यों की राय लेने के बाद ही उतारा गया.
ऑस्ट्रिया पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया लेकिन किसी भी क़ानून के तहत मामला नहीं बन पाने के कारण उन्हें रिहा कर दिया गया.
दो में से एक लड़की, 25 साल की नोरा लाचेब नीदरलैंड में लॉ की स्टूडेंट है.
उन्होंने कहा है कि विमान कंपनी के इस व्यवहार के ख़िलाफ़ वो कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगी.
"हमने कोई नियम नहीं तोड़ा था और न ही विमान के संचालन में कोई बाधा डाली थी."
सोशल मीडिया पर भी इस ख़बर की ख़ूब चर्चा हो रही है.
'यात्रियों को सिरदर्द और आँख में जलन'
जेएनयू की रिसर्चर अनीमा सोनकर ने इस ख़बर पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया, "ये तो अविश्वसनीय है. हम अपने यहां के हिन्दी अख़बारों में ऐसी ख़बरें पढ़ते थे. लेकिन इन्होंने तो..."
ब्रिटेन में रहने वाली गेस्टन कूपन ने ट्वीट किया है कि ये इस तरह की पहली घटना नहीं है. हाल ही में एक अमरीकी एयरलाइन में भी एक शख़्स ने ऐसा ही किया था.
वो इतनी भयंकर गैस पास कर रहे थे कि कई यात्रियों ने सिरदर्द और आँखों में जलन की शिक़ायत दर्ज कराई थी.
न्यूयॉर्क में रहने वाली पत्रकार गैबरियाला पैएला ने ट्वीट किया है, "ऐसे मामलों में घिरे सभी सह यात्रियों के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है."
न्यूज़ीलैंड की जैसिक विलियम्स ने फ़ेसबुक पर लिखा है, "मेरा एक सवाल है... एयरलाइंस वाले सभी यात्रियों को तकिया देते हैं. वो हर सीट पर होता है. लेकिन इसके बावजूद ये यात्री इतनी आवाज़ कर रहा था कि सभी को पता चल जाए, तो सलाम है इन्हें."
'ये कोई नई बात नहीं'
कई लोगों ने फ़ेसबुक और ट्विटर पर लिखा है कि ये नेचुरल है. इसका मज़ाक बनाना ठीक नहीं. हालांकि लोगों की शिकायत पर ग़ौर करते हुए क्रू मेंबर्स को कुछ और हल निकालना चाहिए था.
कनाडा में रहने वाली और पेशे से प्रोफ़ेसर जेनेट मैकडॉनल्ड ने भी फ़ेसबुक पर अपना तजुर्बा शेयर किया है.
उन्होंने लिखा, "वैंकूवर से टोरंटो की एक फ़्लाइट में मैं भी ये झेल चुकी हूं. मैंने मुंह पर मफ़लर लपेट रखा था. हवा तेज़ की हुई थी. और सभी की हालत ख़राब थी. कई लोग तिरछी नज़रों से एक दूसरे को देख रहे थे. लेकिन ऐसे में क्या कहा जा सकता है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)