चेन ग्वांगचेंग: जान से मारने की धमकी का डर

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चीन के बहुचर्चित सरकार विरोधी चेन ग्वांगचेंग ने कहा है कि उन्हें अमरीकी दूतावास इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई.
दृष्टिहीन चेन ग्वांगचेंग ने छह हफ्तों से राजधानी बीजिंग में स्थित अमरीकी दूतावास में शरण ली हुई थी.
उनके एक दोस्त ने कहा है कि उन्हें बताया गया कि सादे कपड़ो में जो एजंट कई महीनों से चेन ग्वांगचेंग की पत्नी और बच्चों को परेशान कर रहे हैं वे अब उन्हें पीटने की कोशिश करेंगे.
चार वर्ष जेल में बिताने के बाद चेन ग्वांगचेंग, वर्ष 2010 से अपने घर में नजरबंद थे और अप्रैल में वहां से भागने में कामयाब हुए थे.
इससे पहले चेन ग्वांगचेंग ने चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा है कि उन्होंने "अपनी इच्छा से" अमरीकी दूतावास छोड़ा है.
चेन ग्वांगचेंग के बारे में ये विरोधाभासी जानकारी ऐसे समय में आ रही है जब अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन सालाना उच्च-स्तरीय बातचीत के लिए चीन के दौरे पर हैं.
चीन की नाराजगी
गुरुवार और शुक्रवार को होने वाली इस बातचीत में सीरिया और व्यापार जैसे मुद्दों पर बात होनी है लेकिन चेन के मामले का साया भी इस पर मंडरा रहा है.
चीन ने इस मुद्दे पर अमरीका से माफी मांगने को कहा है और उस पर अपने अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है.

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शिन्हुआ की रिपोर्ट में कहा गया है कि चेन को "अनुचित तरीके से" अमरीकी दूतावास में ले जाया गया.
चीन में अमरीकी राजदूत गैरी लॉक ने 'वॉशिंगटन पोस्ट' अखबार को फोन पर बताया कि वह चेन को अपनी कार में बैठा कर बीजिंग के एक स्वास्थ्य केंद्र ले गए.
अमरीकी अधिकारियों के मुताबिक स्वास्थ देखभाल के बाद चेन अपने परिवार के पास चले जाएंगे.
2010 से नजरबंद थे
चेन को यातायात में बाधा डालने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए चार साल जेल में गुजारने के बाद वर्ष 2010 से घर पर नजरबंद रखा जा रहा था.
वो जबरदस्ती गर्भपात और नसबंदी के खिलाफ शानदोंग प्रांत के लिनयी शहर में मुहिम चला चुके हैं.
चीन में 'एक बच्चे की नीति' के तहत अधिकारियों पर जबरदस्ती गर्भपात और नसबंदी कराने के आरोप लगते रहे हैं.
चेन पिछले महीने के आखिर में नजरबंदी से बच निकलने में कामयाब रहे थे.
































