नवेलनी को मेंढक के जिस ज़हर से मारने का दावा किया गया, वो कितना ख़तरनाक है

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इमेज कैप्शन, ब्रिटेन का दावा है कि डार्ट फ़्रॉग के ज़हर से रूस के विपक्षी नेता को मारा गया था
    • Author, एडम गोल्डस्मिथ
    • Author, टॉम मैक आर्थर
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

ब्रिटेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने दावा किया है कि रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी की हत्या डार्ट फ्रॉग के ज़हर से विकसित किए गए एक टॉक्सिन से की गई थी.

नवेलनी की साइबेरिया की एक दंड कॉलोनी में मौत के दो साल बाद, ब्रिटेन और उसके सहयोगियों ने उनके शरीर से मिले नमूनों के विश्लेषण के आधार पर क्रेमलिन को ज़िम्मेदार ठहराया है.

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए ब्रिटेन के विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि जेल में बंद नवेलनी के ख़िलाफ़ इस ज़हर का इस्तेमाल करने के लिए 'केवल रूसी सरकार के पास साधन, मंशा और मौक़ा' था.

तास समाचार एजेंसी के अनुसार, मॉस्को ने इन नतीजों को 'दुष्प्रचार अभियान' कहकर ख़ारिज कर दिया है.

हालांकि कूपर ने कहा कि नवेलनी के शरीर में एपिबैटिडिन नामक टॉक्सिन के पाए जाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं पता चला है.

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कूपर की घोषणा के साथ ही ब्रिटेन, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड ने संयुक्त बयान जारी किया.

कूपर ने इस सप्ताहांत सम्मेलन में नवेलनी की पत्नी यूलिया नवेलनी से भी मुलाकात की.

कूपर ने कहा, "रूस नवेलनी को एक ख़तरे के रूप में देखता था. इस तरह के ज़हर का इस्तेमाल कर रूसी सरकार ने दिखाया कि उसके पास कितने घृणित साधन हैं और वह राजनीतिक विपक्ष से कितना भयभीत है."

एलेक्सी नवेलनी साइबेरिया में क़ैद थे?

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इमेज कैप्शन, एलेक्सी नवेलनी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रतिद्वंद्वी और मुखर आलोचक थे
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संयुक्त बयान में सहयोगी देशों ने कहा, "रूस के साइबेरिया स्थित जेल में क़ैद के दौरान नवेलनी को निशाना बनाने के लिए इस घातक टॉक्सिन के इस्तेमाल के साधन, मंशा और अवसर केवल रूसी राज्य के पास थे और हम उनकी मौत के लिए उसे ही ज़िम्मेदार मानते हैं."

बयान के अनुसार, "एपिबैटिडिन स्वाभाविक रूप से दक्षिण अमेरिका के जंगली डार्ट फ़्रॉग में पाया जाता है. कै़द में पाले गए डार्ट फ़्रॉग यह टॉक्सिन नहीं बनाते और यह रूस में स्वाभाविक रूप से नहीं पाया जाता है."

नवेलनी के "असाधारण साहस" की सराहना करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने कहा, "सच को सामने लाने का उनका संकल्प एक स्थायी विरासत छोड़ गया है."

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने भी कहा कि उनका देश नवेलनी को श्रद्धांजलि देता है, जिन्हें उन्होंने "एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक रूस के पक्ष में संघर्ष के वजह से मारा गया."

भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चलाने वाले और रूस के प्रमुख विपक्षी नेता नवेलनी की 16 फ़रवरी 2024 को 47 वर्ष की उम्र में जेल में अचानक मौत हो गई थी.

2020 में उन्हें नोविचोक नर्व एजेंट से ज़हर दिया गया था. उनका इलाज जर्मनी में हुआ और रूस लौटने पर उन्हें हवाई अड्डे पर गिरफ़्तार कर लिया गया था.

'अत्यंत दुर्लभ ज़हर'

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इमेज कैप्शन, एक्सपर्ट का कहना है कि डार्ट फ़्रॉग का ज़हर मॉर्फ़िन से 200 गुना अधिक शक्तिशाली होता है

एपिबैटिडिन, जिसके इस्तेमाल का दावा ब्रिटेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने किया है, सबसे पहले उत्तरी दक्षिण अमेरिका के ज़हर वाले डार्ट फ़्रॉग के एक समूह से प्राप्त किया गया था.

हालांकि एपिबैटिडिन पर पहले दर्द निवारक और फेफड़ों की सूजन संबंधी स्थितियों में राहत के लिए शोध हुआ था, लेकिन इसे चिकित्सकीय उपयोग के लिए बहुत अधिक ज़हरीला माना गया.

बीबीसी रूसी से बात करते हुए टॉक्सिन विज्ञान विशेषज्ञ जिल जॉनसन ने कहा कि यह "मॉर्फ़िन से 200 गुना अधिक शक्तिशाली" है.

उन्होंने कहा कि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के रिसेप्टर्स पर असर डालते हुए यह "मांसपेशियों में झटके और लकवा, दौरे, हृदय गति धीमी होना, श्वसन विफलता और अंत में मृत्यु" का कारण बन सकता है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि यह अत्यंत दुर्लभ न्यूरोटॉक्सिन केवल एक जंगली मेंढक प्रजाति में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है और तभी बनता है जब मेंढक एक विशेष आहार लेता है.

शोधकर्ताओं का मानना है कि मेंढक इसे अपने आहार से प्राप्त करते हैं क्योंकि अलग-अलग आवासों के जानवरों में टॉक्सिन के स्तर अलग पाए गए हैं और कै़द में पाले गए मेंढकों में यह नहीं होता.

जॉनसन ने इसे "किसी व्यक्ति को ज़हर देने का बेहद दुर्लभ तरीक़ा" बताया.

उन्होंने कहा, "सही स्थान पर ऐसे जंगली मेंढक को ढूंढना जो सही आहार खा रहा हो ताकि सही एल्कलॉइड बना सकें, लगभग असंभव है."

पत्नी यूलिया का दावा

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इमेज कैप्शन, नवेलनी की पत्नी यूलिया नवेलनी लगातार दावा करती रही हैं कि उनके पति की ज़हर देकर हत्या की गई थी

शनिवार की घोषणा से पहले नवेलनी की पत्नी यूलिया नवालनाया लगातार यह कहती रही थीं कि 2024 में आर्कटिक दंड कॉलोनी में सज़ा काटते समय उनके पति को ज़हर देकर मारा गया.

पिछले साल सितंबर में नवालनाया ने कहा था कि दो देशों की प्रयोगशालाओं में तस्करी कर ले जाए गए जैविक नमूनों के विश्लेषण से पता चला कि उनके पति की "हत्या की गई."

उन्होंने कथित ज़हर, नमूनों या विश्लेषण के बारे में विवरण नहीं दिया, लेकिन दोनों प्रयोगशालाओं से अपने परिणाम सार्वजनिक करने की चुनौती दी.

घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए नवालनाया ने कहा, "पहले दिन से ही मुझे यकीन था कि मेरे पति को ज़हर दिया गया, लेकिन अब सबूत है.

"मैं दो साल तक किए गए सावधानीपूर्वक काम और सच उजागर करने के लिए यूरोपीय देशों की आभारी हूं."

राज्य संचालित समाचार एजेंसी तास के अनुसार, क्रेमलिन की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा, "ये सभी बयान पश्चिम की गंभीर समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए चलाया गया सूचना अभियान हैं."

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जिन्होंने नवेलनी के जीवित रहते उनका नाम लेने से परहेज़ किया, उन्होंने उनकी मौत के एक महीने बाद संक्षेप में कहा था कि किसी व्यक्ति का निधन "हमेशा दुखद घटना" है.

मौत के समय नवेलनी तीन साल से जेल में थे. उन्हें कथित रूप से मनगढ़ंत आरोपों में सज़ा दी गई थी और हाल ही में उन्हें दंड कॉलोनी में स्थानांतरित किया गया था.

रूसी पक्ष के अनुसार 47 वर्षीय नवेलनी ने साइबेरिया की दंड कॉलोनी में थोड़ी देर टहलने के बाद अस्वस्थ महसूस किया, फिर गिर पड़े और दोबारा होश में नहीं आए.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.