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ईरान ने मध्य-पूर्व के मुस्लिम देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डों को बनाया निशाना
अमेरिका और इसराइल ने शनिवार को ईरान पर हमले किए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान के खिलाफ ''बड़ा सैन्य अभियान बताया है."
हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के ऑफिस के आस-पास की जगहों को भी निशाना बनाया गया है.
वहीं ईरान ने इन हमलों के बाद मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.
ईरानी सेना ने कहा, "बहरीन में एक अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर हमला किया गया है. अमेरिका और इसराइल के ईरान पर किए जा रहे बड़े पैमाने पर और लगातार हमले के जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में हमले शुरू कर दिए हैं."
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपने बयान में कहा, "अमेरिका-इसराइल के हमलों की जवाबी कार्रवाई में 'ट्रूथफुल प्रॉमिस4' अभियान के तहत अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बना रहा है."
वहीं अमेरिका ने मध्य-पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है.
अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया, "अमेरिकी सरकार संयुक्त अरब अमीरात, दोहा और बहरीन में अपने नागरिकों से 'घर के अंदर ही सुरक्षित रहने' की अपील करती है."
मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमले
वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ईरान आत्मरक्षा के लिए सभी सैन्य तरीकों का इस्तेमाल करेगा.
एक बयान में कहा गया है कि अराग़ची ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और इराक जैसे देशों में अपने समकक्षों को फोन किया है.
बयान में इन देशों से कहा गया है कि ईरान अपनी अखंडता की रक्षा के लिए "आत्म-रक्षा के क़ानूनी अधिकार के तहत अपनी सभी रक्षात्मक और मिलिट्री क्षमताओं" का इस्तेमाल करेगा.
बयान के मुताबिक़, अराग़ची ने इन देशों को यह भी "याद दिलाया" कि ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले के लिए "उनकी फ़ैसिलिटीज़ और इलाकों का ग़लत इस्तेमाल रोकना उनकी ज़िम्मेदारी है."
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का ये बयान आने से पहले कतर की राजधानी दोहा में हमलों और सायरन की आवाज सुनाई दी.
क़तर के रक्षा मंत्रालय ने सरकारी मीडिया के हवाले से कहा, "देश की धरती को निशाना बनाकर किए गए कई हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है."
क़तर के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "अमेरिका निर्मित पैट्रियट बैटरी ने एक ईरानी मिसाइल को रोक दिया."
क़तर की राजधानी दोहा के पास मौजूद अल उदैद एयरबेस, मध्य पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशंस का मुख्यालय है.
बीबीसी को कुवैत के एक हाईवे पर ली गई तस्वीरें मिली हैं, जो कथित हमले के बाद के हालात को दिखाती है. इन तस्वीरों में एक जला हुआ ट्रक दिखाई दे रहा है.
इससे पहले, कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-अतवान ने फेसबुक पर पोस्ट में कहा, "अली अल-सलेम हवाई अड्डे (जहां अमेरिकी वायुसेना की मौजूदगी है) को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया था, लेकिन कुवैती वायु रक्षा बलों ने उन्हें सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया."
वहीं बहरीन के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इमरजेंसी सायरन के बारे में जानकारी दी. बहरीन ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित ठिकानों पर जाने की अपील भी की.
बहरीन के नेशनल कम्युनिकेशन सेंटर ने कहा है, "अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का सर्विस सेंटर मिसाइल हमले के निशाने पर है."
बयान में कहा गया, "समय आने पर और अधिक जानकारी दी जाएगी."
"नागरिकों से अपील है कि वो अधिकारियों की ओर से जो दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं, उनका पालन करें."
बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का सर्विस सेंटर है, जिसके कार्यक्षेत्र में खाड़ी, लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर के कुछ हिस्से शामिल हैं.
अमेरिकी सेना की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है. हालांकि अमेरिकी दूतावास ने इससे पहले बहरीन के ऊपर मिसाइलों और ड्रोन हमलों की आशंकाओं के मद्देनजर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की चेतावनी दी थी.
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने भी एक बयान में कहा, "देश पर 'ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से किया गया एक स्पष्ट हमला' हुआ है."
"यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों का कुशलतापूर्वक सामना किया और कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया."
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा, "अबू धाबी के एक रिहायशी इलाके में मलबा गिरा, जिससे कुछ संपत्ति को नुक़सान पहुंचा और एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई."
मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है. लेकिन यूएई ने कहा है कि उसके पास जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है.
अबू धाबी में अमेरिका का सैन्य ठिकाना भी है. अल धफरा यूएस एयर बेस,यूएई की राजधानी अबू धाबी के दक्षिण में स्थित है.
अमेरिकी वायु सेना, यूएई वायु सेना के साथ अबू धाबी के दक्षिण में स्थित अल धाफरा वायु अड्डे से परिचालन करती है.
मध्य-पूर्व में कहां-कहां हैं अमेरिकी ठिकाने
मध्य-पूर्व में अमेरिका सेना के कई ठिकाने हैं. बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है. यहां से अमेरिका खाड़ी और आसपास के समुद्रों में अभियानों की देखरेख करता है.
क़तर की राजधानी दोहा के पास मौजूद अल उदैद एयरबेस, मध्य पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशंस का मुख्यालय है.
ये मध्य पूर्व में सबसे बड़ा अमेरिकी हवाई अड्डा है और यहां अमेरिका के करीब 10 हजार सैनिकों की मौजूदगी है.
संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा यूएस एयर बेस भी अमेरिकी वायु सेना के लिए एक अमेरिकी वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है.
दुबई में स्थित जेबेल अली बंदरगाह, अमेरिका का आधिकारिक सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह है.
इसके अलावा अमेरिका इराक में ऐन अल असद हवाई अड्डे पर अपनी उपस्थिति बनाए रखता है. वहीं उत्तरी इराक में स्थित एरबिल हवाई अड्डा इस क्षेत्र में भी अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है.
जहां तक सऊदी अरब की बात है वहां करीब 2,300 से अधिक अमेरिकी सैनिक सऊदी सरकार के साथ मिलकर एयर एंड मिसाइल डिफेंस मुहैया करवाते हैं. प्रिंस सुल्तान हवाई अड्डा अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है.
जॉर्डन में, मुवफ्फ़क अल साल्टी हवाई अड्डा लेवांत क्षेत्र में अभियानों के लिए अमेरिकी वायु सेना सेंट्रल के 332वें एयर एक्सपेंडरी विंग के लिए महत्वपूर्ण है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.