मध्य प्रदेश के रतलाम में तीन बच्चों की पिटाई और उनसे धार्मिक नारे लगवाने का क्या है मामला

इमरान खोखर के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग

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इमेज कैप्शन, सामाजिक कार्यकर्ता इमरान खोखर ने मामले की शिकायत पुलिस से की
    • Author, शुरैह नियाज़ी
    • पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिए
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

मध्य प्रदेश के रतलाम में तीन बच्चों की पिटाई और उनसे धार्मिक नारे लगवाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है और एक की तलाश जारी है.

पुलिस ने बताया है कि ये वीडियो लगभग एक से डेढ़ महीना पुराना है.

इस वीडियो के गुरुवार को वायरल होने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने अभियुक्तों के ख़िलाफ मामला दर्ज करने के लिए प्रदर्शन किया था, जिसके बाद गुरुवार देर रात मामला दर्ज किया गया.

यहां थाने के बाहर बढ़ती भीड़ की वजह से अन्य जगहों से भी पुलिस बल को बुलाया गया था.

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क्या है पूरा मामला?

आरोपों के मुताबिक़ इस वायरल वीडियो में एक व्यक्ति मुस्लिम समुदाय के तीन बच्चों को थप्पड़ और चप्पल से पीटते हुए उनसे 'जय श्री राम' के नारे लगवा रहा है. वीडियो में तीनों बच्चों को रोते हुए भी देखा जा सकता है.

वीडियो आने के बाद बड़ी तादाद में लोग माणक चौक थाने में इकठ्ठे हो गए और अभियुक्तों के ख़िलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे.

पुलिस ने इस मामले में दो अज्ञात लोगों के ख़िलाफ मामला दर्ज किया. इनमें से एक को नाबालिग़ होने की वजह से गिरफ़्तार कर सुधार गृह भेजा गया है.

अतिरिक्तपुलिस अधीक्षक राकेश खाखा ने बताया कि वायरल वीडियो लगभग एक से डेढ़ महीने पुराना बताया गया है.

उन्होंने बताया, "दो अज्ञात अभियुक्तों के ख़िलाफ मारपीट, गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया था. एक की गिरफ़्तारी हो गई है."

पुलिस की जानकारी के मुताबिक़, "इन बच्चों की उम्र 9, 10 और 13 साल की है. ये तीनों ही ग़रीब परिवारों से आते है."

रतलाम के सामाजिक कार्यकर्ता इमरान खोखर ने बच्चों की तरफ़ से मामला दर्ज कराया है.

उनका कहना है कि ये वीडियो उनके पास पहुंचा था, जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह से इन बच्चों की पिटाई की जा रही है और धार्मिक नारे लगवाए जा रहे हैं.

शराब के नशे में वीडियो आया सामने

स्थानीय थाना

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इमेज कैप्शन, वीडियो सामने आने के बाद थाने के बाहर प्रदर्शन करते लोग
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उन्होंने कहा, "यह वीडियो अमृत सागर बगीचा क्षेत्र का है. जहाँ पर युवक इन बच्चों से यह कहकर पिटाई कर रहा था कि वो सिगरेट पी रहे थे. इसके बाद बच्चों को उसने कई बार मारा. लेकिन जब बीच में एक बच्चे के मुंह से अल्लाह निकला तो उसने उसके साथ मारपीट तेज़ कर दी और फिर उसने बच्चों से 'जय श्रीराम' के नारे लगवाए."

उन्होंने बताया कि इनमें से एक बच्चे के माता-पिता की मौत कुछ महीने पहले एक दुर्घटना में हो गई थी. ये बच्चे उस क्षेत्र में बन रहे एक एम्यूजमेंट पार्क को देखने गए.

इमरान खोखर ने कहा, "वीडियो बनाने वाले ने इस वीडियो को अपने पास रखा था लेकिन शराब के नशे में उसने किसी को ये वीडियो दिखाया, उस व्यक्ति ने उसे लेकर वायरल कर दिया, जिसकी वजह से यह घटना सामने आई है.''

इमरान खोखर ने आरोप लगाया, "एक बच्चे को अभियुक्त अपने साथ उठा कर ले जा रहे थे और धमकी दे रहे थे कि अगर तुमने अल्लाह का नाम लिया तो तुम्हें तालाब में फेंक देंगे. हालांकि यह बात वीडियो में नहीं है."

इनमें से एक एक बच्चे ने ये भी कहा है कि नारे लगवाने के बाद उन्हें धमकाया भी गया.

बच्चों का कहना है कि उन्होंने किसी तरह से अपने आप को बचाया और वहां से भाग गये.

इस मामले में एक बच्चे की मां रोशन बी ने कहा, "इस घटना के बाद बच्चों ने उन्हें कुछ भी नहीं बताया था."

उन्होंने कहा, "शायद बच्चे डर गये थे, इसलिए उन्होंने कुछ भी नहीं बताया लेकिन जब वीडियो सामने आया तब हमें इस घटना के बारे में पता चला."

संवेदनशील रहा है इलाक़ा

थाना

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इमेज कैप्शन, पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ़्तार कर सुधार गृह भेज दिया है (सांकेतिक तस्वीर)

वहीं एक अन्य बच्चे के पिता इमरान ख़ान ने बताया कि वो चाहते हैं कि इस मामलें में सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए ताकि इस तरह से लोग धर्म के नाम पर बच्चों पर ज़ुल्म ना करें.

ये बच्चे ग़रीब परिवार से आते है और इनका परिवार सब्ज़ी बेचकर गुज़र बसर करता है.

मध्य प्रदेश का रतलाम ज़िला सांप्रदायिक रुप से संवेदनशील माना जाता है. पिछले कुछ महीनों में यहां कई मौक़ों पर दो समुदायों के बीच तनाव देखा गया है.

इस साल गणेश पूजा के दौरान गणेश प्रतिमा के जुलूस में पथराव के आरोप में 500 से ज़्यादा लोगों ने विरोध दर्ज कराया था.

इस मामलें में बाद में प्रशासन ने किसी भी तरह के पथराव से इनकार कर दिया था, जिसकी वजह से शहर में तनाव हो गया था. पुलिस ने उस समय हंगामा करने वाले 13 नामज़द समेत 200 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था.

इसके बाद नवरात्र उत्सव के दौरान रतलाम शहर के काज़ी ने मुसलमानों से गरबा कार्यक्रमों से दूर रहने की अपील की थी. शहर काजी सैयद अहमद अली ने एक पत्र लिख कर कहा था कि मुसलमान इस तरह के आयोजन से दूर रहें.

उस समय कई गरबा कार्यक्रम के आयोजकों ने अपने आयोजन स्थलों पर ग़ैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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