सोशल मीडिया की लत से जुड़े केस में मेटा और यूट्यूब दोषी, साढ़े 56 करोड़ रुपये का जुर्माना

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- Author, केली हेज
- पदनाम, टेक्नोलॉजी रिपोर्टर
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
अमेरिका में लॉस एंजेलिस की एक जूरी ने एक युवा महिला के पक्ष में ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाया है.
इस महिला ने मेटा और यूट्यूब पर आरोप लगाया था कि उनके बचपन में इन प्लेटफॉर्म के कारण उसे सोशल मीडिया की लत लग गई थी.
जूरी ने पाया कि इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक और व्हाट्सऐप के मालिकाना हक़ वाली मेटा और यूट्यूब के मालिक गूगल ने जानबूझकर ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म बनाए जिनसे लोगों को लत लग सकती थी.
जूरी के मुताबिक़ इससे केली नाम की 20 साल की महिला के मानसिक स्वास्थ्य को नुक़सान पहुँचा.
केली को हर्ज़ाने के तौर पर 60 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब साढ़े 56 करोड़ रुपये चुकाने का फ़ैसला भी सुनाया गया है.
जूरी ने कहा कि केली को 30 लाख डॉलर हर्ज़ाने और 30 लाख डॉलर इन कंपनियों से दंड के तौर पर मिलना चाहिए.
जूरी इस निष्कर्ष पर पहुँची कि मेटा और गूगल ने अपने प्लेटफ़ॉर्म्स को संचालित करने के तरीके में "दुर्भावना, उत्पीड़न या धोखाधड़ी" का सहारा लिया था.
इस फ़ैसले के तहत केली को मिलने वाले कुल हर्ज़ाने में से 70 फ़ीसदी राशि मेटा को चुकानी होगी, जबकि शेष 30 फ़ीसदी गूगल को देनी होगी.
इस फ़ैसले का असर अमेरिका की अदालतों में चल रहे सैकड़ों ऐसे ही अन्य मामलों पर भी पड़ने की संभावना है.

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मेटा और गूगल ने अलग-अलग बयान जारी करते हुए कहा कि वे इस फ़ैसले से सहमत नहीं हैं और वे इसके ख़िलाफ़ अपील करेंगे.
मेटा ने कहा, "किशोरों का मानसिक स्वास्थ्य एक बेहद जटिल विषय है और इसे सिर्फ़ किसी एक ऐप से जोड़कर नहीं देखा जा सकता."
"हम अपना बचाव पूरी मज़बूती से करते रहेंगे, क्योंकि हर मामला अपने आप में अलग होता है. हम ऑनलाइन दुनिया में किशोरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने अब तक के रिकॉर्ड को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं."
गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा, "इस मामले में यूट्यूब को गलत समझा गया है, यूट्यूब एक जिम्मेदार वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है, न कि सोशल मीडिया साइट."
अदालत के बाहर जश्न

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अन्य कई बच्चों के माता-पिता, जो केली के मुकदमे का हिस्सा नहीं थे, उन्होंने भी दावा किया है कि उनके बच्चे भी सोशल मीडिया से प्रभावित हुए. वो पाँच हफ्ते तक चले इस मुकदमे के दौरान अदालत के बाहर मौजूद रहे.
जब फैसला आया, तो एमी नेविल जैसे माता-पिता जश्न मनाते हुए देखे गए. एमी ने वहाँ मौजूद अन्य माता-पिता और समर्थकों को गले लगाया जो फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे थे.
लॉस एंजेलिस का यह फैसला एक दिन बाद आया, जब न्यू मेक्सिको में एक जूरी ने मेटा को इस बात के लिए जिम्मेदार ठहराया कि उसके प्लेटफॉर्म ने बच्चों को ख़तरे में डाला और उन्हें यौन रूप से स्पष्ट सामग्री और यौन अपराधियों के संपर्क में आने के जोखिम में डाला.
फॉरेस्टर के रिसर्च डायरेक्टर माइक प्रोलक्स ने कहा कि सोशल मीडिया को लेकर लोगों में नकारात्मक भावना कई सालों से बढ़ रही थी और अब आख़िरकार यह फूट पड़ी है.
'लत लगाने वाली मशीनें'

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हाल के महीनों में, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को रोकने या सीमित करने के लिए प्रतिबंध लगाए हैं. वहीं, ब्रिटेन इस समय एक पायलट प्रोग्राम चला रहा है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध कैसे काम कर सकता है.
फरवरी में जूरी के सामने अपनी पेशी के दौरान, मेटा के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क ज़करबर्ग ने अपनी कंपनी की लंबे समय से चली आ रही उस नीति का सहारा लिया, जिसके तहत 13 साल से कम उम्र के यूजर को उनके किसी भी प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाती.
जब कुछ ऐसे इंटरनल रिसर्च और दस्तावेज़ पेश किए गए, जिनसे यह दिखता था कि मेटा को पता था कि छोटे बच्चे वास्तव में उनके प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे थे, तो मार्क ज़करबर्ग ने कहा कि वह "हमेशा चाहते थे कि 13 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं की पहचान की प्रक्रिया में तेज़ी लाए जाए.
उन्होंने जोर देकर कहा कि समय के साथ कंपनी ये पहचान करने की 'सही स्थिति' तक पहुंच गई है.
हालांकि वीडियो-शेयरिंग साइट यूट्यूब के मालिक के रूप में गूगल भी इस मामले में प्रतिवादी था, लेकिन मुकदमे की अधिकांश कार्यवाही इंस्टाग्राम और मेटा पर केंद्रित रही.
स्नैप और टिकटॉक भी शुरुआत में इस मामले में प्रतिवादी थे, लेकिन दोनों कंपनियों ने ट्रायल से पहले ही केली के साथ अज्ञात शर्तों पर समझौता कर लिया.
जहां तक केली के वकीलों का सवाल है, उन्होंने तर्क दिया कि मेटा और यूट्यूब ने 'लत लगाने वाली मशीनें' बनाईं थीं और बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म तक पहुंच से रोकने की जिम्मेदारी निभाने में वे विफल रहे.
'परिवार से मिलना-जुलना बंद कर दिया था'

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केली ने कहा कि उसने नौ साल की उम्र में इंस्टाग्राम और छह साल की उम्र में यूट्यूब का इस्तेमाल शुरू किया, और उसकी उम्र के कारण (प्लेटफॉर्म्स की ओर से) उसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया.
अपनी गवाही के दौरान केली ने कहा, "मैंने परिवार के साथ मेल-जोल बंद कर दिया क्योंकि मैं अपना सारा समय सोशल मीडिया पर बिताने लगी थी."
केली ने कहा कि वह 10 साल की थी जब उसे चिंता और डिप्रेशन के लक्षण महसूस होने लगे, जिनका कई साल बाद थेरेपिस्ट ने इलाज किया.
उसने अपनी शारीरिक बनावट को लेकर जुनूनी होना भी शुरू कर दिया और इंस्टाग्राम के ऐसे फिल्टर इस्तेमाल करने लगी जो उसकी शक्ल बदल देते थे- उसकी नाक को छोटा और आंखों को बड़ा दिखाते थे- यह सब उसने बचपन में ही प्लेटफॉर्म इस्तेमाल शुरू करने के तुरंत बाद शुरू कर दिया था.
उसके वकीलों ने तर्क दिया कि इंस्टाग्राम की कुछ ख़ासियतें, जैसे कई घंटों तक स्क्रॉल (इनफिनिट स्क्रॉल), इस तरह से डिजाइन की गई थीं कि वे लत लगाने वाली हों. मेटा ने इन प्लेटफॉर्म्स को इस तरह से बनाया जिससे युवा उनके प्लेटफॉर्म्स का अधिक से अधिक उपयोग करें.
बच्चों को प्लेटफॉर्म्स से होने वाले कथित नुकसान को लेकर मेटा और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ख़िलाफ़ एक और मामला जून में कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में शुरू होने वाला है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.


































