बांग्लादेश-पाकिस्तान मैच में 'हाई वोल्टेज ड्रामा', सलमान आग़ा को रन आउट देने पर क्यों हुआ विवाद

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पाकिस्तान ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ वनडे मुक़ाबले में 128 रन से जीत हासिल करके सिरीज़ 1-1 से बराबर कर ली है, लेकिन इस मैच के दौरान उसके बल्लेबाज़ सलमान आग़ा का विवादास्पद ढंग से रन आउट होने का मुद्दा चर्चा में है.

मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान सलमान आगा ने रन-आउट को क्रिकेट के नियमों के मुताबिक़ लेकिन 'खेल भावना' के ख़िलाफ़ बताया, वहीं बांग्लादेश के कोच मुश्ताक़ अहमद का मानना ​​था कि कप्तान मेहदी हसन मिराज़ ने 'कुछ भी गलत नहीं किया'.

दूसरे वनडे में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला किया और पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बांग्लादेश को जीत के लिए 275 रनों का लक्ष्य दिया था.

मैच सातवें ओवर में ही पहुंचा था और बांग्लादेश ने तीन विकेट के नुक़सान पर 27 रन बनाए थे, तभी बारिश के कारण मैच रोक दिया गया.

बारिश के बाद जब मैच दोबारा शुरू हुआ, तो ओवरों की संख्या 50 से घटाकर 32 कर दी गई और बांग्लादेश के जीत के लक्ष्य को भी 275 से घटाकर 243 कर दिया गया.

सलमान आग़ा कैसे हुए रन आउट और क्यों हुआ विवाद

पाकिस्तानी पारी के दौरान, बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज़ ने सलमान आग़ा को रन आउट कर दिया. लेकिन इस पर विवाद हो गया. सलमान आग़ा इस पर काफ़ी नाराज़ दिखाई दिए.

हुआ ये कि मोहम्मद रिज़वान ने बांग्लादेशी बॉलर मेहदी हसन की गेंद पर सामने की तरफ़ शॉट खेला,

दूसरे छोर पर खड़े सलमान क्रीज से थोड़ा आगे थे और गेंद उनसे टकरा गई. वीडियो में दिख रहा है कि सलमान गेंद को बल्ले से अपने पास खींचकर उसे उठाकर गेंदबाज़ को देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तभी मेहदी हसन ने गेंद लेकर सलमान आग़ा के स्टंप पर गेंद मार दी.

इसके बाद बांग्लादेश के फ़ील्डरों ने अपांयर से सलमान आग़ा को आउट करार देने की अपील की. फ़ील्ड अंपायर ने इसे थर्ड अंपायर को रैफर कर दिया. और इसके बाद सलमान आग़ा को आउट दे दिया गया.

अपांयर के इस फ़ैसले से सलमान आग़ा बुरी तरह नाराज नज़र आए. पैवेलियन लौटते वक़्त वो अपने ग्लब्स और हेलमेट सीमा रेखा के पास फेंक दिए.

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान आग़ा ने माना कि उन्होंने गुस्से में ऐसा किया था.

सलमान आग़ा क्या बोले

प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सलमान आग़ा ने कहा कि अगर वो बांग्लादेशी गेंदबाज़ मेहदी हसन मिराज़ की जगह होते, तो उनका रवैया अलग होता.

उन्होंने माना कि रन-आउट "नियमों के अनुसार था... लेकिन जब खेल भावना की बात आती है, तो उसे हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए."

सलमान आग़ा बोले, 'अगर उन्हें (मिराज़ को) लगता है कि उन्होंने सही काम किया है, तो ठीक है. लेकिन मेरा रवैया अलग होता. मैं खेल भावना को प्राथमिकता देता."

सलमान ने कहा, "गेंद पहले मेरे पैड पर लगी और फिर बल्ले पर. मुझे लगा कि अब वे मुझे रन आउट नहीं कर सकते... मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था. मेरा रन बनाने का कोई इरादा नहीं था. लेकिन उनकी मंशा कुछ और ही थी."

उन्होंने कहा, "मैंने सोचा कि अगर गेंद मेरे पैर से लगकर आगे भी चली जाती तो भी मुझे रन नहीं मिलेगा क्योंकि मैं उनके रास्ते में खड़ा था."

उनसे पूछा गया कि अगर वे उस स्थिति में पाकिस्तानी कप्तान होते तो क्या करते. इस पर उन्होंने कहा, "हमने अतीत में ऐसा कभी नहीं किया है और न ही भविष्य में करेंगे."

बांग्लादेश के बॉलिंग कोच मुश्ताक़ अहमद की दलील

प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान बांग्लादेश के स्पिन गेंदबाज़ी कोच और पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मुश्ताक़ अहमद से भी इस बारे में पूछा गया.

इस पर उन्होंने कहा, "सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि हमें समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ. मिराज़ को लगा कि सलमान क्रीज से बाहर थे और गेंद को रोकने की कोशिश कर रहे थे. उसी पल आग़ा को लगा कि वह गेंद लौटाने में मदद कर सकते हैं. वह गेंद मिराज़ को वापस देना चाहते थे."

उन्होंने कहा, "मुझे भी ठीक से नहीं पता. मिराज़ की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी कि वह गेंद को पकड़ने और रन आउट करने की कोशिश करे. आग़ा क्रीज से बाहर थे. यह सब बहुत जल्दी हुआ. मुझे लगता है कि उस समय दोनों में से किसी की भी गलती नहीं थी. सलमान उनकी मदद करना चाहते थे, लेकिन मिराज़ खेल में पूरी तरह डूबे हुए थे."

बांग्लादेश के कोच ने कहा, "गेंद अभी भी लाइव थी. आग़ा क्रीज से बाहर थे. एक गेंदबाज़ के तौर पर, जब आप गेंद पकड़ते हैं, तो आपका मकसद रन आउट करना होता है. आग़ा क्रीज से काफी दूर थे. उन्हें लगा कि गेंद रुक गई है... मिराज़ ने कोई गलती नहीं की."

सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रिया

इस विवादास्पद रन आउट पर कुछ क्रिकेट खिलाड़ियों और क्रिकेट फ़ैन्स ने सोशल मीडिया पर अपनी राय दी है.

भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, '' यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है. विकेट लेने की कितनी भी बेचैनी क्यों न हो, इस तरह का रन-आउट सही नहीं ठहराया जा सकता. और वह भी तब, जब यह काम टीम के कप्तान ने किया हो.''

उन्होंने लिखा, '' युवा खिलाड़ियों को इसे याद रखना चाहिए कि भले ही वर्ल्ड कप फाइनल ही क्यों न दांव पर लगा हो, फिर भी वैसा कभी मत करना जैसा बांग्लादेश के कप्तान ने किया. फेयर प्ले के बिना खेल, खेल नहीं रह जाता.''

हालांकि गौरव नाम के एक यूजर ने लिखा, "आप गलत हैं, मोहम्मद कैफ़. गेंद अभी भी लाइव थी. फ़ील्डर ने कोई सहमति नहीं दी थी, और सलमान ऐसे क्रीज़ के बाहर घूम रहे थे जैसे सुबह की सैर पर निकले हों. क्रिकेट की भावना अच्छी बात है, लेकिन रूल बुक को जानना उससे भी ज़्यादा जरूरी है.''

पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशंसकों ने तो इसे 'खेल भावना की हत्या' तक कह दिया.

अब्दुल वसी नाम के एक यूजर ने एक्स पर लिखा, "मेहदी हसन का सलमान अली आग़ा को इस तरह से आउट करना करना खेल भावना की निर्मम हत्या है. यह घटना बेहद शर्मनाक थी.''

अब्दुल रहमान ने एक्स पर लिखा, "क्या हमें इसे आग़ा की खेल की समझ की कमी कहना चाहिए या मेहदी की ओर से खेल भावना की कमी?''

पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद आमिर ने कहा, "इस पूरे घटनाक्रम में ग़लती अंपायरों की भी है. मेहदी हसन ने बल्लेबाज़ के लिए बाधा पैदा की. तीसरे अंपायर को बैनेफिट ऑफ़ डाउट सलमान आग़ा को देना चाहिए था. खेल भावना अहमियत देनी चाहिए."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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