पाँच वर्षों में चाँद की चाह....

इमेज स्रोत, BBC World Service
चीन ने अगले पाँच वर्षों के लिए अपनी अंतरिक्ष की योजना के बारे में श्वेत पत्र जारी किया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अंतरिक्ष की उड़ानों को प्रोत्साहित करेगा और नई तकनीक की खोज करेगा.
उसकी योजना है कि वह अगली पीढ़ी के लिए रॉकेट बनाए और अंतरिक्ष की गहराइयों तक अन्वेषण करे.
दीर्घकालिक योजना की बात करें, तो चीन अंतरिक्ष स्टेशन बनाने और मानव को चाँद पर पहुँचाने पर काम कर रहा है.
श्वेत पत्र में चीन की साल 2006 से अंतरिक्ष योजना से जुड़ी गतिविधयों के बारे में जानकारी दी गई है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नीतियों का ब्यौरा भी दिया गया है.
इस क़दम को चीन के अंतरिक्ष के कार्यक्रमों को लेकर पैदा हुई चिंताओं को शांत करने के तौर पर भी देखा जा रहा है.
रिपोर्ट में कहा गया है, ''चीन शांतिपूर्ण और साफ अंतरिक्ष बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिल कर काम करेगा और दुनिया में शांति और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए योगदान करेगा.''
इसमें चीन की रूस, ब्राज़ील, फ़्रांस और ब्रिटेन जैसे दूसरे देशों के साथ साझेदारियों की भी जानकारी दी है.
चाँद की चाह
उसमें कहा गया है कि चीन अंतरिक्ष के क्षेत्र में अमरीका के साथ बातचीत जारी रखेगा.
चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को राष्ट्रीय विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रगति के लिए अहम मानता है.
श्वेत पत्र के अनुसार शेन्जू-9 और शेन्जू-10 अंतरिक्ष यानों को लांच कर थियनकांग-1 के डॉक में रखा जाएगा.
थियनकांग-1 यानी 'स्वर्ग का महल' को सितंबर में लांच किया गया था. चीन के अंतरिक्ष स्टेशन का यह पहला भाग है.
चीन चाँद का सर्वेक्षण करने वाले यान का भी प्रक्षेपण करेगा और फिर उस पर पहुँच कर नमूने लेगा, ताकि उसका अध्ययन कर सके.
चीन मानव को चाँद पर पहुँचाना चाहता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले पाँच सालों में चीन मानव को चाँद पर पहुँचाने की प्राथमिक योजना का अध्ययन करेगा.
































