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बाबर आज़म ने खेली ऐसी पारी कि सवाल उठाने वाले हुए 'बोल्ड'
- Author, पंकज प्रियदर्शी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म पिछले कुछ मैचों और ख़ासकर एशिया कप में अपने बल्ले के ख़ामोश हो जाने से परेशान थे. वे आलोचनाओं का भी सामना कर रहे थे.
लेकिन टी-20 विश्व कप से पहले बाबर आज़म ने अपने आलोचकों का मुँह तो बंद कराया ही, इतनी बेहतरीन बल्लेबाज़ी की कि क्या क्रिकेट विशेषज्ञ, क्या क्रिकेट फ़ैन्स और क्या राजनेता- सभी क्लीन बोल्ड हुए पड़े हैं.
कराची में हुए इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी-20 मैच में कप्तान बाबर आज़म ने इतनी बेहतरीन बल्लेबाज़ी की कि सुदूर अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने गए प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने वहीं से उनकी प्रशंसा के पुल बांधे.
तो कहानी ये है कि पाकिस्तान पहला टी-20 मैच इंग्लैंड से हार गया था और दूसरे टी-20 मैच में भी इंग्लैंड ने जीत के लिए उसके सामने 200 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा था.
इंग्लैंड की ओर से मोईन अली ने ज़बरदस्त पारी खेली, लेकिन पवेलियन लौटते समय उन्होंने ये नहीं सोचा होगा कि पाकिस्तान की टीम इतनी आसानी से ये मैच जीत जाएगी.
लेकिन बाबर आज़म ने एशिया कप की बुरी यादों को भुलाते हुए सिर्फ़ 66 गेंदों पर 110 रन बना डाले. जबकि उनके जोड़ीदार मोहम्मद रिज़वान ने 88 रनों की पारी खेली.
इसके साथ ही बाबर आज़म ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया. उन्होंने भारत के विराट कोहली को पीछे छोड़ा है.
वे टी-20 में सबसे तेज़ 8000 रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं. बाबर आज़म ने ये उपलब्धि 218 पारियों में हासिल की है, जबकि विराट कोहली ने 243 पारियों में 8000 रन बनाए थे.
पहले नंबर पर हैं वेस्टइंडीज़ के क्रिस गेल. गेल ने सिर्फ़ 213 पारियों में 8000 रन पूरे कर लिए थे.
इस मैच के दौरान और भी कई रिकार्ड बने
1. टी-20 के इतिहास में ये किसी भी टीम की ओर से बिना विकेट गँवाए इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड है.
2. ये इंग्लैंड के ख़िलाफ़ किसी भी टीम की ओर से इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करने का भी रिकॉर्ड है.
3. टी-20 के इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए ये सबसे बड़ी साझेदारी की.
4. पहली बार किसी भी टी-20 मैच में इंग्लैंड की टीम 10 विकेट से हारी है.
5. टी-20 मैच में बाबर और रिज़वान की जोड़ी पहली ऐसी जोड़ी है, जिसके बीच में 200 रनों की साझेदारी हुई है.
6. इसके साथ ही बाबर आज़म और रिज़वान की जोड़ी के नाम सबसे ज़्यादा रन का भी रिकॉर्ड बन गया है.
मैच में जीत हासिल करने के बाद बाबर आज़म ने कहा- चर्चा ये हुई थी कि हम इस लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं. हमने पहले भी ऐसा किया था और यही भरोसा ड्रेसिंग रूम में था. विकेट ने भी अच्छा सपोर्ट किया, उम्मीद से बेहतर. रिज़वान के साथ यही चर्चा हुई कि हमें ही मैच ख़त्म करना चाहिए. टीम ने हमेशा मेरा सपोर्ट किया है.
एशिया कप के दौरान ख़राब प्रदर्शन के कारण बाबर आज़म पर ख़ूब सवाल उठे थे. आक़िब जावेद समेत पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटर्स ने भी बाबर आज़म को घेरा था. उस समय भी बाबर आज़म ने कहा था कि हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा दौर आता है.
उन्होंने कहा था कि सबको अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन कभी किसी पर निजी टिप्पणियाँ नहीं करनी चाहिए. बाबर आज़म ने ऐसी ही बातें विराट कोहली के बारे में भी कही थी, जब लोगों ने विराट कोहली के प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे.
उस समय भी बाबर आज़म ने विराट का समर्थन करते हुए कहा था कि हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव का दौर आता है. हुआ भी यही एशिया कप के दौरान एक ओर जहाँ बाबर आज़म नहीं चल पाए, वहीं विराट कोहली अपने फ़ॉर्म में लौटते नज़र आए.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी-20 मैच में बाबर और रिज़वान की शानदार बल्लेबाज़ी के बाद उनके साथी खिलाड़ी शाहीन शाह अफ़रीदी ने भी आलोचकों पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया. इस ट्वीट से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि वे आलोचकों को क्या कहना चाहते हैं.
शाहीन शाह अफ़रीदी ने मज़े लेते हुए ट्विटर पर लिखा- मुझे लगता है कि कप्तान बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान से मुक्ति पाने का समय आ गया है. इतने स्वार्थी खिलाड़ी. अगर सही से खेलते तो मैच 15 ओवर में ख़त्म हो जाना चाहिए था. ये आख़िरी ओवर तक ले गए.
हालाँकि बाद में उन्होंने ये भी लिखा कि इस बेहतरीन पाकिस्तान टीम पर उन्हें गर्व है.
शांत और संयमित बाबर
बाबर आज़म पाकिस्तान की उस पीढ़ी के क्रिकेटर कम लगते हैं, जब मैदान पर बल्ले और गेंद के अलावा ज़ुबानी जंग भी होती थी.
लेकिन बाबर आज़म को मैदान पर देखने से लगेगा कि ये शांत और संयमित खिलाड़ी अपने बल्ले और टीम से प्रदर्शन से जवाब देने को ज़्यादा तरजीह देता है.
और तो और भारत के ख़िलाफ़ मैच में जब माना जाता है कि दोनों ही देशों के खिलाड़ियों का पारा अधिक ही होता है, बाबर को ऐसे मौक़े पर शांत और संयमित देखा जाता है.
हार या जीत के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों से घुलने-मिलने की उनकी अदा दोनों देशों के क्रिकेट प्रशंसकों को भाती है.
विराट कोहली के साथ उनकी केमिस्ट्री की तो हमेशा ही चर्चा होती है.
उनकी विनम्रता का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि जब साल 2019 में एक शानदार पारी के बाद किसी पत्रकार ने उनकी तुलना विराट कोहली से की तो बाबर आज़म ने कहा था- ये तुलना ठीक नहीं है, वो एक छोटे खिलाड़ी हैं जबकि कोहली एक लीजेंड हैं.
लेकिन अब देखिए कि बाबर आज़म एक के बाद एक विराट कोहली के रिकार्ड को तोड़ते जा रहे हैं. कुछ महीने पहले बाबर ने विराट का एक और रिकॉर्ड तोड़ा था.
बतौर कप्तान सबसे तेज़ 1,000 रन बनाने का भी रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था जिन्होंने ये उपलब्धि 17 पारियों में हासिल की थी. बाबर आज़म को यहां तक पंहुचने में महज़ 13 पारियों का वक्त लगा.
क्रिकेट करियर
15 अक्तूबर 1994 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जन्मे बाबर आज़म ने पाकिस्तान की ओर से पहला वनडे मैच 2015 में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ खेला था. जबकि पहला टेस्ट मैच उन्होंने 2016 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ खेला था.
बाबर आज़म को उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्ख़ियाँ मिलीं, जब 2016 में उन्होंने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ वनडे में लगातार तीन शतक लगाए. उसी साल न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हैमिल्टन टेस्ट में उन्होंने 90 रनों की पारी खेली थी.
बाबर आज़म का सफ़र
जन्म: 15 अक्तूबर 1994 (लाहौर, पंजाब)
टेस्ट मैच- 42, रन- 3122, शतक- 07, अर्धशतक- 23
वनडे मैच- 92, रन- 4664, शतक-17, अर्धशतक- 22
टी-20 अंतरराष्ट्रीय- 82, रन- 2895, शतक- 02, अर्धशतक- 26
उस समय वे सिर्फ़ 22 साल के थे. आने वाले समय में टीम के कई शीर्ष बल्लेबाज़ों की मौजूदगी में अपना स्थान पक्का करने की चुनौती बाबर ने बख़ूबी निभाई और धीरे-धीरे वे पाकिस्तान की टीम का अटूट हिस्सा बनते गए.
उनके नाम रिकॉर्ड्स की लंबी फ़ेहरिस्त है. वे वनडे में सबसे तेज़ 1000 और 2000 रन बनाने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी हैं. एक वनडे सिरीज़ में सबसे ज़्यादा छह शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है. वे एक कप्तान के रूप में टेस्ट सिरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी है.
बाबर आज़म की सबसे बेहतरीन बात है कि उनकी शांत और संयत बल्लेबाज़ी ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उस समय और स्थापित करने में मदद पहुँचाई, जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा था. पाकिस्तान में घरेलू मैच नहीं हो रहे थे और बोर्ड भी उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा था.
लेकिन क्रिकेट को लेकर जिस उपमहाद्वीप में जुनून सर चढ़कर बोलता है, वहाँ एक देश के क्रिकेट प्रशंसकों को ऐसा खिलाड़ी मिला, जिसने उनकी उम्मीदों को हमेशा ही पूरा किया.
एशिया कप में बाबर आज़म ने छह मैचों में कुल 68 रन बनाए थे. पाकिस्तान की टीम एशिया कप के फ़ाइनल तक ज़रूर पहुँची, लेकिन श्रीलंका से हार गई थी.
अब टी-20 विश्व कप से पहले बाबर आज़म की ये धमाकेदार शतकीय पारी ने विपक्षी टीम के लिए ख़तरे की घंटी ज़रूर बजा दी है.
विश्व कप के लिए पाकिस्तान की टीम पहले ही शाहीन शाह अफ़रीदी की वापसी से गदगद है. तेज़ गेंदबाज़ पाकिस्तान के लिए पहले ही तुरुप का इक्का रहे हैं.
अब बल्लेबाज़ी के मोर्चे पर बाबर आज़म का फॉर्म में आना कई विरोधी टीमों की नींद उड़ाने के लिए काफ़ी है.
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